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घरों व आबादी को काट रहीं सरयू की लहरें
Updated Wed, 01 Aug 2018 12:49 AM IST
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अयोध्या-बिल्हर घाट तटबंध पर कटान की जद में आए घर, पलायन
फैजाबाद। सरयू की कटान तेज होती जा रही है। लाल निशान 92.73 मीटर से दो सेमी. ऊपर दूसरे दिन भी जलस्तर थमा रहा। अयोध्या-बिल्हर घाट तटबंध के कछार में कटान की जद में आए दर्जनभर घरों को खतरा है।
इससे भयभीत लोग ऊंचे स्थान के लिए परिवार समेत पलायन कर रहे हैं। आबादी की मिट्टी तेजी से कट रही है। सैकड़ों बीघा खेत भी नदी में समाते जा रहे हैं। हालांकि बैराज से मंगलवार को 2.18 क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है।
सरयू का जलस्तर रविवार को दोपहर बाद लाल निशान 92.73 मीटर को पार गया था। इसके बाद उसी दिन सरयू के जलस्तर में लगातार वृद्धि होती रही और जलस्तर 92.82 मीटर तक पहुंचने के बाद अब सोमवार दोपहर बाद 92.75 मीटर पर स्थिर हो गया।
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मंगलवार को भी जलस्तर इसी पर स्थिर रहा, हालांकि बैराज से 2.18 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। दूसरी ओर उफनाई सरयू से अयोध्या-बिल्हरघाट तटबंध के कछार में कटान शुरू हो गई है। मडना के मांझा बलूईया में सोमवार को ग्रामीणों का काफी नुकसान हुआ है।
ग्रामीण शत्रुघन निषाद, राम शंकर निषाद ,गोजई , राम प्यारे, बबलू निषाद ने बताया कि आवासीय घर नदी में समाते जा रहे हैं। इससे भयभीत लोग ऊंचे स्थान के लिए पलायन कर रहे हैं।
कटान के कारण मडना बलुईया निवासी अरविंद कुमार यादव, अनूप कुमार यादव ,अरुण यादव, रजवंत सिंह, विजय कुमार यादव, हनुमान सिंह, भानु प्रताप सिंह सहित दर्जनों लोगों की सैकड़ों बीघा जमीन फसल सहित खेत नदी में समा गई है।
ग्राम प्रधान मुडाडिहा तेज बहादुर निषाद ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को राहत के नाम पर कुछ नहीं मिल रहा है। उधर, डीएम अनिल कुमार ने बाढ़ इलाकों में राजस्व व बाढ़ खंड की टीमों को सक्रिय रहने की हिदायत दी है।
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फैजाबाद। सरयू की कटान तेज होती जा रही है। लाल निशान 92.73 मीटर से दो सेमी. ऊपर दूसरे दिन भी जलस्तर थमा रहा। अयोध्या-बिल्हर घाट तटबंध के कछार में कटान की जद में आए दर्जनभर घरों को खतरा है।
इससे भयभीत लोग ऊंचे स्थान के लिए परिवार समेत पलायन कर रहे हैं। आबादी की मिट्टी तेजी से कट रही है। सैकड़ों बीघा खेत भी नदी में समाते जा रहे हैं। हालांकि बैराज से मंगलवार को 2.18 क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है।
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सरयू का जलस्तर रविवार को दोपहर बाद लाल निशान 92.73 मीटर को पार गया था। इसके बाद उसी दिन सरयू के जलस्तर में लगातार वृद्धि होती रही और जलस्तर 92.82 मीटर तक पहुंचने के बाद अब सोमवार दोपहर बाद 92.75 मीटर पर स्थिर हो गया।
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मंगलवार को भी जलस्तर इसी पर स्थिर रहा, हालांकि बैराज से 2.18 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। दूसरी ओर उफनाई सरयू से अयोध्या-बिल्हरघाट तटबंध के कछार में कटान शुरू हो गई है। मडना के मांझा बलूईया में सोमवार को ग्रामीणों का काफी नुकसान हुआ है।
ग्रामीण शत्रुघन निषाद, राम शंकर निषाद ,गोजई , राम प्यारे, बबलू निषाद ने बताया कि आवासीय घर नदी में समाते जा रहे हैं। इससे भयभीत लोग ऊंचे स्थान के लिए पलायन कर रहे हैं।
कटान के कारण मडना बलुईया निवासी अरविंद कुमार यादव, अनूप कुमार यादव ,अरुण यादव, रजवंत सिंह, विजय कुमार यादव, हनुमान सिंह, भानु प्रताप सिंह सहित दर्जनों लोगों की सैकड़ों बीघा जमीन फसल सहित खेत नदी में समा गई है।
ग्राम प्रधान मुडाडिहा तेज बहादुर निषाद ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को राहत के नाम पर कुछ नहीं मिल रहा है। उधर, डीएम अनिल कुमार ने बाढ़ इलाकों में राजस्व व बाढ़ खंड की टीमों को सक्रिय रहने की हिदायत दी है।