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ट्रेन से लौट रहे श्रमिकों को किराया मिलने की उम्मीद
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दूसरे प्रदेशों से ट्रेन से घरों को लौटने वाले श्रमिकों को किराया मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। प्रदेश शासन ने जिला प्रशासन से श्रमिकों के अन्य ब्योरों के साथ उनके बैंक का खाता नंबर भी मागा है।
बुधवार रात शासन से ये आदेश मिलते ही अधिकारियों ने सोमवार को श्रमिक स्पेेशल ट्रेन से आए सभी श्रमिकों के बैंक खाता नंबर जुटाने शुरू कर दिए हैं।
अन्य प्रदेशों में फंसे मजदूरों को ट्रेनों से उनके घरों को भेजा जा रहा है। सोमवार को गुजरात के अहमदाबाद से श्रमिक स्पेशल ट्रेन प्रदेश के 46 जिलों के 1187 श्रमिकों को लेकर इटावा स्टेशन पहुंची थी।
236 इटावा जिले के भी हैं। जिला प्रशासन को ट्रेन से आने वाले श्रमिकों का नाम, पिता/पति का नाम, आधार या मतदाता पहचान पत्र संख्या और मोबाइल नंबर प्रदेश शासन को भेजने का निर्देश था।
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श्रमिकों के इस ब्योरा की फीडिंग चल रही थी। बुधवार रात प्रदेश शासन नया आदेश आ गया। अब सभी श्रमिकों का बैंक खाता नंबर भी मांगा गया है। जिला सांख्यिकी अधिकारी प्रवीण टिंगल ने बताया कि रात करीब नौ बजे आदेश आया है। श्रमिकों को फोन पर उनके खाता संख्या की जानकारी की जा रही है।
एक दो दिन में विवरण प्रदेश शासन को भेज दिया जाएगा। खाता संख्या का विवरण के आदेश से श्रमिकों को ट्रेन का किराया मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
केंद्र सरकार ने मुफ्त में श्रमिकों को ट्रेन से भेजने की बात कही थी लेकिन श्रमिकों से अपने पैसे से टिकट खरीदकर आ रहे हैं। केंद्र सरकार के एलान के अनुसार 85 प्रतिशत किराया केंद्र और 15 प्रतिशत वह राज्य सरकारें देंगी। ट्रेन में कानपुर मंडल के 497 श्रमिक आए हैं।
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बुधवार रात शासन से ये आदेश मिलते ही अधिकारियों ने सोमवार को श्रमिक स्पेेशल ट्रेन से आए सभी श्रमिकों के बैंक खाता नंबर जुटाने शुरू कर दिए हैं।
अन्य प्रदेशों में फंसे मजदूरों को ट्रेनों से उनके घरों को भेजा जा रहा है। सोमवार को गुजरात के अहमदाबाद से श्रमिक स्पेशल ट्रेन प्रदेश के 46 जिलों के 1187 श्रमिकों को लेकर इटावा स्टेशन पहुंची थी।
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236 इटावा जिले के भी हैं। जिला प्रशासन को ट्रेन से आने वाले श्रमिकों का नाम, पिता/पति का नाम, आधार या मतदाता पहचान पत्र संख्या और मोबाइल नंबर प्रदेश शासन को भेजने का निर्देश था।
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श्रमिकों के इस ब्योरा की फीडिंग चल रही थी। बुधवार रात प्रदेश शासन नया आदेश आ गया। अब सभी श्रमिकों का बैंक खाता नंबर भी मांगा गया है। जिला सांख्यिकी अधिकारी प्रवीण टिंगल ने बताया कि रात करीब नौ बजे आदेश आया है। श्रमिकों को फोन पर उनके खाता संख्या की जानकारी की जा रही है।
एक दो दिन में विवरण प्रदेश शासन को भेज दिया जाएगा। खाता संख्या का विवरण के आदेश से श्रमिकों को ट्रेन का किराया मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
केंद्र सरकार ने मुफ्त में श्रमिकों को ट्रेन से भेजने की बात कही थी लेकिन श्रमिकों से अपने पैसे से टिकट खरीदकर आ रहे हैं। केंद्र सरकार के एलान के अनुसार 85 प्रतिशत किराया केंद्र और 15 प्रतिशत वह राज्य सरकारें देंगी। ट्रेन में कानपुर मंडल के 497 श्रमिक आए हैं।