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हिन्दू-मुस्लिमों ने किया शहीदों का तर्पण
Updated Fri, 08 Sep 2017 11:47 PM IST
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सरयू तट पर किया तर्पण, राममंदिर निर्माण का लिया संकल्प
अयोध्या। रामनगरी में शुक्रवार को एक बार फिर सांप्रदायिक सद्भाव की खुशबू बिखरी, जब हिन्दू-मुस्लिमों ने एक साथ मिलकर देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले अमर सपूतों का पितृपक्ष के अवसर पर सरयू तट की सहस्त्रधारा घाट पर तर्पण किया, इस अवसर पर सौहार्दपूर्वक राममंदिर निर्माण का भी संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के संयोजक स्वामी हरिदयाल मिश्र ने कहा कि देश की आजादी के लिए सभी वर्गों ने मिलकर संघर्ष किया। अशफाकउल्ला खां, वीर अब्दुल हमीद, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, महात्मा गांधी जैसे सपूतों ने अपने प्राणों की बलि दी। आज हमने उनका तर्पण कर सद्गति की प्रार्थना की साथ ही साथ सौहार्दपूर्वक राममंदिर निर्माण का भी संकल्प लिया।
रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास ने कहा कि देश के अमर सपूतों को सद्गति मिले इसके लिए तर्पण अर्पण किया गया है। कहा कि रामनगरी गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल है, इसका प्रमाण है कि अयोध्या के मुस्लिम भी राममंदिर निर्माण के लिए आगे आ रहे हैं।
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मंदिर निर्माण की मुहिम चला रहे बब्लू खान ने कहा कि हमारे पूर्वज एक ही थे, हमें लड़ाने का प्रयास अब कामयाब नहीं होगा। हम आपसी सौहार्द से अयोध्या मसला हल कर पूरे विश्व को सद्भाव की एक सीख दे जाएंगे। अमर शहीदों का तर्पण करने वालों में सरदार चरनजीत सिंह, शरद पाठक बाबा, कासिम भाई, संतोष तिवारी मौजूद रहे।
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अयोध्या। रामनगरी में शुक्रवार को एक बार फिर सांप्रदायिक सद्भाव की खुशबू बिखरी, जब हिन्दू-मुस्लिमों ने एक साथ मिलकर देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले अमर सपूतों का पितृपक्ष के अवसर पर सरयू तट की सहस्त्रधारा घाट पर तर्पण किया, इस अवसर पर सौहार्दपूर्वक राममंदिर निर्माण का भी संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के संयोजक स्वामी हरिदयाल मिश्र ने कहा कि देश की आजादी के लिए सभी वर्गों ने मिलकर संघर्ष किया। अशफाकउल्ला खां, वीर अब्दुल हमीद, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, महात्मा गांधी जैसे सपूतों ने अपने प्राणों की बलि दी। आज हमने उनका तर्पण कर सद्गति की प्रार्थना की साथ ही साथ सौहार्दपूर्वक राममंदिर निर्माण का भी संकल्प लिया।
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रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास ने कहा कि देश के अमर सपूतों को सद्गति मिले इसके लिए तर्पण अर्पण किया गया है। कहा कि रामनगरी गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल है, इसका प्रमाण है कि अयोध्या के मुस्लिम भी राममंदिर निर्माण के लिए आगे आ रहे हैं।
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मंदिर निर्माण की मुहिम चला रहे बब्लू खान ने कहा कि हमारे पूर्वज एक ही थे, हमें लड़ाने का प्रयास अब कामयाब नहीं होगा। हम आपसी सौहार्द से अयोध्या मसला हल कर पूरे विश्व को सद्भाव की एक सीख दे जाएंगे। अमर शहीदों का तर्पण करने वालों में सरदार चरनजीत सिंह, शरद पाठक बाबा, कासिम भाई, संतोष तिवारी मौजूद रहे।