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ई-हास्पिटल बनने जा रहा जिला अस्पताल
Updated Tue, 09 Jan 2018 12:01 AM IST
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ई-हॉस्पिटल बनेगा जिला अस्पताल
फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ की तर्ज पर जिला अस्पताल भी ई-हॉस्पिटल बनने जा रहा है। 37 लाख की लागत से पहले चरण में ओपीडी व इमरजेंसी को ऑनलाइन किए जाने का काम शुरू हो गया है। 15 लाख की सीआर्म मशीन, 25 लाख की लागत से अल्ट्रासाउंड मशीन और 50 लाख की लागत से डिजिटल एक्स-रे मशीन जिला अस्पताल को मिल गई है। सीएमएस डॉ. हरिओम श्रीवास्तव ने बताया कि सीआर्म मशीन के स्थापित होने से हड्डियों के ऑपरेशन में बहुत आसानी होगी। नई व्यवस्था में अब अस्पताल आने वाले मरीजों के रजिस्ट्रेशन से लेकर डॉक्टर कीजांच रिपोर्ट तक ऑनलाइन रिकॉर्ड होने लगेगी। इससे रोगियों को अनायास की भाग-दौड़ से भी राहत मिलेगी और अस्पताल में दर-दर भटकना नहीं पड़ेगा। साथ ही प्रदेश के किसी भी कोने से लोग अस्पताल में खाली बेड की स्थिति पता कर सकेंगे।
मालूम हो कि नेशनल हेल्थ मिशन के तहत अब जिला अस्पताल को ऑनलाइन किया जा रहा है। इस कार्य के भारत संचार निगम लिमिटेड की ओर से ओपीडी कक्ष के ऊपर टॉवर स्थापित किया जा रहा है। इस प्रक्रिया को दो फेज में पूरा किया जाएगा। वेबसाइट का पहला फेज शीघ्र ही लांच किया जा रहा है। जिसके तहत ओपीडी व इमरजेंसी कक्ष को पहले चरण में ऑनलाइन किया जाएगा। इसके लिए 19 कंप्यूटर स्थापित किए जाएंगे। ओपीडी व इमरजेंसी एरिया में इन दिनों प्वाइंट स्थापित करने व वायरिंग आदि का कार्य प्रगति पर है। इसके कुछ समय बाद दूसरे चरण में काम शुरू होगा। इस व्यवस्था के वजूद में आते ही मरीज ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए प्रदेश के किसी कोने से वेबसाइट पर लॉग इन कर अस्पताल में अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे।
सीएमएस डॉ. हरिओम श्रीवास्तव ने बताया कि कार्य पूर्ण होने के बाद बीएसएनएल को कुल 37 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा। जिसके क्रम में प्रथम किश्त का भुगतान किया जा चुका है। ई-हॉस्पिटल बनने के बाद एनएचएम की टीम द्वारा छह माह तक जिला अस्पताल के संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। बताया कि, अस्पताल के ऑनलाइन हो जाने के बाद दूर-दराज से आने वाले मरीजों को काफी फायदा होगा। वह घर बैठे रजिस्ट्रेशन समेत डॉक्टर का अपॉइंटमेंट भी ले सकेंगे। साथ ही जांच रिपोर्ट के लिए उन्हें अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्हें ऑनलाइन ही रिपोर्ट मिल जाएगी। इसके साथ ही उन्हें एसएमएस से भी मैसेज भेजा जाएगा। सीएमएस ने बताया कि, अस्पताल के ऑनलाइन हो जाने से मरीजों और तीमारदारों को हॉस्पिटल में भर्ती, डिस्चार्ज और रेफर स्टेटस का भी पता चल सकेगा। इसके साथ ही ब्लड बैंक को भी पूरी तरह से ऑनलाइन किया जाएगा। इसमें ब्लड बैंक में मौजूद ब्लड यूनिट्स का स्टेटस ब्लड ग्रुप के साथ ऑनलाइन मिल सकेगा।
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ऑनलाइन होने से यह होगा लाभ
-घर बैठे रजिस्ट्रेशन
-जांच रिपोर्ट ऑनलाइन
-मरीजों के सभी मेडिकल रिकॉर्ड क्लाउड सर्वर पर सेव होंगे
-एडमिशन, डिस्चार्ज व रेफर स्टेटस आदि की जानकारी
