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एक वर्ष के भीतर शुरू होगा राम मंदिर निर्माण
Updated Wed, 29 Nov 2017 11:30 PM IST
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अयोध्या। कर्नाटक के उडुपी में हुई धर्म संसद में शामिल होकर लौटे अयोध्या के संत राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के प्रति आश्वस्त नजर आए। संतों का दावा है कि एक वर्ष के भीतर ही श्रीराम मंदिर का निर्माण प्रारंभ हो जाएगा। इसके लिए 2018 में राष्ट्रव्यापी अनुष्ठान के साथ जनजागरण का कार्यक्रम होगा। धर्म संसद में धर्म की रक्षा, गौरक्षा, मठ-मंदिरों की सुरक्षा, धर्मांतरण रोकने पर भी व्यापक विचार किया गया है।
राम मंदिर मामले के लिए अहम रही धर्म संसद : सुरेश दास
धर्म संसद से आए दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास ने कहा कि राम मंदिर मामले के लिए धर्म संसद अहम रही। संतों ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर की हुंकार भरी है। कहा कि देश में अनुकूल वातावरण तैयार है, आवश्यकता है इसे व्यापक धार देने की, जिसकी शुरुआत उडुपी में हुई धर्म संसद के बाद होने वाली है।
संघर्ष हमने किया है, मंदिर भी हम ही बनाएंगे : वेदांती
पूर्व सांसद व राम जन्मभूमि न्यास के सदस्य डॉ. रामबिलास वेदांती ने भी धर्म संसद से वापस आने के बाद कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का संकल्प अब पूर्ण होने वाला है। कहा कि धर्म संसद में निर्णय हुआ है कि जहां रामलला विराजमान हैं वहीं भव्य मंदिर बनेगा। विहिप, आरएसएस व राम जन्मभूमि न्यास ही राम मंदिर का निर्माण करेगा। कहा कि संघर्ष हमने किया है तो मंदिर भी हम ही बनाएंगे।
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ऐतिहासिक रही धर्म संसद : कन्हैयादास
महंत कन्हैयादास रामायणी ने कहा कि धर्म संसद ऐतिहासिक रही। उडुपी में किसी भी धर्म संसद में किया गया संकल्प हमेशा पूरा हुआ है। धर्म संसद में उपस्थित संतों ने राम मंदिर निर्माण के संकल्प की घोषणा का स्वागत किया। बताया कि निर्णय हुआ कि वहां मंदिर ही बनेगा, उसी प्रारूप में बनेगा, उन्हीं पत्थरों से बनेगा।
व्यापक स्तर पर मनेगा श्रीराम महोत्सव : शरद
विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने धर्म संसद से लौटने के बाद बताया कि हिंदू नव वर्ष यानि वर्ष प्रतिपदा से हनुमान जयंती 18 मार्च से 31 मार्च 2018 तक प्रत्येक हिंदू को अपने-अपने इष्टदेवता की प्रतिदिन 108 बार आराधना करने, हनुमान जयंती 31 मार्च 2018 के दिन अपने निकटतम मंदिर में सामूहिक आरती करने और मंदिर निर्माण की बाधा दूर करने के लिए भगवान से प्रार्थना करने को कहा गया। इसके साथ ही देश के प्रत्येक गांव में श्रीराम की मूर्ति स्थापित कर श्रीराम महोत्सव मनाने का भी संताें ने आह्वान किया।
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राम मंदिर मामले के लिए अहम रही धर्म संसद : सुरेश दास
धर्म संसद से आए दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास ने कहा कि राम मंदिर मामले के लिए धर्म संसद अहम रही। संतों ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर की हुंकार भरी है। कहा कि देश में अनुकूल वातावरण तैयार है, आवश्यकता है इसे व्यापक धार देने की, जिसकी शुरुआत उडुपी में हुई धर्म संसद के बाद होने वाली है।
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संघर्ष हमने किया है, मंदिर भी हम ही बनाएंगे : वेदांती
पूर्व सांसद व राम जन्मभूमि न्यास के सदस्य डॉ. रामबिलास वेदांती ने भी धर्म संसद से वापस आने के बाद कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का संकल्प अब पूर्ण होने वाला है। कहा कि धर्म संसद में निर्णय हुआ है कि जहां रामलला विराजमान हैं वहीं भव्य मंदिर बनेगा। विहिप, आरएसएस व राम जन्मभूमि न्यास ही राम मंदिर का निर्माण करेगा। कहा कि संघर्ष हमने किया है तो मंदिर भी हम ही बनाएंगे।
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ऐतिहासिक रही धर्म संसद : कन्हैयादास
महंत कन्हैयादास रामायणी ने कहा कि धर्म संसद ऐतिहासिक रही। उडुपी में किसी भी धर्म संसद में किया गया संकल्प हमेशा पूरा हुआ है। धर्म संसद में उपस्थित संतों ने राम मंदिर निर्माण के संकल्प की घोषणा का स्वागत किया। बताया कि निर्णय हुआ कि वहां मंदिर ही बनेगा, उसी प्रारूप में बनेगा, उन्हीं पत्थरों से बनेगा।
व्यापक स्तर पर मनेगा श्रीराम महोत्सव : शरद
विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने धर्म संसद से लौटने के बाद बताया कि हिंदू नव वर्ष यानि वर्ष प्रतिपदा से हनुमान जयंती 18 मार्च से 31 मार्च 2018 तक प्रत्येक हिंदू को अपने-अपने इष्टदेवता की प्रतिदिन 108 बार आराधना करने, हनुमान जयंती 31 मार्च 2018 के दिन अपने निकटतम मंदिर में सामूहिक आरती करने और मंदिर निर्माण की बाधा दूर करने के लिए भगवान से प्रार्थना करने को कहा गया। इसके साथ ही देश के प्रत्येक गांव में श्रीराम की मूर्ति स्थापित कर श्रीराम महोत्सव मनाने का भी संताें ने आह्वान किया।