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युवक के हत्यारे को आजीवन कारावास
Updated Thu, 24 May 2018 11:32 PM IST
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युवक के हत्यारे को आजीवन कारावास
फैजाबाद। युवक की हत्या करके लाश रेल लाइन के किनारे फेंकने के मामले में कोर्ट ने दोषी पाते हुए हत्यारे को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने एक हजार रुपये जुर्माना भी किया है। फैसला अपर जिलाजज हरिनाथ पांडेय की कोर्ट से हुआ। एडीजीसी कालिका प्रसाद सिंह ने बताया कि घटना 12 दिसंबर 2012 की है। थाना रुदौली के मीनापुर फगौली निवासी आशीष कुमार को इसी गांव का आदिल लेकर गया। उसे ले जाते हुए गांव के नरेंद्र ने देखा। दूसरे दिन आशीष की लाश गोगावां के पास रेल क्रॉसिंग के पास मिली। इसकी पुलिस के जरिए सूचना मिलने पर तीन लोगों राम कैलाश, राम सजीवन व आदिल के खिलाफ हत्या करके साक्ष्य छिपाने की धारा में लिखाई गई। इसके पीछे रंजिश यह थी कि राम कैलाश व अजय ने मिलकर आशीष के भाई अवधेश की अंबाला में हत्या कर दी थी। इसकी रिपोर्ट आशीष ने ही लिखाई थी और पैरवी भी व ही कर रहा था। विवेचना के बाद पुलिस ने केवल आलिल के खिलाफ आरोपपत्र प्रस्तुत किया अन्य दोनों को क्लीन चिट दे दी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आदिल को दोषी पाते हुए सजा दी।
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फैजाबाद। युवक की हत्या करके लाश रेल लाइन के किनारे फेंकने के मामले में कोर्ट ने दोषी पाते हुए हत्यारे को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने एक हजार रुपये जुर्माना भी किया है। फैसला अपर जिलाजज हरिनाथ पांडेय की कोर्ट से हुआ। एडीजीसी कालिका प्रसाद सिंह ने बताया कि घटना 12 दिसंबर 2012 की है। थाना रुदौली के मीनापुर फगौली निवासी आशीष कुमार को इसी गांव का आदिल लेकर गया। उसे ले जाते हुए गांव के नरेंद्र ने देखा। दूसरे दिन आशीष की लाश गोगावां के पास रेल क्रॉसिंग के पास मिली। इसकी पुलिस के जरिए सूचना मिलने पर तीन लोगों राम कैलाश, राम सजीवन व आदिल के खिलाफ हत्या करके साक्ष्य छिपाने की धारा में लिखाई गई। इसके पीछे रंजिश यह थी कि राम कैलाश व अजय ने मिलकर आशीष के भाई अवधेश की अंबाला में हत्या कर दी थी। इसकी रिपोर्ट आशीष ने ही लिखाई थी और पैरवी भी व ही कर रहा था। विवेचना के बाद पुलिस ने केवल आलिल के खिलाफ आरोपपत्र प्रस्तुत किया अन्य दोनों को क्लीन चिट दे दी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आदिल को दोषी पाते हुए सजा दी।