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अयोध्या से जनकपुर तक निकली यात्रा
Updated Sun, 17 Dec 2017 01:18 AM IST
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अयोध्या। श्रीराम सांस्कृतिक शोध संस्थान न्यास के तत्वावधान में शनिवार को अयोध्या के राजेंद्र भवन मंदिर से जनकपुर के लिए 12 दिवसीय यात्रा रवाना हुई।
यात्रा 41 तीर्थस्थलों का भ्रमण करते हुए 27 दिसंबर को वापस अयोध्या पहुंचेगी। यात्रा के संयोजक श्रीराम सांस्कृतिक शोध संस्थान के डॉ. रामअवतार शर्मा ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य अयोध्या से जनकपुर के बीच पड़ने वाले तीर्थस्थलों का संरक्षण कर उनके बारे में लोगों को जानकारी देना है।
रामायण सर्किट योजना उपेक्षित
पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा लगभग डेढ़ साल पूर्व शुरू की गई रामायण सर्किट योजना समिति के चेयरमैन डॉ. शर्मा का आरोप है कि केंद्र सरकार इस योजना के क्रियान्यवन में कोई रुचि नहीं ले रही है।
डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी सरकार ने अभी तक समिति की एक भी बैठक नहीं बुलाई। इसको लेकर पर्यटन मंत्री सहित सचिव को 12 पत्र लिखे हैं, एक पत्र प्रधानमंत्री को भेजा है लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला।
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कहा कि सरकार ने राम वनगमन मार्ग घोषित किया है, जबकि सरकारी दस्तावेजों में राम वनगमन मार्ग है ही नहीं।
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यात्रा 41 तीर्थस्थलों का भ्रमण करते हुए 27 दिसंबर को वापस अयोध्या पहुंचेगी। यात्रा के संयोजक श्रीराम सांस्कृतिक शोध संस्थान के डॉ. रामअवतार शर्मा ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य अयोध्या से जनकपुर के बीच पड़ने वाले तीर्थस्थलों का संरक्षण कर उनके बारे में लोगों को जानकारी देना है।
रामायण सर्किट योजना उपेक्षित
पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा लगभग डेढ़ साल पूर्व शुरू की गई रामायण सर्किट योजना समिति के चेयरमैन डॉ. शर्मा का आरोप है कि केंद्र सरकार इस योजना के क्रियान्यवन में कोई रुचि नहीं ले रही है।
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डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी सरकार ने अभी तक समिति की एक भी बैठक नहीं बुलाई। इसको लेकर पर्यटन मंत्री सहित सचिव को 12 पत्र लिखे हैं, एक पत्र प्रधानमंत्री को भेजा है लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला।
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कहा कि सरकार ने राम वनगमन मार्ग घोषित किया है, जबकि सरकारी दस्तावेजों में राम वनगमन मार्ग है ही नहीं।