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बिजली चोरी पर नहीं लग रहा अंकुश
Updated Thu, 21 Sep 2017 10:31 PM IST
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फैजाबाद। सरकार द्वारा समय-समय पर बिजली चोरी रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान व विभिन्न अपीलों के बावजूद जिले में बिजली चोरी रुकने का नाम नहीं ले रही है। अगस्त में जिलेभर में हुए औचक निरीक्षण में लगभग 209 बिजली चोरी के मामले सामने आए।
अब राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली चोरी मिलने पर शमन शुल्क के साथ दोगुना जुर्माना वसूलने का फरमान जारी किया है। पावर कार्पोरेशन विभाग की लाख कोशिशों के बावजूद बिजली चोरी पर लगाम नहीं लग पा रही है। शहर से लेकर देहात तक कटिया कनेक्शन धारकों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है।
कुछ स्थानों पर भूमिगत केबिल व एबीसी केबिल लग जाने से कटिया कनेक्शन पर कुछ लगाम जरूर लगी है, फिर भी प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि अभी भी जिले भर में बिजली चोरी लोग पावर कार्पोरेशन को लाखों का चूना लगा रहे हैं। देहात क्षेत्र में कटिया कनेक्शन धारकों की संख्या शहरी क्षेत्र के अलावा कहीं ज्यादा है।
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इसी वजह से ग्रामीण लो-वोल्टेज की समस्या भी जूझ रहे हैं और आए दिन प्रदर्शन तक की नौबत आ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी एबीसी केबल नहीं पहुंच सकी है, जिससे धड़ल्ले से लोग दिन के उजाले में या शाम होते ही कटिया लगा लेते हैं और तमाम विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं।
जिले के सभी विद्युत उपकेंद्र पर सम्बल योजना के तहत बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें चोरी रोकने का काफी हद तक प्रयास किया गया और कई औचक निरीक्षण किए गए, लेकिन आशा के अनुरूप सफलता नहीं मिली।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बीते अगस्त माह में पावर कार्पोरेशन व विजिलेंस टीम के संयुक्त नेतृत्व में जिले भर में कुल तीन सौ औचक निरीक्षण किए गए, जिसमें 209 बिजली चोरी के मामले सामने आए। इनमें से 11 पर एफआईआर दर्ज की गई, जबकि गिरफ्तारी किसी की नहीं हुई।
विभाग की सख्ती से इनमें से दो सौ मामलों में कुल 16.82 लाख शमन शुल्क की वसूली की गई। अधिशासी अभियंता मनोज सोनकर ने बताया कि विजिलेंस व पावर कार्पोरेशन की संयुक्त टीम से प्रतिमाह औसतन लगभग तीन सौ औचक निरीक्षण किए जाते हैं। अनियमितता व बिजली चोरी पाए जाने पर कार्रवाई भी की जाती है।
सभी अवर अभियंताओं को दिया निर्देश
बिजली चोरी रोकने के लिए व राज्य विद्युत नियामक आयोग के निर्देशों का सख्ती से अनुपालन कराए जाने के लिए जिले के सभी अवर अभियंताओं को निर्देशित किया गया है। विभाग द्वारा भी औसतन तीन सौ औचक निरीक्षण प्रतिमाह किया जाता है और लाखों का शमन शुल्क भी वसूला जाता है।
-हर्ष मुंशी, महाप्रबंधक पावर कार्पोरेशन
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अब राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली चोरी मिलने पर शमन शुल्क के साथ दोगुना जुर्माना वसूलने का फरमान जारी किया है। पावर कार्पोरेशन विभाग की लाख कोशिशों के बावजूद बिजली चोरी पर लगाम नहीं लग पा रही है। शहर से लेकर देहात तक कटिया कनेक्शन धारकों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है।
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कुछ स्थानों पर भूमिगत केबिल व एबीसी केबिल लग जाने से कटिया कनेक्शन पर कुछ लगाम जरूर लगी है, फिर भी प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि अभी भी जिले भर में बिजली चोरी लोग पावर कार्पोरेशन को लाखों का चूना लगा रहे हैं। देहात क्षेत्र में कटिया कनेक्शन धारकों की संख्या शहरी क्षेत्र के अलावा कहीं ज्यादा है।
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इसी वजह से ग्रामीण लो-वोल्टेज की समस्या भी जूझ रहे हैं और आए दिन प्रदर्शन तक की नौबत आ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी एबीसी केबल नहीं पहुंच सकी है, जिससे धड़ल्ले से लोग दिन के उजाले में या शाम होते ही कटिया लगा लेते हैं और तमाम विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं।
जिले के सभी विद्युत उपकेंद्र पर सम्बल योजना के तहत बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें चोरी रोकने का काफी हद तक प्रयास किया गया और कई औचक निरीक्षण किए गए, लेकिन आशा के अनुरूप सफलता नहीं मिली।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बीते अगस्त माह में पावर कार्पोरेशन व विजिलेंस टीम के संयुक्त नेतृत्व में जिले भर में कुल तीन सौ औचक निरीक्षण किए गए, जिसमें 209 बिजली चोरी के मामले सामने आए। इनमें से 11 पर एफआईआर दर्ज की गई, जबकि गिरफ्तारी किसी की नहीं हुई।
विभाग की सख्ती से इनमें से दो सौ मामलों में कुल 16.82 लाख शमन शुल्क की वसूली की गई। अधिशासी अभियंता मनोज सोनकर ने बताया कि विजिलेंस व पावर कार्पोरेशन की संयुक्त टीम से प्रतिमाह औसतन लगभग तीन सौ औचक निरीक्षण किए जाते हैं। अनियमितता व बिजली चोरी पाए जाने पर कार्रवाई भी की जाती है।
सभी अवर अभियंताओं को दिया निर्देश
बिजली चोरी रोकने के लिए व राज्य विद्युत नियामक आयोग के निर्देशों का सख्ती से अनुपालन कराए जाने के लिए जिले के सभी अवर अभियंताओं को निर्देशित किया गया है। विभाग द्वारा भी औसतन तीन सौ औचक निरीक्षण प्रतिमाह किया जाता है और लाखों का शमन शुल्क भी वसूला जाता है।
-हर्ष मुंशी, महाप्रबंधक पावर कार्पोरेशन