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एक ही दिन होगा मतदान, कर्मचारी दूसरे जिलों में भेजे जाएंगे
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इस बार एक जिले में एक ही दिन पंचायत चुनावों का मतदान होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर यह व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
हर पोलिंग बूथ पर दो मतपेटिकाएं उपलब्ध कराईं जाएंगी। सभी मतपत्र एक ही मतपेटी में रखे जाएंगे। जब एक मतपेटी भर जाएगी तब दूसरी रखी जाएगी। पिछले सालों में अपनाई जा रही प्रक्रिया के तहत अलग-अलग ब्लाकों में अलग-अलग दिनों में चुनाव कराया जाता रहा है।
इटावा में भी वर्ष 2015 में अलग-अलग दिनों में मतदान कराया गया था। लेकिन इस बार जिले के सभी आठों ब्लाकों में एक दिन में ही मतदान कराने की तैयारी है।
एक जिले के कुछ मतदान कार्मिकों को मंडल के दूसरे जिले में चुनाव ड्यूटी पर भी भेजा जाएगा। हालांकि इन कर्मचारियों को प्रशिक्षण अपने ही जिलों में दिया जाएगा।
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पंचायत चुनाव को लेकर जहां एक ओर आरक्षण की कवायद जारी है । वहीं दूसरी ओर निर्वाचन आयोग भी चुनाव कराने के लिए कमर कस रहा है। इस संबंध में आयोग की ओर से गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है। जिले में 471 ग्राम पंचायतों के लिए मतदान कराया जाना है।
इसके साथ ही बीडीसी सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य के लिए मतदान कराया जाना है। इसके लिए दावेदार अभी से कमर कस रहे हैं तो आयोग भी चुनाव की तैयारी में है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब मई में पंचायत चुनाव कराया जाना तय हो गया है। आयोग ने यह भी तय कर दिया है कि इन चुनावों की पोलिंग पार्टियों में कुल चार कर्मचारी तैनात होंगे।
इनमें एक पीठासीन अधिकारी होगा। तीन मतदान अधिकारी होंगे जो मतदान कराएंगे। इस बार चार पदों के लिए मतदान एक साथ कराया जाएगा। मतदान कर्मचारियों की ड्यूटियां लगाईं जाएंगी। मतदान से पहले ही ड्यूटी वाले सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
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हर पोलिंग बूथ पर दो मतपेटिकाएं उपलब्ध कराईं जाएंगी। सभी मतपत्र एक ही मतपेटी में रखे जाएंगे। जब एक मतपेटी भर जाएगी तब दूसरी रखी जाएगी। पिछले सालों में अपनाई जा रही प्रक्रिया के तहत अलग-अलग ब्लाकों में अलग-अलग दिनों में चुनाव कराया जाता रहा है।
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इटावा में भी वर्ष 2015 में अलग-अलग दिनों में मतदान कराया गया था। लेकिन इस बार जिले के सभी आठों ब्लाकों में एक दिन में ही मतदान कराने की तैयारी है।
एक जिले के कुछ मतदान कार्मिकों को मंडल के दूसरे जिले में चुनाव ड्यूटी पर भी भेजा जाएगा। हालांकि इन कर्मचारियों को प्रशिक्षण अपने ही जिलों में दिया जाएगा।
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पंचायत चुनाव को लेकर जहां एक ओर आरक्षण की कवायद जारी है । वहीं दूसरी ओर निर्वाचन आयोग भी चुनाव कराने के लिए कमर कस रहा है। इस संबंध में आयोग की ओर से गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है। जिले में 471 ग्राम पंचायतों के लिए मतदान कराया जाना है।
इसके साथ ही बीडीसी सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य के लिए मतदान कराया जाना है। इसके लिए दावेदार अभी से कमर कस रहे हैं तो आयोग भी चुनाव की तैयारी में है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब मई में पंचायत चुनाव कराया जाना तय हो गया है। आयोग ने यह भी तय कर दिया है कि इन चुनावों की पोलिंग पार्टियों में कुल चार कर्मचारी तैनात होंगे।
इनमें एक पीठासीन अधिकारी होगा। तीन मतदान अधिकारी होंगे जो मतदान कराएंगे। इस बार चार पदों के लिए मतदान एक साथ कराया जाएगा। मतदान कर्मचारियों की ड्यूटियां लगाईं जाएंगी। मतदान से पहले ही ड्यूटी वाले सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।