भदावरी फार्म में दो करोड़ से बनेगा वर्मी कंपोस्ट प्लांट
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भदावरी भैंस एवं जमुनापारी बकरी प्रजनन क्षेत्र में किसानों को वर्मी कंपोस्ट खाद बनाना सिखाया जाएगा। इसके लिए भदावरी फार्म में गोबर से वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने की तैयारी चल रही है। वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए एक शेड तैयार किया जा रहा है। इसका लगभग 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। छह महीने के अंदर बनकर तैयार हो जाएगा। वर्मी कंपोस्ट को रासायनिक खादों से बेहतर माना जाता है। इसमें मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ाने वाले तमाम पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इटावा में करीब दो करोड़ से तैयार किया जाने वाला यह प्लांट किसानों के लिए एक मॉडल के रूप में विकसित होगा। इससे भविष्य में किसान यहां से सीखकर खुद का वर्मी कंपोस्ट तैयार कर सकें।
वर्मी कंपोस्ट को तैयार करने के लिए गोबर व गलने वाले कचरे को सीमेंट से बनी तीन मीटर लंबी 1 मीटर चौड़ी और 40 सेमी. गहरी क्यारी में डाला जाता है। इसके बाद इसमें केंचुओं को छोड़ दिया जाता है। लगभग 15 से 20 दिनों के अंदर केंचुए इस गोबर व कचरे को वर्मी कंपोस्ट में बदल देते हैं। वर्मी कंपोस्ट बनाने में कई प्रकार की सावधानियां भी बरतनी होती हैं। जैसे जहां यह तैयार किया जा रहा है वहां तेज धूप नहीं होनी चाहिए। बीच बीच में पानी का छिड़काव भी जरूरी है। इटावा में बनने वाला वर्मी कंपोस्ट शेड का निर्माण सरकार के आदेश पर सीएंडडीएस की यूपी यूनिट बना रही है। इटावा के भदावरी भैंस एवं जमुनापारी बकरी प्रजनन क्षेत्र में बनने वाले वर्मी कंपोस्ट में लगभग 15 से 16 क्यारियों का निर्माण किया जाएगा। सरकार ने बजट 2017-2018 में क्षेत्र के विकास कार्य के लिए 1 करोड़ 95 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। इसमें बाउंड्रीवाल, कैटल शेड, भूसा गोदाम, टंकी, पाइप लाइन आदि निर्माण कराया जा रहा है। अभी तक लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।