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Etawah News: हत्या में चाचा-भतीजे को आजीवन कारावास
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इटावा। नौ साल पुराने हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय दिनेश गौर की अदालत ने प्रदीप और शिवम को दोषी पाया है। न्यायालय ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोनों रिश्ते में चाचा-भतीजा हैं।
चौबिया थाना क्षेत्र के गांव हरदोई निवासी राजेश कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि सात जून 2016 को उसका भाई अखिलेश कुमार अपनी नाली साफ कर रहा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले प्रदीप और उसके परिवार के लोगों ने इसका विरोध किया। जब अखिलेश कुमार ने विरोध नहीं माना तो मारपीट शुरू कर दी थी। इस विवाद के चलते प्रदीप पक्ष के लोगों ने फायरिंग कर दी थी। गोली लगने से अखिलेश कुमार की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसके पिता राम सनेही और मां सूरज मुखी घायल हो गए थे।
घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्रदीप कुमार, उसके पिता सरमन लाल और चाचा शिवम के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच पूरी होने पर पुलिस ने सरमन लाल, उसके पुत्र प्रदीप कुमार और शिवम के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किए थे।
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मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय में हुई। कोर्ट ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर प्रदीप और शिवम को दोषी पाया। सुनवाई के दौरान आरोपी सरमन लाल की मृत्यु हो गई थी। न्यायालय ने दोनों दोषियों, प्रदीप और शिवम, को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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चौबिया थाना क्षेत्र के गांव हरदोई निवासी राजेश कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि सात जून 2016 को उसका भाई अखिलेश कुमार अपनी नाली साफ कर रहा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले प्रदीप और उसके परिवार के लोगों ने इसका विरोध किया। जब अखिलेश कुमार ने विरोध नहीं माना तो मारपीट शुरू कर दी थी। इस विवाद के चलते प्रदीप पक्ष के लोगों ने फायरिंग कर दी थी। गोली लगने से अखिलेश कुमार की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसके पिता राम सनेही और मां सूरज मुखी घायल हो गए थे।
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घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्रदीप कुमार, उसके पिता सरमन लाल और चाचा शिवम के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच पूरी होने पर पुलिस ने सरमन लाल, उसके पुत्र प्रदीप कुमार और शिवम के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किए थे।
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मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय में हुई। कोर्ट ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर प्रदीप और शिवम को दोषी पाया। सुनवाई के दौरान आरोपी सरमन लाल की मृत्यु हो गई थी। न्यायालय ने दोनों दोषियों, प्रदीप और शिवम, को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।