- डॉक्टरों से आनलाइन समय लेना
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फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ की तर्ज पर जिला अस्पताल भी ई-हॉस्पिटल बनने जा रहा है। 37 लाख की लागत से पहले चरण में ओपीडी व इमरजेंसी को ऑनलाइन किए जाने का काम शुरू हो गया है। 15 लाख की सीआर्म मशीन, 25 लाख की लागत से अल्ट्रासाउंड मशीन और 50 लाख की लागत से डिजिटल एक्स-रे मशीन जिला अस्पताल को मिल गई है। सीएमएस डॉ. हरिओम श्रीवास्तव ने बताया कि सीआर्म मशीन के स्थापित होने से हड्डियों के ऑपरेशन में बहुत आसानी होगी। नई व्यवस्था में अब अस्पताल आने वाले मरीजों के रजिस्ट्रेशन से लेकर डॉक्टर कीजांच रिपोर्ट तक ऑनलाइन रिकॉर्ड होने लगेगी। इससे रोगियों को अनायास की भाग-दौड़ से भी राहत मिलेगी और अस्पताल में दर-दर भटकना नहीं पड़ेगा। साथ ही प्रदेश के किसी भी कोने से लोग अस्पताल में खाली बेड की स्थिति पता कर सकेंगे।
मालूम हो कि नेशनल हेल्थ मिशन के तहत अब जिला अस्पताल को ऑनलाइन किया जा रहा है। इस कार्य के भारत संचार निगम लिमिटेड की ओर से ओपीडी कक्ष के ऊपर टॉवर स्थापित किया जा रहा है। इस प्रक्रिया को दो फेज में पूरा किया जाएगा। वेबसाइट का पहला फेज शीघ्र ही लांच किया जा रहा है। जिसके तहत ओपीडी व इमरजेंसी कक्ष को पहले चरण में ऑनलाइन किया जाएगा। इसके लिए 19 कंप्यूटर स्थापित किए जाएंगे। ओपीडी व इमरजेंसी एरिया में इन दिनों प्वाइंट स्थापित करने व वायरिंग आदि का कार्य प्रगति पर है। इसके कुछ समय बाद दूसरे चरण में काम शुरू होगा। इस व्यवस्था के वजूद में आते ही मरीज ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए प्रदेश के किसी कोने से वेबसाइट पर लॉग इन कर अस्पताल में अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे।
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सीएमएस डॉ. हरिओम श्रीवास्तव ने बताया कि कार्य पूर्ण होने के बाद बीएसएनएल को कुल 37 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा। जिसके क्रम में प्रथम किश्त का भुगतान किया जा चुका है। ई-हॉस्पिटल बनने के बाद एनएचएम की टीम द्वारा छह माह तक जिला अस्पताल के संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। बताया कि, अस्पताल के ऑनलाइन हो जाने के बाद दूर-दराज से आने वाले मरीजों को काफी फायदा होगा। वह घर बैठे रजिस्ट्रेशन समेत डॉक्टर का अपॉइंटमेंट भी ले सकेंगे। साथ ही जांच रिपोर्ट के लिए उन्हें अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्हें ऑनलाइन ही रिपोर्ट मिल जाएगी। इसके साथ ही उन्हें एसएमएस से भी मैसेज भेजा जाएगा। सीएमएस ने बताया कि, अस्पताल के ऑनलाइन हो जाने से मरीजों और तीमारदारों को हॉस्पिटल में भर्ती, डिस्चार्ज और रेफर स्टेटस का भी पता चल सकेगा। इसके साथ ही ब्लड बैंक को भी पूरी तरह से ऑनलाइन किया जाएगा। इसमें ब्लड बैंक में मौजूद ब्लड यूनिट्स का स्टेटस ब्लड ग्रुप के साथ ऑनलाइन मिल सकेगा।
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ऑनलाइन होने से यह होगा लाभ
-घर बैठे रजिस्ट्रेशन
-जांच रिपोर्ट ऑनलाइन
-मरीजों के सभी मेडिकल रिकॉर्ड क्लाउड सर्वर पर सेव होंगे
-एडमिशन, डिस्चार्ज व रेफर स्टेटस आदि की जानकारी
- डॉक्टरों से आनलाइन समय लेना