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ठंड का सितम, दो और ने तोड़ा दम
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इटावा। ठंड का सितम लगातार बढ़ता जा रहा है। न्यूनतम के साथ अधिकतम तापमान भी लगातार घटता जा रहा है। बादल और कोहरे के कारण सूर्य देवता के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं। हाड़कंपाऊ ठंड से सोमवार को बकेवर क्षेत्र में दो और लोगों की मौत हो गई। इसके पहले दो लोगों की मौत ऊसराहार और एक अज्ञात व्यक्ति की शहर में हो चुकी है। कोहरे के कारण यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
पिछले एक सप्ताह से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। रविवार को न्यूनतम तापमान जहां 03 डिग्री सेल्सियस था। वहीं, सोमवार को गिरकर दो डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। अधिकतम तापमान में भी एक सप्ताह में पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। 24 दिसंबर को अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 30 दिसंबर को यह 13 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बादल और कोहरा छाए रहने से दिन में धूप भी नहीं निकली। पूरे दिन लोग ठिठुरते रहे। घरों और दुकानों के बाहर लोग अलाव के सहारे बैठे रहे। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी ठंड से राहत मिलने के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं बल्कि दो और तीन जनवरी को बारिश होने की संभावना नजर आ रही है।
बकेवर में लखना के मोचियान मोहाल निवासी शिवनाथ (56) पुत्र सोबर की मौत हो गई। भतीजे प्रदीप पाल उर्फ कुनकी ने बताया कि चाचा सुबह सोकर उठे और दैनिक दिनचर्या में लग गए। अचानक गश खाकर गिरे और मौत हो गई। प्रदीप ने बताया कि सर्दी लगने से मौत हुई है। इसी तरह महेवा बलॉक के गुलाबपुरा गांव निवासी सोनाश्री (65) पत्नी मुन्नी लाल रविवार रात घर में सोई थीं, रात में उनकी मौत हो गई। बेटे आमोद ने बताया कि मां की मौत ठंड लगने से मौत हुई है।
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निवाड़ीकला के लोगों के अनुसार ठंड से लोग बेहाल हो गए हैं। अलाव ही सहारा हैं, प्रशासन की ओर से गांवों में अलाव नहीं जलवाए गए हैं। राहगीर संतोष ने कहा कि कुछ दूर जाने पर ही हालत खराब हो जाती है। प्रशासन की ओर से गांवों में कहीं भी अलाव नहीं जलवाए गए हैं। इंटरमीडिएट के छात्र रवि ने बताया कि कोचिंग जाते हैं, ठंड के कारण रास्ते में कई अलाव का सहारा लेना पड़ता है।
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पिछले एक सप्ताह से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। रविवार को न्यूनतम तापमान जहां 03 डिग्री सेल्सियस था। वहीं, सोमवार को गिरकर दो डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। अधिकतम तापमान में भी एक सप्ताह में पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। 24 दिसंबर को अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 30 दिसंबर को यह 13 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बादल और कोहरा छाए रहने से दिन में धूप भी नहीं निकली। पूरे दिन लोग ठिठुरते रहे। घरों और दुकानों के बाहर लोग अलाव के सहारे बैठे रहे। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी ठंड से राहत मिलने के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं बल्कि दो और तीन जनवरी को बारिश होने की संभावना नजर आ रही है।
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बकेवर में लखना के मोचियान मोहाल निवासी शिवनाथ (56) पुत्र सोबर की मौत हो गई। भतीजे प्रदीप पाल उर्फ कुनकी ने बताया कि चाचा सुबह सोकर उठे और दैनिक दिनचर्या में लग गए। अचानक गश खाकर गिरे और मौत हो गई। प्रदीप ने बताया कि सर्दी लगने से मौत हुई है। इसी तरह महेवा बलॉक के गुलाबपुरा गांव निवासी सोनाश्री (65) पत्नी मुन्नी लाल रविवार रात घर में सोई थीं, रात में उनकी मौत हो गई। बेटे आमोद ने बताया कि मां की मौत ठंड लगने से मौत हुई है।
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निवाड़ीकला के लोगों के अनुसार ठंड से लोग बेहाल हो गए हैं। अलाव ही सहारा हैं, प्रशासन की ओर से गांवों में अलाव नहीं जलवाए गए हैं। राहगीर संतोष ने कहा कि कुछ दूर जाने पर ही हालत खराब हो जाती है। प्रशासन की ओर से गांवों में कहीं भी अलाव नहीं जलवाए गए हैं। इंटरमीडिएट के छात्र रवि ने बताया कि कोचिंग जाते हैं, ठंड के कारण रास्ते में कई अलाव का सहारा लेना पड़ता है।