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ऋणमाफी की टूटी उम्मीदों को फिर जगी आस

Sat, 10 Mar 2018 01:16 AM IST
Updated Sat, 10 Mar 2018 01:16 AM IST
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ऋणमाफी की टूटी उम्मीदों को फिर जगी आस
ऋणमाफी की 12 हजार किसानों में फिर जगी आस
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फैजाबाद। जिले में हजारों किसानों की ऋणमाफी की उम्मीद फिर परवान चढ़ने वाली है। इनमें अधिकतर जिले के सीमांत इलाकों से हैं, जिनका गैर जिलों की बैंकों के खाता होने से सत्यापन में पेंच फंस गया था। काफी संघर्ष के बाद शासन के आदेश पर अब ऑनलाइन शिकायतें लेकर जिला प्रशासन ऋणमाफी का लाभ देने की कवायद में जुट गया है। संघर्ष के बाद अब ऋणमाफी के लिए करीब 12 हजार कृषकों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। 11 से 16 मार्च तक विभागीय सत्यापन के बाद पात्र किसानों की सूची संस्तुति के लिए शासन को भेजी जाएगी।
सरकार द्वारा शुरू की गई कर्जमाफी योजना से किन्हीं कारणों से वंचित रहे पात्र किसानों के दिन भी बहुरने की उम्मीद जगी है। सरकार की ओर से ऐसे किसानों से यूपी कर्ज राहत पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत मांगी गई थी। जिस पर अभी तक करीब 12 हजार किसानों ने शिकायत दर्ज कराई है। अब जिला कृषि अधिकारी के नेतृत्व में जिले के अन्य अधिकारी इन शिकायतों की जांच व सत्यापन करेंगे। वैध शिकायतों पर दावे स्वीकृत करके शासन से धन की मांग की जाएगी। प्रदेश सरकार ने किसानों को कर्ज पर अधिकतम एक लाख रुपये तक माफ करने का निर्देश दिया था। जिसके क्रम में कुल तीन चरणों में 37100 किसानों का कुल 188.043 करोड़ रुपये ऋण माफ किया जा चुका है। बीते माह रुदौली विधायक रामचंद्र यादव ने विधानसभा में दो जिले के फेर में ऋणमाफी का लाभ न मिल पाने के मुद्दे को उठाया था, जिसके बाद से इस प्रक्रिया में और तेजी आई है। शासन की ओर से तय किए मापदंडों के आधार पर जो कृषक विभिन्न कारणों से खरे नहीं उतर सके, उन्हें मायूसी हाथ लगी। ज्यादातर कृषकों का अभिलेख पूर्ण न होने, दो जगहों पर ऋण होने व उसका संपूर्ण विवरण तत्समय स्पष्ट न होने, ऋण लिए गए गाटों की उस समय जांच न हो पाने, बंद पड़े खाते आदि विभिन्न कारणों से जिले के बहुत से कृषकों को इस योजना का लाभ नहीं मिल सका। ऐसे किसान लंबे समय से बैंक से लेकर जिले के उच्चाधिकारियों सहित शासन-प्रशासन तक चक्कर काट रहे थे। कुछ कृषकों का ऋण गैर जनपद से स्वीकृत होने के फेर में भी कर्जमाफी से वंचित हो गए थे। इन तमाम कारणों से कर्जमाफी को लेकर सरकार की किरकिरी भी शुरू हो गई थी। जिस पर गंभीरता से विचार करते हुए शासन की ओर से ऐसे पात्र किसानों से पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने को कहा गया था। 10 मार्च तक शिकायतें प्राप्त होने के बाद 11 मार्च से 16 मार्च तक शिकायतों का सत्यापन किये जाने के बाद 23 मार्च को लाभान्वित होने वालों की वास्तविक सूची शासन को भेजी जाएगी। अभी तक रुदौली तहसील से सर्वाधिक 3379 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जबकि सबसे कम शिकायत सोहावल तहसील से आई हैं।
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बाराबंकी के 398 किसानों केस कर्ज माफी की संस्तुति
सहकारिता के एनपीए व गैर जनपद के किसानों की कर्जमाफी के लिए संस्तुति की जा चुकी है। सहकारिता के बंद पड़े खातों (एनपीए) के 3066 किसानों का 1.90 करोड़ के भुगतान के लिए शासन को संस्तुति बीते माह भेजी जा चुकी है। साथ ही बाराबंकी जनपद के 398 ऐसे किसान, जिनका ऋण फैजाबाद जिले से स्वीकृत हुआ है, उनका भी 31.15 लाख भुगतान के लिए 22 फरवरी को शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही इन किसानों को भी ऋणमाफी का लाभ मिल सकेगा।
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अब तक पोर्टल पर ऋणमाफी से वंचित सभी प्रकार के किसानों की करीब 12 हजार शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। 11 मार्च से पात्र किसानों के सत्यापन के बाद शासन को स्वीकृति के लिए संस्तुति की जाएगी।-बीके सिंह, जिला कृषि अधिकारी फैजाबाद
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