{"_id":"65089fc5597644cafe003754","slug":"when-corona-ends-forget-it-ventilators-gathering-dust-in-closed-ward-etawha-news-c-216-1-sknp1011-3030-2023-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: कोरोना खत्म हुआ तो भूले, बंद वार्ड में धूल फांक रहे वेंटिलेटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: कोरोना खत्म हुआ तो भूले, बंद वार्ड में धूल फांक रहे वेंटिलेटर
Tue, 19 Sep 2023 12:36 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Tue, 19 Sep 2023 12:36 AM IST
विज्ञापन
इटावा। कोरोना की दूसरी लहर में आए 20 वेंटिलेटर कोरोना खत्म होने के बाद से कोविड अस्पताल के बंद वार्ड में धूल फांक रहे हैं। इनका उपयोग न होने की वजह से वेंटिलेटर खराब होने की स्थिति में पहुंचते जा रहे हैं।
इन बंद वार्डों के दरवाजे अब तभी खुलते हैं, जब कोरोना को लेकर कोई पूर्वाभ्यास किया जाता है। जिसमें प्रतीकात्मक मरीज को स्ट्रेचर पर ऑक्सीजन लगाकर वेंटिलेटर तक लाया जाता है। लेकिन इस साल जनवरी के बाद से दोबारा पूर्वाभ्यास नहीं होने की वजह से संभवत: वेंटिलेटर के वार्ड का ताला नहीं खुला। तीन साल पूर्व 2020 में आई कोरोना की दूसरी और जानलेवा लहर के दौरान संयुक्त जिला अस्पताल परिसर में स्थित 100 बेड के एमसीएच विंग को कोविड अस्पताल बनाया गया था।
उस दौरान ज्यादातर कोविड संक्रमित मरीज सांस लेने की समस्या से ग्रसित मरीजों की संख्या ज्यादा रही थी। ऐसे में कोविड संक्रमित मरीजों की जान बचाने के लिए 20 वेंटिलेटर मंगवाएं गए थे। उस समय पूरा जोर गंभीर मरीजों की जान बचाना था।
विज्ञापन
संयुक्त जिला अस्पताल परिसर में कहने के लिए 100 बेड महिला मेटरनिटी विंग जिला महिला अस्पताल के कब्जे में है। कोविड अस्पताल बनाए जाने के बाद भले ही अस्पताल के भूतल पर महिलाओं की ओपीडी, गर्भवती महिलाओं की जांचेंं व अल्ट्रासाउंड किए जाते हों, लेकिन अस्पताल के ऊपरी मंजिल पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कब्जा है।
महिला सीएमएस डॉ.अनिल कुमार का कहना है कि अस्पताल के वेंटिलेटर वार्ड सीएमओ के कब्जे में लिहाजा इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। तीन 28 अगस्त को जिले के दौरे पर आए प्रभारी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने समीक्षा बैठक में भी वेंटिलेटर शुरू कराने के निर्देश थे। उस समय तो अधिकारियों ने तो हामी तो भर दी थी, लेकिन अभी तक वेंटिलेटर कक्ष को खोला तक नहीं गया है।
कोविड अस्पताल के नोडल/ एसीएमओ डॉ.बीएल संजय ने बताया कि कोविड की दूसरी लहर के दौरान 20 वेंटिलेटर मिले थे। आठ पीएम केयर फंड से, दस ज्योति व दो अगुवा नामक संस्था की ओर से उपलब्ध कराए गए थे। इसके अलावा 11बड़े सिलिंडर हैं इनमें तीन आईसीआई बैंक ने दान दिया था। जबकि 45 छोटे सिलिंडर हैं। कोविड अस्पताल में 120 व पूरे जनपद में 524 ऑक्सीजन कंससट्रेटर हैं। तीन सांस संबंधी एचएफएनसी ( हाईफ्लो नेजल केनुला है)। वेंटिलेटर बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए 750 लीटर क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगा है।
वर्जन
सभी वेंटिलेटर सही हैं। काम भले न लिया जा रहा हो्, लेकिन खराब होने से बचाने के लिए समय-समय पर चलवाते रहते हैं। इसके लिए तीन चार टेक्नीशियन हैं। -डॉ.बीएल संजय, नोडल अधिकारी
विज्ञापन
इन बंद वार्डों के दरवाजे अब तभी खुलते हैं, जब कोरोना को लेकर कोई पूर्वाभ्यास किया जाता है। जिसमें प्रतीकात्मक मरीज को स्ट्रेचर पर ऑक्सीजन लगाकर वेंटिलेटर तक लाया जाता है। लेकिन इस साल जनवरी के बाद से दोबारा पूर्वाभ्यास नहीं होने की वजह से संभवत: वेंटिलेटर के वार्ड का ताला नहीं खुला। तीन साल पूर्व 2020 में आई कोरोना की दूसरी और जानलेवा लहर के दौरान संयुक्त जिला अस्पताल परिसर में स्थित 100 बेड के एमसीएच विंग को कोविड अस्पताल बनाया गया था।
विज्ञापन
उस दौरान ज्यादातर कोविड संक्रमित मरीज सांस लेने की समस्या से ग्रसित मरीजों की संख्या ज्यादा रही थी। ऐसे में कोविड संक्रमित मरीजों की जान बचाने के लिए 20 वेंटिलेटर मंगवाएं गए थे। उस समय पूरा जोर गंभीर मरीजों की जान बचाना था।
विज्ञापन
संयुक्त जिला अस्पताल परिसर में कहने के लिए 100 बेड महिला मेटरनिटी विंग जिला महिला अस्पताल के कब्जे में है। कोविड अस्पताल बनाए जाने के बाद भले ही अस्पताल के भूतल पर महिलाओं की ओपीडी, गर्भवती महिलाओं की जांचेंं व अल्ट्रासाउंड किए जाते हों, लेकिन अस्पताल के ऊपरी मंजिल पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कब्जा है।
महिला सीएमएस डॉ.अनिल कुमार का कहना है कि अस्पताल के वेंटिलेटर वार्ड सीएमओ के कब्जे में लिहाजा इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। तीन 28 अगस्त को जिले के दौरे पर आए प्रभारी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने समीक्षा बैठक में भी वेंटिलेटर शुरू कराने के निर्देश थे। उस समय तो अधिकारियों ने तो हामी तो भर दी थी, लेकिन अभी तक वेंटिलेटर कक्ष को खोला तक नहीं गया है।
कोविड अस्पताल के नोडल/ एसीएमओ डॉ.बीएल संजय ने बताया कि कोविड की दूसरी लहर के दौरान 20 वेंटिलेटर मिले थे। आठ पीएम केयर फंड से, दस ज्योति व दो अगुवा नामक संस्था की ओर से उपलब्ध कराए गए थे। इसके अलावा 11बड़े सिलिंडर हैं इनमें तीन आईसीआई बैंक ने दान दिया था। जबकि 45 छोटे सिलिंडर हैं। कोविड अस्पताल में 120 व पूरे जनपद में 524 ऑक्सीजन कंससट्रेटर हैं। तीन सांस संबंधी एचएफएनसी ( हाईफ्लो नेजल केनुला है)। वेंटिलेटर बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए 750 लीटर क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगा है।
वर्जन
सभी वेंटिलेटर सही हैं। काम भले न लिया जा रहा हो्, लेकिन खराब होने से बचाने के लिए समय-समय पर चलवाते रहते हैं। इसके लिए तीन चार टेक्नीशियन हैं। -डॉ.बीएल संजय, नोडल अधिकारी