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एक साथ 18 नवजात शिशुओं का मिलेगा इलाज
अमर उजाला ब्यूरो इटावा।
Updated Sun, 28 Feb 2016 12:12 AM IST
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सैफई रिम्स के शिशु एवं बाल रोग विभाग में सघन शिशु चिकित्सा इकाई की स्थापना की गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत नवनिर्मित इस इकाई का उद्घाटन शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल एवं संस्थान के निदेशक डॉ. (ब्रिगे.) टी. प्रभाकर ने किया।
निदेशक डॉ. (ब्रिगे.) टी. प्रभाकर ने बताया कि सघन शिशु चिकित्सा इकाई में एक साथ 18 नवजात शिशुओं के इलाज की व्यवस्था है। कमजोर पैदा हुए बच्चों तथा गंभीर रोगों से पीड़ित शिशुओं के इलाज के लिए जरूरी वेंटिलेटर समेत समस्त उपकरण यहां उपलब्ध हैं। नवजात शिशुओं की सही देखभाल हो, इसके लिए इसमें चौबीस घंटे ट्रेंड नर्सिंग स्टाफ मौजूद रहेंगी।
डीएम डॉ. नितिन बंसल ने कहा कि इस इकाई में जन्म से लेकर एक महीने तक के बच्चों के इलाज के लिए सभी जरूरी सुविधाएं होंगी। इसमें शिशुओं के इलाज के लिए 12 रेडिएंट वार्मर, 6 फोटोथेरेपी मशीन, एक ट्रांसपोर्ट इंक्यूवेटर के अतिरिक्त अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
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शिशु एवं बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. केएम शुक्ला ने बताया कि इसमें कंगारू मदर केयर से लेकर उन तमाम इमर्जेंसी चेकअप की भी व्यवस्था है, जिसकी आवश्यकता नवजात शिशुओं को पड़ती है। कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. (ब्रिगे.) एसके गुप्ता, सीएमओ डॉ. राजकुमार नैय्यर ने अपर निदेशक (प्रशा.) राधा कृष्ण सिंह, संयुक्त निदेशक (सामग्री प्रबंधन) बलवीर सिंह, शिशु एवं बाल रोग विभाग के डॉ. डीके सिंह उपस्थित रहे।
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निदेशक डॉ. (ब्रिगे.) टी. प्रभाकर ने बताया कि सघन शिशु चिकित्सा इकाई में एक साथ 18 नवजात शिशुओं के इलाज की व्यवस्था है। कमजोर पैदा हुए बच्चों तथा गंभीर रोगों से पीड़ित शिशुओं के इलाज के लिए जरूरी वेंटिलेटर समेत समस्त उपकरण यहां उपलब्ध हैं। नवजात शिशुओं की सही देखभाल हो, इसके लिए इसमें चौबीस घंटे ट्रेंड नर्सिंग स्टाफ मौजूद रहेंगी।
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डीएम डॉ. नितिन बंसल ने कहा कि इस इकाई में जन्म से लेकर एक महीने तक के बच्चों के इलाज के लिए सभी जरूरी सुविधाएं होंगी। इसमें शिशुओं के इलाज के लिए 12 रेडिएंट वार्मर, 6 फोटोथेरेपी मशीन, एक ट्रांसपोर्ट इंक्यूवेटर के अतिरिक्त अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
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शिशु एवं बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. केएम शुक्ला ने बताया कि इसमें कंगारू मदर केयर से लेकर उन तमाम इमर्जेंसी चेकअप की भी व्यवस्था है, जिसकी आवश्यकता नवजात शिशुओं को पड़ती है। कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. (ब्रिगे.) एसके गुप्ता, सीएमओ डॉ. राजकुमार नैय्यर ने अपर निदेशक (प्रशा.) राधा कृष्ण सिंह, संयुक्त निदेशक (सामग्री प्रबंधन) बलवीर सिंह, शिशु एवं बाल रोग विभाग के डॉ. डीके सिंह उपस्थित रहे।