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ग्राम पंचायतों की दूर होगी बदहाली, बदलेगी सूरत

Thu, 15 Sep 2022 12:45 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 15 Sep 2022 12:45 AM IST
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इटावा। केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों की सूरत बदली जाएगी। पहले चरण के काम के लिए जिले की 10 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। जिले की ये पहली ऐसी ग्राम पंचायतें होंगी जहां कूड़ा प्रबंधन के सारे इंतजाम होंगे। गांव से निकले कूड़े का न सिर्फ निस्तारण होगा, बल्कि इससे खाद बनाकर आमदनी भी बढ़ाई जा सकेगी।
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ग्राम पंचायतों के चयन में पांच हजार की आबादी का मानक रखा गया है। इन 10 ग्राम पंचायतों में काम के लिए 3.31 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। प्रथम चरण के काम के लिए जिले की 471 ग्राम पंचायतें में कामेत, बसरेहर, पाली खुर्द, बिरारी, अहेरीपुर, बहादुरपुर घार, हरदोई, समथर, भगवतीपुर, नगला कछार को चुना गया है।
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तय धनराशि से कूड़ा उठान के लिए ई-रिक्शा गाड़ी की खरीद होगी। इसके अलावा कूड़ा निस्तारण केंद्र की स्थापना होगी। जलनिकासी की व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाएगा। जगह-जगह गीले और सूखे कूड़े के लिए अलग-अलग डस्टबिन रखी जाएंगी। कूड़ा निस्तारण केंद्र और कूड़ा संग्रहण के लिए राजस्व गांव में 1500 वर्ग मीटर जमीन ग्राम पंचायत के लिए आरक्षित की जाएगी। इस काम की जिम्मेदारी लेखपालों को सौंप दी गई है। ओडीएफ घोषित हो चुके जिले को अब ओडीएफ प्लस की श्रेणी में लाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।
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गांव के विकास पर खर्च होगी होने वाली आमदनी
इन ग्राम पंचायतों में जैविक एवं प्लास्टिक कूड़े को अलग-अलग किया जाएगा। इसमें जैविक कूड़े से खाद बनाई जाएगी, जबकि प्लास्टिक और अन्य पदार्थों को बेच दिया जाएगा। इससे होने वाली आमदनी से गांव में विकास कार्य कराए जाएंगे। ग्राम पंचायतें ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन के जरिये अपनी आय बढ़ा सकें, इसी उद्देश्य से ओडीएफ प्लस अभियान को स्वच्छ भारत मिशन से जोड़ा गया है। अब तक स्वच्छ भारत मिशन में केवल ओडीएफ गांव ही शामिल थे, लेकिन अब गांव की गंदगी को वहीं निस्तारित करने का फार्मूला ओडीएफ प्लस गांव के जरिये दिया है।
इस तरह से होगा कूड़ा प्रबंधन
ग्राम पंचायत में कूड़ा संग्रहण के लिए ई-रिक्शा वाहन खरीदे जाएंगे। खाद गड्ढे, सोख्ता गड्ढे, गांव के तालाब में गंदे पानी के प्रवाह को रोकने की व्यवस्था होगी। प्लास्टिक एकत्रीकरण, प्रबंधन केंद्र, गोबरधन, नाला-नाली आदि को व्यवस्थित किया जाएगा। जैविक और अजैविक कूड़ा को ढोने के लिए अलग-अलग ई रिक्शा होंगे। सफाई कर्मचारी गलियों, मार्गों, सार्वजनिक स्थानों, संस्थागत भवनों की रोस्टर के आधार पर सफाई कराएंगे। इसका लेखा-जोखा पंचायत सहायक के पास रहेगा।

पांच हजार से अधिक आबादी वाली 33 ग्राम पंचायतें ओडीएफ प्लस की श्रेणी में लानी हैं। प्रथम चरण में 10 ग्राम पंचायतों में 3.31 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया गया है। सभी पंचायतें कूड़ा प्रबंधन और निस्तारण की व्यवस्था करेेंगी। कार्य की निगरानी के लिए हर ग्राम पंचायत में जिलास्तरीय अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
- बनवारी सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी
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