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अयोध्या में श्रीराम विवाहोत्सव का श्रीगणेश
Updated Sat, 18 Nov 2017 11:34 PM IST
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अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में श्रीराम विवाहोत्सव का श्रीगणेश हो चुका है। अयोध्या के विभिन्न मंदिरों में उत्सवों का दौर शुरू हो चुका है। अनुष्ठान, कथा, प्रवचन सहित रामलीला मंचन भक्तों के श्रद्धाकर्षण का केंद्र बन रहा है। विवाहोत्सव को लेकर रामनगरी में उत्सव का माहौल है। विभिन्न मंदिरों से आगामी 23 नवंबर को राम बारात भी निकाली जाएगी।
दशरथ महल बड़ास्थान में विन्दुगाद्याचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य की अध्यक्षता में शनिवार को श्रीरामकथा शुभारंभ के साथ ही सात दिवसीय उत्सव का श्रीगणेश हो गया। कथा व्यास युगल किशोर शरण ने कथामृत की वर्षा करते हुए कहा कि राम की कथा जीवन की सारी व्यथा को मिटा देती है।
राम मर्यादा के अवतार हैं, इसलिए उन्हें मर्यादापुरुषोत्तम कहा जाता है। महंत देवेन्द्रप्रसादाचार्य ने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन रात आठ से 11 बजे तक रामलीला मंचन का भी आयोजन किया गया है। रंगमहल मंदिर में महंत रामशरण दास के सानिध्य में विवाहोत्सव की धूम है।
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मंदिर में मंडप स्थापना के साथ विविध आयोजनों का सिलसिला संचालित है। मंदिर में सखी परंपरा के तहत विवाहोत्सव का आयोजन होता है। शनिवार को सखी वेष में भक्तों ने माता किशोरी को इत्र, दही, गंगाजल, पंचमेवा आदि से स्नान कराकर पूजन अर्चन किया।
महंत रामशरण दास ने बताया कि मंदिर में 20 नवंबर से रामलीला मंचन का आयोजन होगा। 23 को रामबारात निकाली जाएगी। रामनगरी के मणिरामदास छावनी, श्रीरामबल्लभाकुंज, जानकी महल ट्रस्ट, विअहुति भवन, लक्ष्मण किला सहित अन्य मंदिरों में भी धार्मिक आयोजन शुरू हो गए हैं।
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दशरथ महल बड़ास्थान में विन्दुगाद्याचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य की अध्यक्षता में शनिवार को श्रीरामकथा शुभारंभ के साथ ही सात दिवसीय उत्सव का श्रीगणेश हो गया। कथा व्यास युगल किशोर शरण ने कथामृत की वर्षा करते हुए कहा कि राम की कथा जीवन की सारी व्यथा को मिटा देती है।
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राम मर्यादा के अवतार हैं, इसलिए उन्हें मर्यादापुरुषोत्तम कहा जाता है। महंत देवेन्द्रप्रसादाचार्य ने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन रात आठ से 11 बजे तक रामलीला मंचन का भी आयोजन किया गया है। रंगमहल मंदिर में महंत रामशरण दास के सानिध्य में विवाहोत्सव की धूम है।
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मंदिर में मंडप स्थापना के साथ विविध आयोजनों का सिलसिला संचालित है। मंदिर में सखी परंपरा के तहत विवाहोत्सव का आयोजन होता है। शनिवार को सखी वेष में भक्तों ने माता किशोरी को इत्र, दही, गंगाजल, पंचमेवा आदि से स्नान कराकर पूजन अर्चन किया।
महंत रामशरण दास ने बताया कि मंदिर में 20 नवंबर से रामलीला मंचन का आयोजन होगा। 23 को रामबारात निकाली जाएगी। रामनगरी के मणिरामदास छावनी, श्रीरामबल्लभाकुंज, जानकी महल ट्रस्ट, विअहुति भवन, लक्ष्मण किला सहित अन्य मंदिरों में भी धार्मिक आयोजन शुरू हो गए हैं।