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दहेज हत्या में पति को उम्र कैद
Updated Tue, 16 Jan 2018 11:17 PM IST
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दहेज हत्या में पति को उम्र कैद
फैजाबाद। दहेज के लिए विवाहिता की हत्या करने वाले पति को कोर्ट ने मंगलवार को आजीवन कठोर कारावास व सास-ससुर को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। तीनों को कोर्ट ने सोमवार को दोषी पाते हुए न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया था। सजा पर सुनवाई के बाद सबको सजा भुगतने के लिए फिर जेल भेज दिया गया। फैसला जिलाजज चंद्रहास राम की अदालत से हुुआ।
जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि घटना 27 जून 2009 की है। सुल्तानपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के बौरी गांव निवासी पारसनाथ दूबे ने अपनी बहन पूजा की शादी 2005 में मवई थाना क्ष्ेात्र के मत्थानेवादा गांव निवासी दिलीप कुमार तिवारी के साथ की थी। शादी के बाद ससुराल वाले दहेज में बाइक की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित करने लगे। प्रताड़ना से तंग आकर विवाहिता मायके चली गई और दो साल ससुराल नहीं गई। काफी मान मनौव्वल के बाद ससुर लल्लन तिवारी उसे विदा कराकर ले गए। 27 जून 2009 को ससुराल वालों ने विवाहिता पर केरोसिन डालकर जला दिया। आठ दिन तक जिंदगी व मौत से संघर्ष करने के बाद मेडिकल कॉलेज लखनऊ में पूजा की मौत हो गई। इसकी रिपोर्ट पूजा के भाई पारसनाथ ने पति दिलीप तिवारी, सास गया देवी, ससुर लल्लन तिवारी के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व दहेज हत्या व दहेज प्रतिशोध अधिनियम में लिखाई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीनों को सभी धाराओं में सजा सुनाई।
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फैजाबाद। दहेज के लिए विवाहिता की हत्या करने वाले पति को कोर्ट ने मंगलवार को आजीवन कठोर कारावास व सास-ससुर को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। तीनों को कोर्ट ने सोमवार को दोषी पाते हुए न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया था। सजा पर सुनवाई के बाद सबको सजा भुगतने के लिए फिर जेल भेज दिया गया। फैसला जिलाजज चंद्रहास राम की अदालत से हुुआ।
जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि घटना 27 जून 2009 की है। सुल्तानपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के बौरी गांव निवासी पारसनाथ दूबे ने अपनी बहन पूजा की शादी 2005 में मवई थाना क्ष्ेात्र के मत्थानेवादा गांव निवासी दिलीप कुमार तिवारी के साथ की थी। शादी के बाद ससुराल वाले दहेज में बाइक की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित करने लगे। प्रताड़ना से तंग आकर विवाहिता मायके चली गई और दो साल ससुराल नहीं गई। काफी मान मनौव्वल के बाद ससुर लल्लन तिवारी उसे विदा कराकर ले गए। 27 जून 2009 को ससुराल वालों ने विवाहिता पर केरोसिन डालकर जला दिया। आठ दिन तक जिंदगी व मौत से संघर्ष करने के बाद मेडिकल कॉलेज लखनऊ में पूजा की मौत हो गई। इसकी रिपोर्ट पूजा के भाई पारसनाथ ने पति दिलीप तिवारी, सास गया देवी, ससुर लल्लन तिवारी के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व दहेज हत्या व दहेज प्रतिशोध अधिनियम में लिखाई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीनों को सभी धाराओं में सजा सुनाई।
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