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Etawah News: जिम्मेदारों ने सुना नहीं तो खुद ही बना डाली सड़क
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लवेदी। पहाड़पुर-तुर्कपुर गांव के ग्रामीणों ने सरकारी उपेक्षा के खिलाफ अनोखा कदम उठाया है। दो पंचवर्षीय अवधि से लंबित सड़क निर्माण की मांग को खुद पूरा कर लिया। ग्रामीणों ने जन सहयोग और श्रमदान से मिट्टी भरकर गांव तक पहुंचने वाली सड़क को चलने लायक बना लिया है। यह घटना ग्रामीण विकास में प्रशासनिक लापरवाही को स्पष्ट रूप से उजागर करती है और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
ग्रामीण रानू, महावीर, जब्बू ,अजब सिंह और जितेंद्र पाल लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे लेकिन मनरेगा या अन्य सरकारी योजनाओं के तहत कोई प्रगति नहीं हुई। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन हर बार बजट की कमी का हवाला देकर टाल दिया था। आखिरकार ग्रामीणों ने हार न मानते हुए खुद ही कमर कसी और श्रमदान कर सड़क को बेहतर बनाया।
खुद बनाई गई इस सड़क से किसानों को अपने खेतों तक पहुंचना आसान हो गया है। छात्रों को स्कूल जाने में सुविधा हुई है और दैनिक यातायात में काफी राहत मिली है। गांव की मुख्य सड़क पर 10 वर्ष पूर्व बने नाले के कारण भी बरसात में काफी परेशानी होती थी, जिसे अब काफी हद तक सुगम बनाया गया है।
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ग्रामीण रानू, महावीर, जब्बू ,अजब सिंह और जितेंद्र पाल लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे लेकिन मनरेगा या अन्य सरकारी योजनाओं के तहत कोई प्रगति नहीं हुई। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन हर बार बजट की कमी का हवाला देकर टाल दिया था। आखिरकार ग्रामीणों ने हार न मानते हुए खुद ही कमर कसी और श्रमदान कर सड़क को बेहतर बनाया।
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खुद बनाई गई इस सड़क से किसानों को अपने खेतों तक पहुंचना आसान हो गया है। छात्रों को स्कूल जाने में सुविधा हुई है और दैनिक यातायात में काफी राहत मिली है। गांव की मुख्य सड़क पर 10 वर्ष पूर्व बने नाले के कारण भी बरसात में काफी परेशानी होती थी, जिसे अब काफी हद तक सुगम बनाया गया है।
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