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एक नूर ते सब जग उपजया कौन भले कौन मंदे
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Tue, 15 Nov 2016 11:39 PM IST
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शबद कीर्तन करते समाज के लोग
- फोटो : अमर उजाला
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गुरुद्वारा श्री गुरुतेग बहादुर साहिब में गुरुनानक देव जी का प्रकाशोत्सव धूमधाम एवं उल्लास के साथ मनाया गया। शबद कीर्तन के बाद लंगर का आयोजन हुआ। इस दौरान गुरुजी के संदेश से लोगों को वाकिफ कराया गया।
एक सप्ताह से नगर प्रभात फेरी, शबद कीर्तन का गायन प्रारंभ हो गया। साथ ही गुरुद्वारा में श्री अखंड पाठ साहिब की श्रंखला भी प्रारंभ हो गयी थी, जिसका समापन कार्तिक पूर्णिमा के पश्चात शबद कीर्तन और कवि दरबार के साथ ही गुरुद्वारा में हुआ। गुरुद्वारा कमेटी श्री गुरुसभा गुरुमति प्रचार सभा के अध्यक्ष सरदार हरजीत सिंह कालड़ा ने गुरुपर्व की सभी को बधाई दी। बताया कि गुरुनानक साहिब ने मनुष्य के लिए समानता का रास्ता बनाया।
इस दौरान लंगर की सेवा गुरुमुख सिंह अरोरा, चरनजीत सिंह काका, जसवीर सिंह पप्पी, मनदीप सिंह संता, त्रिलोचन सिंह, गुरमीत सिंह, तरनपाल सिंह, दलजीत सिंह आदि ने संगत के साथ मिलकर की। गुरुद्वारा के मुख्य ग्रंथी भाई राजिंदर सिंह और साथियों ने कीर्तन तथा अन्य विद्वानों कथावाचकों ने प्रवचन द्वारा संगत को निहाल किया। गुरुद्वारा में अखंड पाठ कराने वाले दस परिवारों को गुरुद्वारा के खजांची सरदार तरनजीत सिंह ने सिरोपा देकर सम्मानित किया। इसके बाद अर्धरात्रि को आतिशबाजी की गई। इसके उपरांत सभी कार्यक्रम समाप्त हो गए।
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रेलवे स्टेशन स्थित झूूलेलाल मंदिर में भी गुरुनानक देव जी का प्रकाशोत्सव धूमधाम से मनाया गया। भंडारा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लंगर छका। सुबह गुरुनानक देव जी के पाठ साहब का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में सीएम के सलाहकार फत्तू राम भोजवानी, सपा के शहर सचिव पप्पन सिंधी, जैमू सिंधी, दिलीप कुकरेजा, हरी, लाली बुलानी, गोल्डी, पं. राजकुमार शर्मा, गुरुमुख दास, ने भाग लिया।
एक सप्ताह से नगर प्रभात फेरी, शबद कीर्तन का गायन प्रारंभ हो गया। साथ ही गुरुद्वारा में श्री अखंड पाठ साहिब की श्रंखला भी प्रारंभ हो गयी थी, जिसका समापन कार्तिक पूर्णिमा के पश्चात शबद कीर्तन और कवि दरबार के साथ ही गुरुद्वारा में हुआ। गुरुद्वारा कमेटी श्री गुरुसभा गुरुमति प्रचार सभा के अध्यक्ष सरदार हरजीत सिंह कालड़ा ने गुरुपर्व की सभी को बधाई दी। बताया कि गुरुनानक साहिब ने मनुष्य के लिए समानता का रास्ता बनाया।
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इस दौरान लंगर की सेवा गुरुमुख सिंह अरोरा, चरनजीत सिंह काका, जसवीर सिंह पप्पी, मनदीप सिंह संता, त्रिलोचन सिंह, गुरमीत सिंह, तरनपाल सिंह, दलजीत सिंह आदि ने संगत के साथ मिलकर की। गुरुद्वारा के मुख्य ग्रंथी भाई राजिंदर सिंह और साथियों ने कीर्तन तथा अन्य विद्वानों कथावाचकों ने प्रवचन द्वारा संगत को निहाल किया। गुरुद्वारा में अखंड पाठ कराने वाले दस परिवारों को गुरुद्वारा के खजांची सरदार तरनजीत सिंह ने सिरोपा देकर सम्मानित किया। इसके बाद अर्धरात्रि को आतिशबाजी की गई। इसके उपरांत सभी कार्यक्रम समाप्त हो गए।
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रेलवे स्टेशन स्थित झूूलेलाल मंदिर में भी गुरुनानक देव जी का प्रकाशोत्सव धूमधाम से मनाया गया। भंडारा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लंगर छका। सुबह गुरुनानक देव जी के पाठ साहब का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में सीएम के सलाहकार फत्तू राम भोजवानी, सपा के शहर सचिव पप्पन सिंधी, जैमू सिंधी, दिलीप कुकरेजा, हरी, लाली बुलानी, गोल्डी, पं. राजकुमार शर्मा, गुरुमुख दास, ने भाग लिया।