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दो हजार बच्चों के आंख की जांच
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा
Updated Tue, 08 Dec 2015 11:54 PM IST
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उप्र ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान के नेत्र रोग विभाग ने मंगलवार को एसएस मेमोरियल पब्लिक स्कूल सैफई में नि:शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर लगाकर दो हजार बच्चों के आंखों की जांच की। शिविर का उद्घाटन संस्थान के निदेशक डॉ. (ब्रिगे) टी प्रभाकर ने किया।
डॉ. (ब्रिगे) टी प्रभाकर ने कहा कि आंखों को थोड़ा से समय देेने से स्वस्थ रहेंगी तथा उनकी रोशनी जीवन भर बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि आंखों के सामने धुंधला दिखना, जलन, खुजली, पानी आना आदि लक्षण से पता चलता है कि आंखों की सेहत सही नहीं हैं।
साथ ही सलाह दी कि साल में एक बार विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सक से आंखों की जांच जरूर कराएं। एसएस मेमोरियल पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य एसएन यादव ने कहा कि नेत्र जांच यदि समय पर हो जाए तो बच्चों को सही दवा या चश्में से उनकी आंखों की समस्या की जा सकती है।
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नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रविरंजन ने बताया कि जांच के बाद यदि जरूरी होगा तो बच्चों को चश्में तथा अन्य जरूरी चीजें उपलब्ध कराई यी जाएंगी। कम्यूनिटी मेडिसिन के विभागाध्यक्ष प्रो. पीके जैन ने कहा कि स्कूल स्तर पर आंखों की जांच महत्वपूर्ण कदम है।
इसमें सभी विद्यालयों को बच्चों के नेत्र जांच के लिए समय निर्धारित करना चाहिए। साथ ही यह भी कहा कि आंखों को स्वस्थ रखने के लिए बच्चों में संतुलित एवं पौष्टिक भोजन को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। शिविर में सुमित शर्मा, संतोष त्रिपाठी, विश्वनाथ, आरडी पाल, धर्मेंद्र कुमार, रामसूति यादव, नगेंद्र सिंह चौहान व रेनू चौहान आदि मौजूद रहीं।
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डॉ. (ब्रिगे) टी प्रभाकर ने कहा कि आंखों को थोड़ा से समय देेने से स्वस्थ रहेंगी तथा उनकी रोशनी जीवन भर बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि आंखों के सामने धुंधला दिखना, जलन, खुजली, पानी आना आदि लक्षण से पता चलता है कि आंखों की सेहत सही नहीं हैं।
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साथ ही सलाह दी कि साल में एक बार विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सक से आंखों की जांच जरूर कराएं। एसएस मेमोरियल पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य एसएन यादव ने कहा कि नेत्र जांच यदि समय पर हो जाए तो बच्चों को सही दवा या चश्में से उनकी आंखों की समस्या की जा सकती है।
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नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रविरंजन ने बताया कि जांच के बाद यदि जरूरी होगा तो बच्चों को चश्में तथा अन्य जरूरी चीजें उपलब्ध कराई यी जाएंगी। कम्यूनिटी मेडिसिन के विभागाध्यक्ष प्रो. पीके जैन ने कहा कि स्कूल स्तर पर आंखों की जांच महत्वपूर्ण कदम है।
इसमें सभी विद्यालयों को बच्चों के नेत्र जांच के लिए समय निर्धारित करना चाहिए। साथ ही यह भी कहा कि आंखों को स्वस्थ रखने के लिए बच्चों में संतुलित एवं पौष्टिक भोजन को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। शिविर में सुमित शर्मा, संतोष त्रिपाठी, विश्वनाथ, आरडी पाल, धर्मेंद्र कुमार, रामसूति यादव, नगेंद्र सिंह चौहान व रेनू चौहान आदि मौजूद रहीं।