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बगैर डॉक्टर के चल रहा था अफरोज अस्पताल
Updated Sat, 17 Mar 2018 12:00 AM IST
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बिना डॉक्टर चल रहा अफरोज अस्पताल सील
फैजाबाद। पटरंगा थाना क्षेत्र के रानीमऊ चौराहा स्थित अफरोज अस्पताल बगैर रजिस्टर्ड डॉक्टरों के चल रहा था। मौके पर आधा दर्जन से अधिक डॉक्टरों के नाम की डिग्री लगी हुई थी, मगर कोई मौजूद नहीं था। एसडीएम रुदौली ने सीएचसी की स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ छापा मारा तो, केवल वार्ड बॉय, महिला नर्स व सफाई करने वाले कर्मचारी ही मिले। अस्पताल की दशा देख एसडीएम ने उसे सील करा दिया है। मौजूद दो मरीजों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल में शिफ्ट कराया गया है।
यह अस्पताल पटरंगा थाना क्षेत्र के बकौली गांव निवासी सहजराम वर्मा के मकान में चल रहा था। इसकी एक्स-रे मशीन रानीमऊ गांव निवासी सुरेश चन्द्र के मकान में लंबे समय से चल रही थी। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों के रहमो-करम पर चल रहे इस हॉस्पिटल में लंबे समय से मरीजों से मोटी रकम वसूल की जा रही थी। स्वास्थ्य महकमे की नजर आज तक इस ओर न पड़ने पर ग्रामीणों ने मामले की शिकायत एसडीएम रुदौली पंकज सिंह ने की। एसडीएम ने शुक्रवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे मवई सीएचसी प्रभारी डॉ. रविकांत वर्मा, पटरंगा थाना प्रभारी बृजेश सिंह व राजस्व टीम के साथ अस्पताल में छापेमारी की तो पता चला कि इस अस्पताल में कोई योग्य डॉक्टर नहीं बैठता है। जबकि बाहर लगभग आधा दर्जन से अधिक डॉक्टरों के नाम की डिग्री लगी हुई है। यहां केवल वार्ड बॉय व एक महिला नर्स एवं सफाई करने वाले कर्मचारी ही मिले।
मरीज रामअवध निवासी पारा थाना असंद्रा जनपद बाराबंकी ने बताया कि उनके पैर के घुटने का ऑपरेशन डॉ. राजेश वर्मा नें किया था। सुरेंद्र निवासी लोची बंभौरा जनपद बाराबंकी ने बताया कि हमारी आंत का ऑपरेशन डॉ. दीपक ने किया था, लेकिन ऑपरेशन के बाद नहीं आए। इन्हीं लोगों के भरोसे छोड़ दिया। इसके अलावा भारी मात्रा में ग्लूकोज के खाली बोतल व अन्य सामग्री अस्पताल के पीछे जलते हुए मिली। स्टॉफ रजिस्टर में जनाब भाई, रिजवान भाई, अनुज कुमार, मंशाराम, पूनम नर्स, दीपक कुमार, कमला देवी स्वीपर व धर्मेंद्र कुमार का नाम अंकित था। लेकिन इसमें से भी आधे लोग गायब थे। एसडीएम ने इन अनियमितताओं को देख अस्पताल को तत्काल सील करने का निर्देश दिया व भर्ती मरीजों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजवाया। सीएमओ डॉ. अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। जानकारी प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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अस्पताल की अनियमितताओं की शिकायत मिली थी। इस पर शुक्रवार को छापेमारी की गई तो मौके पर कोई चिकित्सक नहीं मिला। वहां भर्ती मरीजों को जिला अस्पताल शिफ्ट कराकर अस्पताल को सील करा दिया गया है। ऑपरेशन करने वाले डॉ. राजेश वर्मा व डॉ. दीपक कौन हैं, इसकी पड़ताल कराई जा रही है।- पंकज सिंह, एसडीएम
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फैजाबाद। पटरंगा थाना क्षेत्र के रानीमऊ चौराहा स्थित अफरोज अस्पताल बगैर रजिस्टर्ड डॉक्टरों के चल रहा था। मौके पर आधा दर्जन से अधिक डॉक्टरों के नाम की डिग्री लगी हुई थी, मगर कोई मौजूद नहीं था। एसडीएम रुदौली ने सीएचसी की स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ छापा मारा तो, केवल वार्ड बॉय, महिला नर्स व सफाई करने वाले कर्मचारी ही मिले। अस्पताल की दशा देख एसडीएम ने उसे सील करा दिया है। मौजूद दो मरीजों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल में शिफ्ट कराया गया है।
यह अस्पताल पटरंगा थाना क्षेत्र के बकौली गांव निवासी सहजराम वर्मा के मकान में चल रहा था। इसकी एक्स-रे मशीन रानीमऊ गांव निवासी सुरेश चन्द्र के मकान में लंबे समय से चल रही थी। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों के रहमो-करम पर चल रहे इस हॉस्पिटल में लंबे समय से मरीजों से मोटी रकम वसूल की जा रही थी। स्वास्थ्य महकमे की नजर आज तक इस ओर न पड़ने पर ग्रामीणों ने मामले की शिकायत एसडीएम रुदौली पंकज सिंह ने की। एसडीएम ने शुक्रवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे मवई सीएचसी प्रभारी डॉ. रविकांत वर्मा, पटरंगा थाना प्रभारी बृजेश सिंह व राजस्व टीम के साथ अस्पताल में छापेमारी की तो पता चला कि इस अस्पताल में कोई योग्य डॉक्टर नहीं बैठता है। जबकि बाहर लगभग आधा दर्जन से अधिक डॉक्टरों के नाम की डिग्री लगी हुई है। यहां केवल वार्ड बॉय व एक महिला नर्स एवं सफाई करने वाले कर्मचारी ही मिले।
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मरीज रामअवध निवासी पारा थाना असंद्रा जनपद बाराबंकी ने बताया कि उनके पैर के घुटने का ऑपरेशन डॉ. राजेश वर्मा नें किया था। सुरेंद्र निवासी लोची बंभौरा जनपद बाराबंकी ने बताया कि हमारी आंत का ऑपरेशन डॉ. दीपक ने किया था, लेकिन ऑपरेशन के बाद नहीं आए। इन्हीं लोगों के भरोसे छोड़ दिया। इसके अलावा भारी मात्रा में ग्लूकोज के खाली बोतल व अन्य सामग्री अस्पताल के पीछे जलते हुए मिली। स्टॉफ रजिस्टर में जनाब भाई, रिजवान भाई, अनुज कुमार, मंशाराम, पूनम नर्स, दीपक कुमार, कमला देवी स्वीपर व धर्मेंद्र कुमार का नाम अंकित था। लेकिन इसमें से भी आधे लोग गायब थे। एसडीएम ने इन अनियमितताओं को देख अस्पताल को तत्काल सील करने का निर्देश दिया व भर्ती मरीजों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजवाया। सीएमओ डॉ. अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। जानकारी प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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अस्पताल की अनियमितताओं की शिकायत मिली थी। इस पर शुक्रवार को छापेमारी की गई तो मौके पर कोई चिकित्सक नहीं मिला। वहां भर्ती मरीजों को जिला अस्पताल शिफ्ट कराकर अस्पताल को सील करा दिया गया है। ऑपरेशन करने वाले डॉ. राजेश वर्मा व डॉ. दीपक कौन हैं, इसकी पड़ताल कराई जा रही है।- पंकज सिंह, एसडीएम