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प्रधानमंत्री मोदी के अयोध्या आने पर अड़े परमहंस

Wed, 03 Oct 2018 11:04 PM IST
Updated Wed, 03 Oct 2018 11:04 PM IST
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प्रधानमंत्री मोदी के अयोध्या आने पर अड़े परमहंस
मोदी अयोध्या आकर मंदिर निर्माण का दें आदेश
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अयोध्या। राममंदिर के लिए आमरण अनशन पर बैठे तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने अनशन के तीसरे दिन बुधवार को दो टूक कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या आकर रामलला के दर्शन करें। टेंट में विराजमान रामलला की पीड़ा समझें और राममंदिर बनाने का आदेश करें, तभी वे अनशन खत्म करेंगे। वरना आखिरी सांस तक अनशन चलता रहेगा। परमहंस के समर्थन में संत भी उतर गए हैं, संतों ने बृहस्पतिवार को सामूहिक अनशन करने का भी एलान किया है। उधर, सांसद, विधायक व विहिप के नेता परमहंस को मनाने पहुंचे और उनकी मांग को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का भी आश्वासन दिया, लेकिन परमहंस अपने मांग पर अडिग रहे।

राममंदिर निर्माण व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या आने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास को संतों समेत अन्य संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। वहीं अनशन खत्म कराने के लिए बुधवार को सांसद लल्लू सिंह, विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय, नगर विधायक वेद गुप्ता, पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती, शरद शर्मा, अभिषेक मिश्र सहित तमाम लोग परमहंस का मान मनौव्वल करने पहुंचे। सांसद ने उनकी मांग प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का भी आश्वासन दिया। जिस पर परमहंस ने कहा कि रामलला की स्थिति कितनी दयनीय है, वह टेंट में हैं।
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मोदी अयोध्या आकर उनके दर्शन करें और राममंदिर बनाने का आदेश करें, अनशन समाप्त कर दूंगा। नगर विधायक वेद गुप्ता ने भी परमहंस की मांग को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन देते हुए कहा कि राममंदिर तो अयोध्या में ही बनेगा, लेकिन मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए निर्णय का इंतजार करना चाहिए। उधर बड़ी संख्या में बुधवार को संत भी परमहंस के समर्थन आए। रंगमहल के महंत रामशरण दास ने कहा कि महंत परमहंस भगवान राम के लिए अनशन कर रहे हैं, उनका उद्देश्य पवित्र है। मोदी देश-विदेश घूम सकते हैं तो अयोध्या क्यों नहीं आ सकते। पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती ने कहा कि मुझे विश्वास है कि 2019 से पूर्व राममंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा।
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कहा कि सभी संत-महंत राष्ट्रपति को पत्र लिखें कि अयोध्या मामले की सुनवाई जल्द हो। रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास, बड़ाभक्तमाल के महंत अवधेश दास, महंत मनमोहन दास, महंत नागा रामलखन दास, महंत संतगोपाल दास, महंत दिलीप दास, सहित अन्य संतों ने अनशन स्थल पहुंचकर महंत परमहंस के साथ सांकेतिक अनशन किया और बृहस्पतिवार को सामूहिक अनशन का एलान भी किया। शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष अभय द्विवेदी ने अनशन स्थल पर पहुंचकर राममंदिर निर्माण की मांग बुलंद की। 48 घंटे से अनशन पर बैठे महंत परमहंस दास के स्वास्थ्य की जांच करने बुधवार सुबह करीब 9 बजे श्रीराम चिकित्सालय से आई डॉक्टरों की टीम ने चिकित्सीय परीक्षण किया।। टीम श्रीराम अस्पताल के डॉक्टर आदित्य प्रकाश के निर्देशन में पहुंची।


परीक्षण के बाद डॉक्टर आदित्यप्रकाश ने बताया कि महंत परमहंस का स्वास्थ्य सामान्य है। ब्लड व यूरिन जांच के लिए लिया गया है। विहिप ने महंत परमहंस को अपना समर्थन देते हुए उनका अनशन जायज बताया। विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने भी अनशन स्थल पहुंचकर महंत परमहंस दास को मनाने का प्रयास किया। कहा कि स्वामी परमहंस का अनशन पवित्र कार्य के लिए है। रात्रि के समय अदालतें खुल सकती हैं तो अयोध्या मसले को लटकाने की जरूरत क्यों। महामहिम राष्ट्रपति व भारत सरकार को इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिए। राष्ट्रपति सक्षम अदालत से निवदेन करें कि सप्ताह में तीन दिन अयोध्या मसले पर सुनवाई कर दो महीने में मसला समाप्त करें। अयोध्या मसले को जल्द निपटाना विश्व शांति के लिए आवश्यक है।
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