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पेपर पैरासोमनिया से बचें परीक्षार्थी: डॉ मनदर्शन
Updated Tue, 06 Feb 2018 12:17 AM IST
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परीक्षार्थी लें छह घंटे की नींद, तरोताजा हो दें परीक्षा
फैजाबाद। जिला चिकित्सालय के किशोर मनोपरामर्शदाता डॉ. आलोक मनदर्शन ने बताया कि ज्यादातर छात्रों की हर परीक्षा तिथि के पूर्व की रात बेचैन मनोदशा से भरी होती है। नतीजन चिंतित अर्धनिद्रा जैसी स्थिति में पूरी रात काट देते है। फि र सुबह वे अपने को तरोताजा महसूस नहीं कर पाते है। जिसका दुष्प्रभाव उनके एग्जाम पर पड़ सकता है। परीक्षा तिथि की इस पूर्व रात्रि मनोदशा को पेपर पैरासोमनिया कहा जाता है। डॉ. मनदर्शन ने बताया कि छह से आठ घंटे की स्वस्थ नींद के लिए हमारे मस्तिष्क में पर्याप्त मात्रा में मेलाटोनिन नामक मनोरसायन का होना आवश्यक है। परंतु परीक्षा पूर्व की रात्रि में तनाव बढ़ाने वाले मनोरसायन कार्टिसॉल की मात्रा काफी बढ़ जाने के कारण मेलाटोनिन का स्तर बहुत कम हो जाता है। जिससे हमारी नींद तो दुष्प्रभावित होती ही है, साथ ही मेलाटोनिन की कमी से हमारे मन में उत्साह व आत्म विश्वास पैदा करने वाले मनोरसायन सेराटोनिन का भी स्तर काफी कम हो जाता है। इसलिए जरूरत इस बात की है कि परीक्षा तिथि से पूर्व की रात्रि छात्र शांत व संतुष्टि के मनोभाव से छह से आठ घंटे की गहरी नींद अवश्य लें। सोने से पहले अपने मन को अगले दिन की परीक्षा की विषय-वस्तु व अन्य सोच विचार से मन को आसक्त न होने दें, बल्कि आत्म-संतुष्टि व आत्म-विश्वास भरे मनोभाव से कुछ मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से धीरे-धीरे नींद को अपने ऊपर हावी होने दें।
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फैजाबाद। जिला चिकित्सालय के किशोर मनोपरामर्शदाता डॉ. आलोक मनदर्शन ने बताया कि ज्यादातर छात्रों की हर परीक्षा तिथि के पूर्व की रात बेचैन मनोदशा से भरी होती है। नतीजन चिंतित अर्धनिद्रा जैसी स्थिति में पूरी रात काट देते है। फि र सुबह वे अपने को तरोताजा महसूस नहीं कर पाते है। जिसका दुष्प्रभाव उनके एग्जाम पर पड़ सकता है। परीक्षा तिथि की इस पूर्व रात्रि मनोदशा को पेपर पैरासोमनिया कहा जाता है। डॉ. मनदर्शन ने बताया कि छह से आठ घंटे की स्वस्थ नींद के लिए हमारे मस्तिष्क में पर्याप्त मात्रा में मेलाटोनिन नामक मनोरसायन का होना आवश्यक है। परंतु परीक्षा पूर्व की रात्रि में तनाव बढ़ाने वाले मनोरसायन कार्टिसॉल की मात्रा काफी बढ़ जाने के कारण मेलाटोनिन का स्तर बहुत कम हो जाता है। जिससे हमारी नींद तो दुष्प्रभावित होती ही है, साथ ही मेलाटोनिन की कमी से हमारे मन में उत्साह व आत्म विश्वास पैदा करने वाले मनोरसायन सेराटोनिन का भी स्तर काफी कम हो जाता है। इसलिए जरूरत इस बात की है कि परीक्षा तिथि से पूर्व की रात्रि छात्र शांत व संतुष्टि के मनोभाव से छह से आठ घंटे की गहरी नींद अवश्य लें। सोने से पहले अपने मन को अगले दिन की परीक्षा की विषय-वस्तु व अन्य सोच विचार से मन को आसक्त न होने दें, बल्कि आत्म-संतुष्टि व आत्म-विश्वास भरे मनोभाव से कुछ मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से धीरे-धीरे नींद को अपने ऊपर हावी होने दें।