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शोध कार्यों के लिए वरदान साबित हो रहा है आर साफ्टवेयर: प्रो. विजय कुमार
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शोध कार्यों के लिए वरदान साबित हो रहा आर सॉफ्टवेयर
अयोध्या। आर सॉफ्टवेयर सांख्यिकी विश्लेषण, वैज्ञानिक कंप्यूटिंग डाटा विज्ञान एवं सैद्धांतिक क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है। यह सॉफ्टवेयर वैज्ञानिक शोध गतिविधियों एवं अध्ययन के लिए बिल्कुल मुक्त है, यह विज्ञान एवं शोध कार्यों के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है।
यह सॉफ्टवेयर प्रत्येक 2 महीने के अंतराल पर अपडेट होता रहता है, आर सॉफ्टवेयर से न केवल सामान्य डाटा वरन मॉडलिंग आधारित डाटा का विश्लेषण एवं तत्संबंधी गणना की प्रक्रिया संपादित की जा सकती है।
बिग डाटा विश्लेषण आज की ज्वलन्त समस्या है। यह सॉफ्टवेयर संपूर्ण रूप से डेटा विश्लेषण का समाधान करने में सक्षम है। यह बातें डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के गणित एवं सांख्यिकी विभाग तथा इंटरनेशनल एकेडमी फिजिकल साइंसेज अयोध्या चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में बतौर मुख्य वक्ता प्रो. विजय कुमार ने कहीं।
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इससे पूर्व मुख्य अतिथि प्रति कुलपति प्रो. एसएन शुक्ला एक सप्ताह तक चलने वाली कार्यशाला का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान युग सूचना एवं तकनीक का है। कंप्यूटर के आने से पूर्व शोध कार्यों का टंकण अपने आप में एक बड़ी चुनौती हुआ करती थी।
वर्तमान परिवेश को कंप्यूटर ने पूरी तरह से बदल दिया है। कंप्यूटर का विकास भी गणित वैज्ञानिकों की ही देन है। विभागाध्यक्ष प्रो. सीके मिश्र ने बताया कि आर सॉफ्टवेयर वैज्ञानिकों शोधार्थियों एवं छात्र-छात्राओं के लिए बहु उपयोगी है।
विकसित देशों में बड़े पैमाने पर सफलता पूर्ण प्रयोग हो रहा है। संगणना के क्षेत्र में आर सॉफ्टवेयर एक बड़े अवसर के रूप में मौजूद हैं। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. एसएस मिश्र ने बताया कि डाटा एनालिसिस तथा कंप्यूटिंग को विज्ञान के क्षेत्र का चौथा डायमेंशन है।
डाटा ड्रिवेन विज्ञान से आज के विभिन्न वैज्ञानिक इंजीनियरिंग व्यवसायिक एवं प्रवधन के क्षेत्रों का मेघा डाटा विश्लेषण करना संभव हो सका है। कार्यक्रम का संचालन विभाग के शिक्षक डॉ. अभिषेक सिंह ने किया।
इस अवसर पर प्रो. आरएन राय, प्रो. आशुतोष सिन्हा, प्रो. लाल साहब सिंह, प्रो. एसके रायजादा, डॉ. श्याम किशोर, डॉ. वंसराज मौर्य, डॉ. गायत्री वर्मा व अन्य उपस्थित रहे।
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अयोध्या। आर सॉफ्टवेयर सांख्यिकी विश्लेषण, वैज्ञानिक कंप्यूटिंग डाटा विज्ञान एवं सैद्धांतिक क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है। यह सॉफ्टवेयर वैज्ञानिक शोध गतिविधियों एवं अध्ययन के लिए बिल्कुल मुक्त है, यह विज्ञान एवं शोध कार्यों के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है।
यह सॉफ्टवेयर प्रत्येक 2 महीने के अंतराल पर अपडेट होता रहता है, आर सॉफ्टवेयर से न केवल सामान्य डाटा वरन मॉडलिंग आधारित डाटा का विश्लेषण एवं तत्संबंधी गणना की प्रक्रिया संपादित की जा सकती है।
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बिग डाटा विश्लेषण आज की ज्वलन्त समस्या है। यह सॉफ्टवेयर संपूर्ण रूप से डेटा विश्लेषण का समाधान करने में सक्षम है। यह बातें डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के गणित एवं सांख्यिकी विभाग तथा इंटरनेशनल एकेडमी फिजिकल साइंसेज अयोध्या चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में बतौर मुख्य वक्ता प्रो. विजय कुमार ने कहीं।
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इससे पूर्व मुख्य अतिथि प्रति कुलपति प्रो. एसएन शुक्ला एक सप्ताह तक चलने वाली कार्यशाला का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान युग सूचना एवं तकनीक का है। कंप्यूटर के आने से पूर्व शोध कार्यों का टंकण अपने आप में एक बड़ी चुनौती हुआ करती थी।
वर्तमान परिवेश को कंप्यूटर ने पूरी तरह से बदल दिया है। कंप्यूटर का विकास भी गणित वैज्ञानिकों की ही देन है। विभागाध्यक्ष प्रो. सीके मिश्र ने बताया कि आर सॉफ्टवेयर वैज्ञानिकों शोधार्थियों एवं छात्र-छात्राओं के लिए बहु उपयोगी है।
विकसित देशों में बड़े पैमाने पर सफलता पूर्ण प्रयोग हो रहा है। संगणना के क्षेत्र में आर सॉफ्टवेयर एक बड़े अवसर के रूप में मौजूद हैं। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. एसएस मिश्र ने बताया कि डाटा एनालिसिस तथा कंप्यूटिंग को विज्ञान के क्षेत्र का चौथा डायमेंशन है।
डाटा ड्रिवेन विज्ञान से आज के विभिन्न वैज्ञानिक इंजीनियरिंग व्यवसायिक एवं प्रवधन के क्षेत्रों का मेघा डाटा विश्लेषण करना संभव हो सका है। कार्यक्रम का संचालन विभाग के शिक्षक डॉ. अभिषेक सिंह ने किया।
इस अवसर पर प्रो. आरएन राय, प्रो. आशुतोष सिन्हा, प्रो. लाल साहब सिंह, प्रो. एसके रायजादा, डॉ. श्याम किशोर, डॉ. वंसराज मौर्य, डॉ. गायत्री वर्मा व अन्य उपस्थित रहे।