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नए सत्र में अवध विवि को मिलेंगे 30 नए महाविद्यालय

Sat, 12 May 2018 12:48 AM IST
Updated Sat, 12 May 2018 12:48 AM IST
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नए सत्र में अवध विवि को मिलेंगे 30 नए महाविद्यालय
नए सत्र में अवध विवि को मिलेंगे 30 नए महाविद्यालय
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फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय को सत्र 2018 में 30 नए महाविद्यालय मिलने जा रहे हैं। इसके लिए संबद्धता समिति नेे बैठक कर नए कॉलेजों के नाम पर अपनी संस्तुति दे दी है। संबद्धता समिति ने महाविद्यालयों की जमा किए गए 85 प्रस्तावों पर अपनी मोहर लगा दी है। इसमें छह कॉलेजों को स्थाई, 57 को अस्थाई, 19 को विस्तारण व तीन कॉलेजों को सहशिक्षा संबंधी पाठ्यक्रमों की मान्यता प्रदान किए जाने की बात कही है। फिलहाल अभी यह पूरा मामला अब कार्यपरिषद की बैठक में जाएगा। यहां से पारित होने के बाद विश्वविद्यालय को 30 नए महाविद्यालय मिल जाएंगे। उम्मीद है कि इन महाविद्यालयों की मान्यता के बाद विश्वविद्यालय की छात्र संख्या में कम से कम 50 हजार छात्र संख्या का इजाफा होगा।
अवध विश्वविद्यालय में फैजाबाद, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, अमेठी, बाराबंकी, गोंडा व बहराइच के महाविद्यालय आते हैं। मौजूदा समय में इन आठ जनपदों के 623 महाविद्यालय अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष नए महाविद्यालयों व पुराने महाविद्यालयों के पाठ्क्रमों में विस्तार देने के लिए संबद्धता प्रदान करती है। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन एक समिति का गठन कर मान्यता के मानकों का स्थलीय निरीक्षण करने के साथ-साथ दस्तावेज चेक करने का कार्य करती है। इस वर्ष संबद्धता देने के लिए विश्वविद्यालय को 85 महाविद्यालयों ने प्रस्ताव दिया था। अभी हाल ही में संबद्धता समिति ने बैठक कर संबद्धता संबंधी संस्तुति प्रदान कर दी है। हालांकि विश्वविद्यालय ने इस बार अपने नियमों में परिवर्तन किया है। संबद्धता समिति ने सिर्फ उन्हीं महाविद्यालयों को स्थाई मान्यता प्रदान करने की संस्तुति दी है, जिन महाविद्यालयों ने मान्यता संबंधी समस्त शर्तों को पूर्ण किया है। नए महाविद्यालय खोलने वाली संस्थाओं को फिलहाल अस्थाई मान्यता व पुराने अस्थाई मान्यता वाले महाविद्यालयों को मानक न पूर्ण करने के कारण विस्तारण की प्रक्रिया प्रदान की है। साथ ही सहशिक्षा के लिए भी महाविद्यालयों को भी मान्यता प्रदान की है। इसमें अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध आठ जनपदों में छह को स्थाई, 57 को अस्थाई, 19 को विस्तरण व तीन को सहशिक्षा के पाठ्यक्रमों की मान्यता प्रदान किए की संस्तुति प्रदान की है। इसमें 30 नए महाविद्यालय शामिल है। इन नए महाविद्यालयों को मान्यता मिलने के बाद अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों की संख्या 653 हो जाएगी।
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अभी भी जमा हो रहे हैं मान्यता संबंधी प्रस्ताव
संबद्धता के मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन इस बार काफी सख्त है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनोद कुमार सिंह की ओर से आदेश जारी हुआ है कि अब सत्र शुरू होने के बाद मान्यता संबंधी प्रस्तावों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। इसके चलते लगातार मान्यता संबंधी प्रस्ताव महाविद्यालयों की ओर से भेजे जा रहे हैं। अभी यह प्रक्रिया मई अंत तक चलेगी। इसके बाद फिर से एक बार संबद्धता समिति की होगी। इसमें भी कुछ और नए कॉलेजों को मान्यता मिल सकती है। बताया जा रहा है कि अब तक दो दर्जन से अधिक मान्यता संबंधी प्रस्ताव महाविद्यालयों की ओर से भेजे जा चुके हैं।
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जिलेवार कॉलेजों का मान्यता संबंधी आकड़ा
जिला प्रस्ताव स्थाई अस्थाई(नए) विस्तरण सहशिक्षा
अंबेडकरनगर 19 01 12(5) 05 01
बाराबंकी 10 01 7(4) 02 निल
गोंडा 06 निल 5(3) निल 01
अमेठी 07 निल 3(निल) 04 निल
फैजाबाद 22 03 13(10) 06 निल
सुल्तानपुर 18 01 14(7) 02 01
बहराइच 03 निल 03(1) निल निल
कुल 85 06 57(30) 19 03

अवध विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों व नए महाविद्यालयों की संबद्धता के लिए समिति की बैठक संपन्न हो चुकी है। इसमें 85 महाविद्यालयों की ओर से दिए गए प्रस्तावों को मान्यता की संस्तुति प्रदान कर दी है। अभी मान्यता की प्रक्रिया मई माह तक चलेगी। नए प्रस्तावों के लिए जून के शुरुआती सप्ताह में फिर से बैठक की जाएगी। - डॉ. विनोद कुमार सिंह, कुलसचिव, अवध विश्वविद्यालय
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