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द्वितीय विश्वयुद्ध में लड़ चुके सैनिक की हुई मौत
Updated Wed, 13 Sep 2017 12:19 AM IST
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विश्वयुद्ध में बहादुरी से लड़े थे शिवबालक पांडेय
बीकापुर (फैजाबाद)। द्वितीय विश्वयुद्ध में अपनी जांबाजी का लोह मनवा चुके 106 वर्ष के पूर्व सैनिक का मंगलवार दोपहर उनके पैतृक आवास पर निधन हो गया। वयोवृद्ध पूर्व सैनिक के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसडीएम प्रमोद कुमार तिवारी ने पूर्व सैनिक को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवारीजनों को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। बीकापुर तहसील क्षेत्र के लुत्फाबाद बछौली निवासी पूर्व सैनिक शिवबालक पांडेय (106) द्वितीय विश्वयुद्ध में बहादुरी से लड़े थे।
उनके परिवार में पुत्र ओमप्रकाश पांडेय व रघुनाथ पांडेय और एक पुत्री समेत नाती-पोते आदि हैं। बड़े पुत्र ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि, पिता जी द्वितीय विश्वयुद्ध में बर्मा व रंगून के मोर्चे पर बड़ी ही बहादुरी से लड़े थे। जिसके लिए उन्हें मेडल भी मिल चुका है। डोगरा रेजीमेंट के अधिकारियों ने भी उन्हें सम्मानित किया है।
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वयोवृद्ध होने के बावजूद वे सुबह उठकर चींटियों को आटा खिलाते थे और करीब एक किलोमीटर पैदल चलते थे। पूर्व सैनिक शिवबालक पांडेय को जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग से छह हजार रुपये मासिक पेंशन मिलती थी। उनके निधन पर प्रधान पति पवन मिश्र, केएस मिश्र, दिलीप उपाध्याय सहित तमाम लोगों ने शोक संवेदना व्यक्त की है।
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बीकापुर (फैजाबाद)। द्वितीय विश्वयुद्ध में अपनी जांबाजी का लोह मनवा चुके 106 वर्ष के पूर्व सैनिक का मंगलवार दोपहर उनके पैतृक आवास पर निधन हो गया। वयोवृद्ध पूर्व सैनिक के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसडीएम प्रमोद कुमार तिवारी ने पूर्व सैनिक को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवारीजनों को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। बीकापुर तहसील क्षेत्र के लुत्फाबाद बछौली निवासी पूर्व सैनिक शिवबालक पांडेय (106) द्वितीय विश्वयुद्ध में बहादुरी से लड़े थे।
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उनके परिवार में पुत्र ओमप्रकाश पांडेय व रघुनाथ पांडेय और एक पुत्री समेत नाती-पोते आदि हैं। बड़े पुत्र ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि, पिता जी द्वितीय विश्वयुद्ध में बर्मा व रंगून के मोर्चे पर बड़ी ही बहादुरी से लड़े थे। जिसके लिए उन्हें मेडल भी मिल चुका है। डोगरा रेजीमेंट के अधिकारियों ने भी उन्हें सम्मानित किया है।
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वयोवृद्ध होने के बावजूद वे सुबह उठकर चींटियों को आटा खिलाते थे और करीब एक किलोमीटर पैदल चलते थे। पूर्व सैनिक शिवबालक पांडेय को जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग से छह हजार रुपये मासिक पेंशन मिलती थी। उनके निधन पर प्रधान पति पवन मिश्र, केएस मिश्र, दिलीप उपाध्याय सहित तमाम लोगों ने शोक संवेदना व्यक्त की है।