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ड्रेस के लिए अभिभावकों के खाते में जाएंगे 13.47 करोड़
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अयोध्या। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे इस बार अपनी पसंद से ड्रेस खरीद सकेंगे। इसके लिए शासन से सीधे अभिभावकों के खाते में करीब 13.47 करोड़ रुपये भेजे जाएंगे।
जिले में गत वर्ष पंजीकृत करीब 2.24 लाख विद्यार्थियों को लाभान्वित करने के लिए अभिभावकों के खातों की फीडिंग कराई जा रही है। शीघ्र ही डीबीटी के जरिए अभिभावकों के खातों में धनराशि प्रेषित करने का दावा किया जा रहा है।
जिले में 1529 प्राथमिक व 566 जूनियर हाईस्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में प्राइमरी के 1,51,945 व जूनियर के 72,717 सहित 2,24,662 विद्यार्थी गतवर्ष पंजीकृत थे।
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इन बच्चों को शासन की ओर से निशुल्क शिक्षा के साथ-साथ ड्रेस, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग आदि भी मुहैया कराया जाता है। गत वर्षों तक ड्रेस वितरण का जिम्मा विद्यालय प्रबंध समिति को दिया गया था।
प्रति छात्र छह सौ रुपये के हिसाब से ड्रेस का पैसा एसएमसी के खातों में भेजा जाता था। जहां से प्रधानाध्यापक स्वविवेक से किसी डीलर से कपड़ा खरीदकर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराते थे।
सिस्टम की हीलाहवाली व तमाम अनियमितताओं की वजह से वर्ष भर यह प्रक्रिया गतिमान रहती थी। कहीं-कहीं अधिक कमीशनखोरी के चक्कर में ड्रेस की गुणवत्ता भी गिराई जाती थी, जिस पर अक्सर सवाल भी खड़े होते थे।
इस बार इन तमाम जंझावतों से बचने के लिए सरकार ने नया तरीका खोजा है। एमडीएम के कंवर्जन कॉस्ट की तरह ही अब ड्रेस का पैसा भी बच्चों के अभिभावकों के खाते में सीधे डीबीटी के जरिए भेजने का निर्णय लिया गया है।
प्रत्येक विद्यार्थी की दो ड्रेस के लिए छह सौ रुपये दिए जाएंगे। इस तरह जिले के 2.24 लाख विद्यार्थियों के ड्रेस के लिए करीब 13 करोड़ 47 लाख 97 हजार 200 रुपये का खर्च आएगा।
डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) और पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम) के तहत सरकार यह पैसा अभिभावकों के खातों में भेजेगी।
शिक्षकों को प्रेरणा पोर्टल के ऊपर बच्चे का विवरण डिटेल जैसे-नाम, पिता का नाम, खाताधारक का नाम, खाता संख्या, बैंक का नाम, आईएफएससी कोड आदि सत्यापित कर खंड शिक्षा अधिकारी को भेजने का निर्देश दिया गया है।
खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से विवरण प्राप्त होने के बाद बीएसए की ओर से लखनऊ प्रेषित किया जाएगा, जहां से पैसा सीधे मां या पिता के खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।
बच्चों का विवरण व खाता फीडिंग का कार्य पोर्टल पर चल रहा है। शीघ्र ही विवरण शासन को प्रेषित करने का दावा किया जा रहा है। माना जा रहा है कि शीघ्र ही अभिभावकों के खातों में धनराशि प्रेषित की जाएगी।
ड्रेस के लिए इस बार प्रति छात्र छह सौ रुपये अभिभावकों के खातों में भेजने की कवायद चल रही है। अभिभावकों के खातों का विवरण फीड किया जा रहा है। जिले में पंजीकृत 2.24 लाख बच्चों को योजना के तहत लाभ मिलेगा।-संतोष देव पांडेय, बीएसए, अयोध्या
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जिले में गत वर्ष पंजीकृत करीब 2.24 लाख विद्यार्थियों को लाभान्वित करने के लिए अभिभावकों के खातों की फीडिंग कराई जा रही है। शीघ्र ही डीबीटी के जरिए अभिभावकों के खातों में धनराशि प्रेषित करने का दावा किया जा रहा है।
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जिले में 1529 प्राथमिक व 566 जूनियर हाईस्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में प्राइमरी के 1,51,945 व जूनियर के 72,717 सहित 2,24,662 विद्यार्थी गतवर्ष पंजीकृत थे।
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इन बच्चों को शासन की ओर से निशुल्क शिक्षा के साथ-साथ ड्रेस, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग आदि भी मुहैया कराया जाता है। गत वर्षों तक ड्रेस वितरण का जिम्मा विद्यालय प्रबंध समिति को दिया गया था।
प्रति छात्र छह सौ रुपये के हिसाब से ड्रेस का पैसा एसएमसी के खातों में भेजा जाता था। जहां से प्रधानाध्यापक स्वविवेक से किसी डीलर से कपड़ा खरीदकर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराते थे।
सिस्टम की हीलाहवाली व तमाम अनियमितताओं की वजह से वर्ष भर यह प्रक्रिया गतिमान रहती थी। कहीं-कहीं अधिक कमीशनखोरी के चक्कर में ड्रेस की गुणवत्ता भी गिराई जाती थी, जिस पर अक्सर सवाल भी खड़े होते थे।
इस बार इन तमाम जंझावतों से बचने के लिए सरकार ने नया तरीका खोजा है। एमडीएम के कंवर्जन कॉस्ट की तरह ही अब ड्रेस का पैसा भी बच्चों के अभिभावकों के खाते में सीधे डीबीटी के जरिए भेजने का निर्णय लिया गया है।
प्रत्येक विद्यार्थी की दो ड्रेस के लिए छह सौ रुपये दिए जाएंगे। इस तरह जिले के 2.24 लाख विद्यार्थियों के ड्रेस के लिए करीब 13 करोड़ 47 लाख 97 हजार 200 रुपये का खर्च आएगा।
डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) और पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम) के तहत सरकार यह पैसा अभिभावकों के खातों में भेजेगी।
शिक्षकों को प्रेरणा पोर्टल के ऊपर बच्चे का विवरण डिटेल जैसे-नाम, पिता का नाम, खाताधारक का नाम, खाता संख्या, बैंक का नाम, आईएफएससी कोड आदि सत्यापित कर खंड शिक्षा अधिकारी को भेजने का निर्देश दिया गया है।
खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से विवरण प्राप्त होने के बाद बीएसए की ओर से लखनऊ प्रेषित किया जाएगा, जहां से पैसा सीधे मां या पिता के खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।
बच्चों का विवरण व खाता फीडिंग का कार्य पोर्टल पर चल रहा है। शीघ्र ही विवरण शासन को प्रेषित करने का दावा किया जा रहा है। माना जा रहा है कि शीघ्र ही अभिभावकों के खातों में धनराशि प्रेषित की जाएगी।
ड्रेस के लिए इस बार प्रति छात्र छह सौ रुपये अभिभावकों के खातों में भेजने की कवायद चल रही है। अभिभावकों के खातों का विवरण फीड किया जा रहा है। जिले में पंजीकृत 2.24 लाख बच्चों को योजना के तहत लाभ मिलेगा।-संतोष देव पांडेय, बीएसए, अयोध्या