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वायरल बुखार से तीन की मौत

Thu, 21 Oct 2021 11:21 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 21 Oct 2021 11:21 PM IST
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vaayaral bukhaar se teen kee maut
इटावा/जसवंतनगर/भरथना। जिले में वायरल बुखार और डेंगू से मौतों का सिलसिला अभी भी थमा नहीं है। बृहस्पतिवार को भरथना में बिजली विभाग के एक लाइनमैन, जसवंतनगर और ताखा क्षेत्र में एक-एक युवक की वायरल बुखार से मौत हो गई।
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तीनों के परिजनों ने डेंगू से मौत होने की बात कही है। इधर, सरकारी व निजी अस्पतालों का हाल भी बेहाल है। हालत यह है कि जिला अस्पताल का डेंगू वार्ड फुल हो गया है।
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जिला अस्पताल में अब बुखार के मरीजों को बर्न वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। बुखार के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला अस्पताल परिसर में बने 100 शैय्या महिला अस्पताल में भी मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था की गई है।
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भरथना क्षेत्र के नगला अजय (पाली) गांव निवासी अमित कुमार यादव (32) भरथना विद्युत कार्यालय में लाइनमैन पद पर कार्यरत थे। परिजनों के अनुसार, कुछ दिन पहले अमित को तेज बुखार आया था।
उनका स्थानीय निजी चिकित्सकों से इलाज कराया गया, लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ। स्थानीय डॉक्टरों की सलाह पर तीन दिन पहले अमित को कानपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
वहां बुधवार की देर रात उपचार के दौरान अमित की मौत हो गई। परिजनों व विभागीय कर्मियों का कहना है कि डॉक्टरों ने अमित को डेंगू होना बताया था। बृहस्पतिवार को अमित का शव गांव लाया गया। वहां उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
उधर, जसवंतनगर क्षेत्र में वायरल बुखार ने बृहस्पतिवार को एक और की जान ले ली। दुढहा गांव निवासी यशपाल बाबा के बेटे अंगद शाक्य (30) को दो दिन से बुखार आया था। स्थानीय निजी डॉक्टरों से इलाज कराने के बाद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
इस पर परिजनों ने बुधवार को उसे आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां बुधवार की देर रात उपचार के दौरान अंगद की मौत हो गई। वह हाईवे पर क्षेत्र में स्थित पार्क के बाहर चाय-नाश्ते का खोखा लगाकर परिवार का पेट पालता था।
अंगद की मौत के बाद जसवंत नगर क्षेत्र में बुखार से मरने वालों का आंकड़ा 12 पार कर गया है। ग्राम प्रधान लक्ष्मी नारायण शाक्य ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में बीमार पड़े लोगों के इलाज की व्यवस्था करने की मांग की है।
वहीं, ताखा क्षेत्र के अघीनी निवासी रामसनेही के बेटे लक्ष्मी नारायण को कई दिनों से बुखार आ रहा था। ऊसराहार क्षेत्र के एक निजी डॉक्टर ने उनका उपचार चल रहा था।
बृहस्पतिवार को लक्ष्मी नारायण की हालत में बिगड़ गई। परिजन उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जा रहे थे। उसी दौरान बसरेहर के पास उनकी मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर लक्ष्मी नारायण को मृत घोषित कर दिया।
सैफई में डेंगू के 18 नए मरीज भर्ती
सैफई। मेडिकल यूनिवर्सिटी में बृहस्पतिवार को डेंगू के 18 नए मरीजों की भर्ती किया गया। यहां ओपीडी में बुखार के 106 मरीज देखे गए। चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. आदेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को अस्पताल से डेंगू के 14 मरीजों की छुट्टी की गई।
वर्तमान में 64 डेंगू के मरीज भर्ती हैं। बृहस्पतिवार को इटावा के डेंगू के पांच नए मरीज भर्ती हुए हैं। इटावा के एक डेंगू मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वर्तमान में इटावा के 34 डेंगू के मरीज भर्ती है।
इसके अलावा औरैया, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा समेत आसपास के कई जिलों के मरीज यहां भर्ती हैं।
जिला अस्पताल में 1058 मरीज पहुंचे
जिला अस्पताल की ओपीडी में 1058 मरीज खुद को दिखाने के लिए पहुंचे। इनमें बुखार के 450 मरीज रहे। इनकी पैथोलॉजी में ब्लड की जांच कराई गई। 185 मरीजों की डेंगू की जांच हुई। 25 डेंगू मरीजों के सैंपल जांच के लिए सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी की लैब में भेजे गए हैं।
डेंगू वार्ड फुल, बर्न वार्ड में भर्ती हो रहे मरीज
इटावा। जिले में बुखार और डेंगू मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बुखार से लोग मर भी रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कागजों में अभी तक न तो डेंगू से कोई मौत हुई और न ही बुखार से, जबकि अस्पतालों के डेंगू वार्ड फुल हो चुके हैं।
हालांकि, वार्ड में बुखार से भी मरीजों को भर्ती किया गया है। हालत यह है कि जिला अस्पताल में 45 बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया, जो फुल हो चुका है। अस्पताल के सीएमएस डॉ. एमएम आर्या की मानें तो वार्ड में डेंगू के छह मरीज है।
बाकी बुखार के मरीज भर्ती है। बताया कि अस्पताल में बृहस्पतिवार तक बुखार से 62 मरीज भर्ती हैं। इन मरीजों को डेंगू वार्ड फुल होने से अस्पताल परिसर में खाली पड़े बर्न वार्ड में शिफ्ट किया गया है।
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए परिसर में बने 100 शैय्या महिला विंग में भी बुखार के मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था कर ली गई है। सीएमएस की मानें तो बुखार, डेंगू व स्क्रब टाइफस से निपटने के लिए अस्पताल में सभी दवाएं मौजूद हैं।
अस्पताल में चारों तरफ मरीज ही मरीज
इटावा। जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को चारों तरफ मरीज ही मरीज नजर आ रहे थे। ओपीडी के बाहर और भीतर मरीज जमीन पर लेटे नजर आए। अमर उजाला टीम ने दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल का लाइव किया, तो अस्पताल के गेट पर, वार्ड के बाहर, ओपीडी के बाहर, इमरजेंसी के सामने, पैथोलोजी के सामने मरीज बैठे दिखाई दिए।

ओपीडी और लैब में खुद को दिखाने व जांच कराने के लिए मरीजों की लंबी लगाई लगी थी। लैब पर खुद के ब्लड की जांच कराने पहुंचा पूरबिया टोला तलैया मैदान के पास रहने वाला सूरज सोनी बेहोश हो गया।
मां सत्यवती ने बताया कि बेटे को तीन दिन से बुखार आ रहा है। ब्लड की जांच लिए लैब के बाहर लाइन में लगा था, तभी चक्कर आने पर बेहोश होकर गिर गया।
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