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स्वास्थ्य केंद्रों पर छापेमारी, 26 डॉक्टर मिले गैरहाजिर

Sat, 21 Jul 2018 12:16 AM IST
Updated Sat, 21 Jul 2018 12:16 AM IST
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स्वास्थ्य केंद्रों पर छापेमारी, 26 डॉक्टर मिले गैरहाजिर
छापेमारी में 26 डॉक्टर मिले गैरहाजिर
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फैजाबाद। जिला प्रशासन के 40 अफसरों ने शुक्रवार को एक साथ जिले के सीएचसी/पीएचसी पर छापा मारा तो स्वास्थ्य सेवाओं की असलियत खुलकर सामने आ गई। 40 स्वास्थ्य केंद्रों के निरीक्षण में 26 डॉक्टर, 60 मेडिकल स्टाफ के साथ 11 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। जगह-जगह मरीज परेशान हाल मिले।

जिलाधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने खस्ताहाल मिली स्वास्थ्य सेवाओं पर कड़ा रुख अपनाया है। अनुपस्थित पाए गए सभी डॉक्टरों व कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया है। साथ ही यह भी चेतावनी दी है कि अगले निरीक्षण में गैरहाजिर मिलने पर सीधे निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
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डीएम ने गोपनीय तरीके से स्वास्थ्य सेवाओं की जांच के लिए 40 अफसरों की टीम बनाकर उन्हें जांच आख्या के लिए फार्मेंट देकर शुक्रवार सुबह रवाना किया। सीएचसी मवई पर सुबह 9 बजे परियोजना निदेशक एके मिश्र ने पहुंचे तो चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रविकांत वर्मा, डॉ. उपेंद्र राय, डॉ. विनय सिंह, श्यामबाबू, बीसीपीएम विनोद सिंह, स्टाफ नर्स रीना देवी समेत 14 लोग अनुपस्थित पाए गए।
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हाजिरी का रजिस्टर दुरुस्त नहीं था। शौचालय और अस्पताल परिसर में गंदगी मिली। ग्रामीणों ने आए दिन एआरवी की उपलब्धता न होने की शिकायत की। सीडीओ अक्षत त्रिपाठी ने 8:30 बजे सीएचसी मसौधा पर छापा मारा तो तीन स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित मिले। दवाइयों का स्टॉक रजिस्टर दुरुस्त नहीं था। अनटाइड फंड का पांच लाख रुपये खर्च न किये जाने पर सीडीओ भड़क गए।

इस पर उन्होंने चिकित्सा प्रभारी को फटकार लगाई। डिलीवरी वार्ड में पहुंचे सीडीओ ने टाइल्स लगाने के निर्माण कार्य में देरी देख नाराजगी जताई। विकास खंड मया के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महबूबगंज में लोक निर्माण विभाग के अभियंता ने औचक निरीक्षण किया। मौके पर महेंद्र मिश्रा, चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर सतीराम, बीएचओ अंशिका अनुपस्थित मिलीं।

जबकि यशोदा सिंह और अनीता विलंब से पहुंची। स्वास्थ्य केंद्र की बाउंड्रीवॉल टूटी मिली। बिजली न होने पर मोमबत्ती से प्रसव कराने की बात सामने आई। हैंडपंप लंबे समय से खराब मिला। एसडीएम नागराज हुलगी ने सीएचसी गोसाईगंज का 8:30 बजे निरीक्षण किया। मौके से एके राय, तारा देवी, निवेदिता राय, पूनम पांडेय, स्टाफ नर्स नीलम, शैलकुमारी अनुपस्थित मिले।

उन्होंने लेबर रूम, ओपीडी, दवा वितरण, डिलीवरी रूम व दवाओं का स्टॉक भी चेक किया। सीएचसी मया के निरीक्षण के दौरान आधा दर्जन कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। एसडीएम सोहावल रविप्रकाश श्रीवास्तव ने सीएचसी सोहावल का निरीक्षण किया। मौके से लैब टेक्नीशियन उमेशचंद्र श्रीवास्तव, नेहा सिंह, वैशाली, डॉ. जसप्रीत सिंह, डॉ. गौरव कुमार अनुपस्थित रहे।

उप निदेशक कृषि सैयद बदरे आलम ने सीएचसी तारुन का 8:32 पर निरीक्षण किया। इस दौरान अधीक्षक डॉ. वीपी त्रिपाठी, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. हर्ष कुमार, डॉ. अविनाश प्रताप सिंह डार्क रूम सहायक आशीष शुक्ल, एएनएम निशा दुबे, वेदमती, लैब असिस्टेंट विजय प्रकाश, शैलेश चौरसिया, राम सजीवन, खुशबु अनुपस्थित मिले। एसडीएम बीकापुर बृजेंद्र द्विवेदी ने सीएचसी बीकापुर का निरीक्षण किया।

इस दौरान प्रभारी अधीक्षक डॉक्टर सतीश चंद्रा, महिला चिकित्सक अंजली गुप्ता, मनीषा यादव, डॉक्टर विनीत सोनकर, डॉ. मनीष सोनकर, स्टाफ नर्स ज्योति तिवारी, अशोक कुमार, अमरदीप वर्मा, प्रियंका सिंह अनुपस्थित पाए गए। इनमें कुछ के हस्ताक्षर पहले से उपस्थिति पंजिका में अंकित थे। नेत्र सहायक जितेंद्रनाथ ने बताया कि मशीन छह माह से खराब है।

प्रसूता भर्ती वार्ड की महिलाओं ने बताया कि सब्जी, रोटी उन्हें पॉलिथीन में दी जाती है। पूरे परिसर में गंदगी, जलभराव सहित तमाम खामियां पाई गई। इसी तरह अन्य सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर तमाम चिकित्सक व पैरा मेडिकल स्टाफ नदारद मिले। देरशाम तक सभी अफसरों ने डीएम को निरीक्षण रिपोर्ट सौंपी। जिस पर उन्होंने एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया है।

जिलाधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि इस बार तो एक दिन का वेतन काटने के साथ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अगली बार से अनुपस्थित मिलने पर निलंबन की संस्तुति की जायेगी। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी समय से आने की आदत डाल लें। अन्यथा दुष्परिणाम के लिये तैयार रहें। बताया कि निरीक्षण में यह पाया गया कि कुछ डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ उपस्थित पंजिका में एडवांस में हस्ताक्षर बनाए थे। जबकि वे स्वास्थ्य केंद्र पर आये ही नहीं थे।


कहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद मिले तो कहीं केवल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मिले। स्वास्थ्य केंद्रों के परिक्षेत्र में झांडिय़ां उगी हुई हैं। बेड बिना बेडसीट के मिले, पर्याप्त साफ.-सफाई नहीं मिली। डीएम ने कहा कि जो विभाग सीधे जनता से जुड़े हैं, उन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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