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Etawah News: जिले के 18 शिक्षकों का सत्यापन अटका
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इटावा। 69 हजार शिक्षक भर्ती में जिले को तीन किस्तों में 586 नए शिक्षक दिए गए। इनमें से 18 शिक्षकों का सत्यापन तीन साल बाद भी नहीं हो सका। ऐसे में जहां इनका एरियर फंसा हुआ है, वहीं शिक्षा विभाग को इनकी रिपोर्ट अभी तक नहीं होने से उनके दस्तावेजों को लेकर संशय लग रहा है।
बेसिक शिक्षा में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए 2019-20 में 69 हजार शिक्षक भर्ती की गई थी। इसके लिए छह जनवरी को सुपर टेट की परीक्षा कराई गई थी। इसमें पास होने वाले अभ्यर्थियों की तीन किस्तों में चयन सूची जारी की गई थी। पहली सूची जून 2020, दूसरी सितंबर 2020 और तीसरी सूची जून 2021 में जारी की गई थी। इनमें से जिले में 586 शिक्षकों ने अलग-अलग समय पर ज्वाइन कर लिया था।
इनके सत्यापन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी। इनमें से 568 शिक्षकों का तो सत्यापन हो गया, लेकिन अभी तक 18 शिक्षकों का सत्यापन तीन साल से फंसा है। बताया जा रहा है कि इनकी शैक्षिक प्रमाण पत्र अन्य प्रदेशों व बाहर के विवि के होने की वजह से नहीं हो पा रहा है। कई बार पत्राचार करने के बावजूद संबंधित संस्थाएं डाटा उपलब्ध नहीं करा पा रही हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग को भी इन शिक्षकों के प्रमाण पत्र को लेकर संशय बना हुआ है।
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2021 में 38 शिक्षकों के फर्जी प्रमाण पत्र मिलने पर लिखाई गई रिपोर्ट
2019 से पहले भर्ती हुए शिक्षकों का सत्यापन भी फंसने पर जिले के 28 शिक्षक एसआईटी की जांच में फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी करते हुए पकड़े गए थे। वहीं, 10 शिक्षकों को जिला स्तरीय टीम ने पकड़ा था। यह शिक्षक जसवंतनगर, ताखा, भरथना, बसरेहर, सैफई, बढ़पुरा ब्लाक के शामिल थे। इन सभी के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी।
कुछ सत्यापन होने के लिए बचे हैं। इनके शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की संबंधित संस्थाएं सत्यापन नहीं कर पा रही हैं। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है।
- डॉ. राजेश कुमार, बीएसए
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बेसिक शिक्षा में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए 2019-20 में 69 हजार शिक्षक भर्ती की गई थी। इसके लिए छह जनवरी को सुपर टेट की परीक्षा कराई गई थी। इसमें पास होने वाले अभ्यर्थियों की तीन किस्तों में चयन सूची जारी की गई थी। पहली सूची जून 2020, दूसरी सितंबर 2020 और तीसरी सूची जून 2021 में जारी की गई थी। इनमें से जिले में 586 शिक्षकों ने अलग-अलग समय पर ज्वाइन कर लिया था।
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इनके सत्यापन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी। इनमें से 568 शिक्षकों का तो सत्यापन हो गया, लेकिन अभी तक 18 शिक्षकों का सत्यापन तीन साल से फंसा है। बताया जा रहा है कि इनकी शैक्षिक प्रमाण पत्र अन्य प्रदेशों व बाहर के विवि के होने की वजह से नहीं हो पा रहा है। कई बार पत्राचार करने के बावजूद संबंधित संस्थाएं डाटा उपलब्ध नहीं करा पा रही हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग को भी इन शिक्षकों के प्रमाण पत्र को लेकर संशय बना हुआ है।
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2021 में 38 शिक्षकों के फर्जी प्रमाण पत्र मिलने पर लिखाई गई रिपोर्ट
2019 से पहले भर्ती हुए शिक्षकों का सत्यापन भी फंसने पर जिले के 28 शिक्षक एसआईटी की जांच में फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी करते हुए पकड़े गए थे। वहीं, 10 शिक्षकों को जिला स्तरीय टीम ने पकड़ा था। यह शिक्षक जसवंतनगर, ताखा, भरथना, बसरेहर, सैफई, बढ़पुरा ब्लाक के शामिल थे। इन सभी के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी।
कुछ सत्यापन होने के लिए बचे हैं। इनके शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की संबंधित संस्थाएं सत्यापन नहीं कर पा रही हैं। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है।
- डॉ. राजेश कुमार, बीएसए