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17 सौ शिक्षामित्र चार माह से खाली हाथ

Tue, 17 Jul 2018 12:33 AM IST
Updated Tue, 17 Jul 2018 12:33 AM IST
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17 सौ शिक्षामित्र चार माह से खाली हाथ
17 सौ शिक्षामित्रों को चार माह से नहीं मिला मानदेय
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फैजाबाद। शिक्षा विभाग की लापरवाही का खामियाजा जिले के 17 सौ शिक्षामित्रों को भुगतना पड़ रहा है। एक तो शासन से ग्रांट आना ही टेढ़ी खीर है। ऊपर से जब एक-दो माह बाद ग्रांट आती भी है तो खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से मुख्यालय तक बिल भेजने में ही लंबा वक्त बिता दिया जाता है। नतीजतन ग्रांट होने के बावजूद भी भुगतान नहीं हो पाता है। इसी विडंबना के शिकार ये शिक्षामित्र चार माह से खाली हाथ हैं।
वर्ष 2017 में जुलाई माह में शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त होने के बाद से सरकार ने शिक्षामित्रों को 10 हजार के निर्धारित मानदेय पर शिक्षामित्र के पद पर रिवर्ट कर लिया था। लेकिन शिक्षण कार्य समायोजित विद्यालयों में लिया जा रहा है। जिससे पुरुष शिक्षामित्र लंबी दूर की यात्रा तय करके शिक्षण कार्य करने को विवश हैं। लेकिन इनका मेहनताना भी इन्हें नहीं मिल रहा है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत कुल 17 सौ शिक्षामित्रों को फरवरी माह के बाद मानदेय नहीं मिला हैं। किसी तरह मार्च व अप्रैल माह की ग्रांट शासन से पखवारे भर पूर्व प्राप्त भी हुई तो अब भुगतान नहीं हो रहा है। विभाग ब्लॉक स्तर से बिल न प्राप्त होने का रोना रो रहा है। बीईओ की इन्हीं लापरवाही के कारण बीएसए ने पहले भी अविलंब मानदेय बिल भेजने का आदेश किया था, लेकिन जिम्मेदारों ने अनसुना कर दिया। जबकि शासनादेश के अनुरूप प्रत्येक माह की 30 तारीख को शिक्षामित्रों का बिल खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को प्राप्त हो जाना चाहिए। लेकिन इसका किसी पायदान पर अनुपालन नहीं हो रहा है और शिक्षामित्रों को मानदेय न मिलने से रोजी-रोटी चलाना दूभर हो गया है। विभाग की लापरवाही और उदासीनता के कारण शिक्षामित्रों के मानदेय भुगतान के लिए मार्च माह में आई करीब तीन करोड़ की ग्रांट लौट चुकी है। इस पर शासन की ओर से स्पष्टीकरण भी मांगा गया था, लेकिन तमाम कमियां बताकर जवाब दे दिया गया था। अब फिर उसी की पुनरावृत्ति हो रही है।
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शिक्षामित्रों ने जताया आक्रोश
आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनुज सिंह ने कहा कि एक तो सरकार ने हम लोगों के साथ वादा खिलाफी कर 10 हजार का मानदेय देने पर बाध्य किया। अब हम लोग लंबी यात्रा तय करके नौनिहालों का भविष्य संवारने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन मानदेय नहीं मिल रहा है। मीडिया प्रभारी अनूप द्विवेदी ने बताया कि पूर्व में किये गए आंदोलन में तत्कालीन बीएसए ने प्रत्येक माह की सात तारीख तक हर हाल में पिछले माह का बिल प्रस्तुत करने का आदेश किया था, लेकिन इसका अनुपालन न होने से ग्रांट आने के बाद भी शिक्षामित्रों को समय से मानदेय नहीं मिल पा रहा है।
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खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से बिल समय से नहीं दिया जाता है। अभी भी एकाध ब्लॉकों का ही बिल प्राप्त हुआ है। इसी वजह से भुगतान करने में दिक्कत होती है। समय से भुगतान करने का हमेशा प्रयास रहता है।-अरुण अग्निहोत्री, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा विभाग फैजाबाद


सर्व शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत शिक्षामित्रों के दो माह के भुगतान की ग्रांट प्राप्त हो गई है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अविलंब बिल प्रेषित करने के लिए निर्देशित किया गया है ताकि समय से भुगतान हो सके।-अमिता सिंह, बीएसए फैजाबाद
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