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बिना नाली गांव में भरा पानी
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इटावा। बसरेहर विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत नीमासई में रास्ते पर दो फीट पानी भरा है। यह गंदा पानी घरों से निकलकर आता है। गंदे पानी से होकर गुजरने में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार ग्राम प्रधान और सचिव से शिकायत की गई, लेकिन आज दिन तक कोई कार्य नहीं कराया जा सका। छोटे-छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाओं को उसी गंदे पानी से गुजरना पड़ता है।
गांव की करीब एक हजार की आबादी इस समस्या का दंश झेलने को मजबूर है। गांव के महेश यादव का कहना है कि इसी रास्ते से होकर बच्चों को स्कूल जाना पड़ता है। बड़ी मुसीबत है।
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पानी के निकास का कोई साधन नहीं है। वह तो हमेशा इसी तरह से भरा रहेगा। रामपाल सिंह का कहना है कि खड़ंजा भी टूटा फूटा पड़ा है, जिससे पानी ज्यादा भरता है।
कहा कि छोटे गड्ढे अंदर हैं जो पानी की वजह से दिखाई नहीं पड़ते। कभी कभार तो लोग गिरकर जख्मी हो जाते हैं। उमेश यादव का कहना है कि रास्ते को लेकर गांव के लोग कई बार नाराजगी जता चुके, परंतु कोई देखने सुनने वाला नहीं है।
शिशुपाल सिंह यादव का कहना है कि इसकी शिकायत खंड स्तर पर कर चुके हैं। इसी रास्ते से लोग मंदिर जाते हैं, जिससे बड़ी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने खड़ंजा और नाली का निर्माण कराने की मांग की, जिससे इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
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ग्रामीणों का कहना है कि कई बार ग्राम प्रधान और सचिव से शिकायत की गई, लेकिन आज दिन तक कोई कार्य नहीं कराया जा सका। छोटे-छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाओं को उसी गंदे पानी से गुजरना पड़ता है।
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गांव की करीब एक हजार की आबादी इस समस्या का दंश झेलने को मजबूर है। गांव के महेश यादव का कहना है कि इसी रास्ते से होकर बच्चों को स्कूल जाना पड़ता है। बड़ी मुसीबत है।
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पानी के निकास का कोई साधन नहीं है। वह तो हमेशा इसी तरह से भरा रहेगा। रामपाल सिंह का कहना है कि खड़ंजा भी टूटा फूटा पड़ा है, जिससे पानी ज्यादा भरता है।
कहा कि छोटे गड्ढे अंदर हैं जो पानी की वजह से दिखाई नहीं पड़ते। कभी कभार तो लोग गिरकर जख्मी हो जाते हैं। उमेश यादव का कहना है कि रास्ते को लेकर गांव के लोग कई बार नाराजगी जता चुके, परंतु कोई देखने सुनने वाला नहीं है।
शिशुपाल सिंह यादव का कहना है कि इसकी शिकायत खंड स्तर पर कर चुके हैं। इसी रास्ते से लोग मंदिर जाते हैं, जिससे बड़ी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने खड़ंजा और नाली का निर्माण कराने की मांग की, जिससे इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।