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उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ डाला छठ व्रत का पारण
Updated Fri, 27 Oct 2017 11:18 PM IST
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उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ डाला छठ व्रत का पारण
अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद/अयोध्या। सूर्योपासना का महापर्व डाला छठ का व्रत शुक्रवार को चौथे दिन सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पूजन-अर्चन के बीच महाप्रसाद बांटने के साथ सकुशल पूरा हो गया। माताओं ने पुत्रों की दीर्घायु के लिए प्रार्थना की। महाप्रसाद ग्रहण करके महिलाओं ने व्रत का पारण किया। सरयू नदी के गुप्तारघाट, अयोध्या, महबूबगंज, शृंगीघाट पर महिलाओं, पुरुषों, युवाओं-युवतियों और बच्चों की भारी भीड़ से मेले जैसा नजारा रहा।
जिले भर में सप्तमी तिथि पर सुबह शुक्रवार एक बार फिर व्रती महिलाएं परिवार के साथ ढोल-नगाड़े के बीच छठ माता के गीत गाती हुईं सरयू नदी समेत जलाशयों की ओर रवाना हुईं। इस दौरान तमाम लोग लोग थिरक रहे थे। सिर पर फलों व पूजा सामग्री की दउरी, सूप, गन्ना लेकर परिवार के लोग बच्चों के साथ घाटों पर बनाई वेदी स्थलों पर पहुंचे। महिलाओं ने वेदी पर दीप जलाए और फल, सिंदूर चढ़ाकर छठ माता समेत शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना की। बाद में पानी में गन्ने गाड़े गए। महिलाओं ने कमर भर पानी में खड़े होकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। इसी के साथ सूर्योदय की महाआरती हुई। महिलाओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण किया। महाप्रसाद परिवार के लोगों में बीच बांटा गया। इसी के साथ संत तुलसीदास घाट पर श्री सरयू अवध बालक समाज स्वर्गद्वार द्वारा छठ पूजा महोत्सव भी संपन्न हो गया। इस अवसर पर महाआरती के बाद मूर्तियों से सजी झांकी का विसर्जन किया गया।
गोसाईगंज के ठकुराइन पोखरा व महादेवाघाट पर छठ पूजा के आखिरी दिन नगर में रहने वाले व बिहारी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग शामिल हुए। इस अवसर पर छठ मैया के गीत गाए जाते रहे। पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुस्तैद रही। नगर पंचायत अध्यक्ष रमेश कसौधन भी इस दौरान डटे रहे। महबूबगंज के श्री शृंगी ऋषि घाट पर सुबह 4:00 बजे से ही छठ पूजा के भक्ति गीत गुंजायमान होने लगे। जैसे ही उजाला हुआ, व्रती महिलाएं सरयू जल में स्नान कर, कमर भर पानी में खड़े होकर हाथों में फूल और अक्षत लेकर ‘उगी हो सुरुज देव उगी हो, लागल पर्व तोहार’ जैसे भक्ति गीत गाते हुए भगवान भास्कर के उदय होने का इंतजार करने लगी। सूर्य देव का दर्शन होते ही सभी महिलाओं ने अर्घ्य अर्पित किया। घाट पर उपस्थित समूह में छठ मैया का प्रसाद वितरण हुआ।
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अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद/अयोध्या। सूर्योपासना का महापर्व डाला छठ का व्रत शुक्रवार को चौथे दिन सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पूजन-अर्चन के बीच महाप्रसाद बांटने के साथ सकुशल पूरा हो गया। माताओं ने पुत्रों की दीर्घायु के लिए प्रार्थना की। महाप्रसाद ग्रहण करके महिलाओं ने व्रत का पारण किया। सरयू नदी के गुप्तारघाट, अयोध्या, महबूबगंज, शृंगीघाट पर महिलाओं, पुरुषों, युवाओं-युवतियों और बच्चों की भारी भीड़ से मेले जैसा नजारा रहा।
जिले भर में सप्तमी तिथि पर सुबह शुक्रवार एक बार फिर व्रती महिलाएं परिवार के साथ ढोल-नगाड़े के बीच छठ माता के गीत गाती हुईं सरयू नदी समेत जलाशयों की ओर रवाना हुईं। इस दौरान तमाम लोग लोग थिरक रहे थे। सिर पर फलों व पूजा सामग्री की दउरी, सूप, गन्ना लेकर परिवार के लोग बच्चों के साथ घाटों पर बनाई वेदी स्थलों पर पहुंचे। महिलाओं ने वेदी पर दीप जलाए और फल, सिंदूर चढ़ाकर छठ माता समेत शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना की। बाद में पानी में गन्ने गाड़े गए। महिलाओं ने कमर भर पानी में खड़े होकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। इसी के साथ सूर्योदय की महाआरती हुई। महिलाओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण किया। महाप्रसाद परिवार के लोगों में बीच बांटा गया। इसी के साथ संत तुलसीदास घाट पर श्री सरयू अवध बालक समाज स्वर्गद्वार द्वारा छठ पूजा महोत्सव भी संपन्न हो गया। इस अवसर पर महाआरती के बाद मूर्तियों से सजी झांकी का विसर्जन किया गया।
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गोसाईगंज के ठकुराइन पोखरा व महादेवाघाट पर छठ पूजा के आखिरी दिन नगर में रहने वाले व बिहारी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग शामिल हुए। इस अवसर पर छठ मैया के गीत गाए जाते रहे। पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुस्तैद रही। नगर पंचायत अध्यक्ष रमेश कसौधन भी इस दौरान डटे रहे। महबूबगंज के श्री शृंगी ऋषि घाट पर सुबह 4:00 बजे से ही छठ पूजा के भक्ति गीत गुंजायमान होने लगे। जैसे ही उजाला हुआ, व्रती महिलाएं सरयू जल में स्नान कर, कमर भर पानी में खड़े होकर हाथों में फूल और अक्षत लेकर ‘उगी हो सुरुज देव उगी हो, लागल पर्व तोहार’ जैसे भक्ति गीत गाते हुए भगवान भास्कर के उदय होने का इंतजार करने लगी। सूर्य देव का दर्शन होते ही सभी महिलाओं ने अर्घ्य अर्पित किया। घाट पर उपस्थित समूह में छठ मैया का प्रसाद वितरण हुआ।
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