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Etawah News: आठ महीने बाद भी पुरानी किताबों से पढ़ रहे बच्चे

Wed, 23 Nov 2022 11:58 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Nov 2022 11:58 PM IST
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without books student learning
इटावा। परिषदीय विद्यालयों में सत्र समाप्त होने में सिर्फ चार माह बचे हैं और अभी तक 30 से 40 प्रतिशत छात्र-छात्राओं की किताबें स्कूलों में नहीं बांटी गई हैं। इससे बच्चे पुरानी कितबों से ही पढ़ने पर मजबूर हैं। ऐसे में परीक्षाओं की तैयारी करना चुनौती भरा होगा।
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जिले के परिषदीय विद्यालयों में लगभग 1.40 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। मार्च से शुरू हुए शैक्षणिक सत्र को करीब आठ माह बीतने को हैं। अभी तक कक्षा चार से आठ तक के छात्र-छात्राओं को वर्क बुक ही नहीं दी गई है। अधिकारियों और शिक्षकों का दावा है कि नए पंजीकृत हुए छात्र-छात्रा ही किताबों से वंचित हैं।
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कुछ छात्र-छात्राएं तो जानने वालों से किताबें लेकर काम चला ले रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में बच्चे बिना किताबों के पढ़ रहे हैं। बीएसए शैलेश कुमार ने बताया कि अक्तूबर में अधिकांश बच्चों को किताबें बांट दी गईं हैं। जिनका पंजीकरण देरी से हुआ है, उन बच्चों की ही किताबें बची हैं। उन्हें भी आते ही बंटवा दिया जाएगा। वहीं वर्क बुक के लिए भी मांग भेजी गई है।
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कक्षा एक और छह के छात्रों को नहीं मिली किताब
ताखा। ब्लॉक क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक में छात्र संख्या लगभग 1,700 है। इनमें से 1,200 बच्चों को ही पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं कक्षा छह में 3,200 छात्र पंजीकृत हैं। इनमें से 2,900 ही पुस्तकें आई हैं। बीईओ ताखा उपेंद्र कुमार भारती ने बताया कि नए पंजीकरण की वजह से इन कक्षाओं के लिए पुस्तकें कम है। एक सप्ताह में किताबें विद्यालय में पहुंचा दी जाएंगी। (संवाद)

पसिया में नहीं पहुंची पुस्तकें, 2013 की किताबों से पढ़ रहे बच्चे
चकरनगर। ग्रामीण क्षेत्र में 144 विद्यालयों में 5, 054 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ग्राम पंचायत पसिया के उच्च प्राथमिक विद्यालय में अभी तक पुस्तकें नहीं पहुंची हैं। इसलिए यहां बच्चे 2013 की किताबों से पढ़ने पर मजबूर हैं। शिक्षक राजीव रंजन शिक्षक ने बताया कि अभी पुस्तकें नहीं आ सकी हैं। बच्चे पुरानी किताबों से पढ़ रहे हैं। किताबों के लिए मांग पत्र भेजा गया है। आते ही उन्हें बंटवा दिया जाएगा। (संवाद)
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