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ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के दो मास्टरमाइंड दबोचे
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फोटो संख्या 26 पुलिस की गिरफ्त में पकड़े गए आरोपित युवक
- फोटो : ETAWHA
। सोशल मीडिया के जरिए लोगों को ठगने वाले गिरोह के दो बदमाशों को कोतवाली पुलिस ने बुधवार रात धर दबोचा। पकड़े गए दोनों बदमाश बस स्टैंड के पास स्थित एक होटल में छिपे थे।
पुलिस ने इनके पास से दो महंगे मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनके जरिए ये अब तक सैकड़ों लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं। कोतवाली पुलिस की इस कार्रवाई पर एसएसपी आकाश तोमर ने पुलिस टीम का उत्साहवर्धन किया।
जसवंतनगर क्षेत्र के गांव सिसहाट की रहने वाली स्नेहलता ने 21 जुलाई को कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर धोखाधड़ी कर ठगी करने का मामला दर्ज कराया था। इसमें उसने बताया था कि दो मोबाइल नंबर धारकों ने उसे 47 हजार रुपये कीमत का एक मोबाइल फोन छूट में 15 हजार रुपये में दिलाने का ऑनलाइन मैसेज भेजा था।
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उन लोगों ने एडवांस में पेटीएम के माध्यम से एक हजार रुपये भी जमा करा लिए थे। जब उसने रुपये जमा कर दिए तो उसके बाद उसे फोन की डिलीवरी नहीं दी गई। जब उसने संपर्क करने की कोशिश की तो पता चला उसका नंबल ब्लैक लिस्टेट कर दिया गया।
इस मामले में पुलिस ने 417, 420 465 व 66डी आईटी एक्ट में मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी थी। एसएसपी आकाश तोमर ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सीओ सिटी एसएन वैभव पांडेय के नेतृत्व में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बचन सिंह सिरोही व सर्विलांस टीम का गठन कर जांच सौंपी थी।
इसके बाद टीम ने इलेक्ट्रॉनिक एवं मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर बुधवार को शहर के बस स्टैंड के पास स्थित एक होटल में छापा मारकर यहां ठहरे जसवंतनगर के गांव भतौरा निवासी मयंक राव तिवारी व सचिन को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए युवकों से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए।
जिनकी जांच पड़ताल करने पर पता चला कि इन्हीं नम्बरों से मेसेज भेजकर युवती को ठगी का शिकार बनाया गया था। गिरोह का पर्दाफाश करने वाली टीम में कोतवाल बचन सिंह सिरोही, रेलवे रोड चौकी इंचार्ज चिंतन कौशिश व सर्विलांस टीम का योगदान रहा।
इनसेट
बीबीए और बीटेक के छात्र हैं पकड़े गए युवक
इटावा। व्हाट्स एप, फेसबुक व अन्य सोशल साइडों के जरिए भ्रामक विज्ञापन प्रसारित कर लोगों को ठगने वाले दोनों आरोपित इस गिरोह के मास्टरमाइंड बताए गए हैं। बताया गया कि पकड़ा गया सचिन आगरा से बीटेक तथा मयंक राव इटावा के ही एक कॉलेज से बीबीए प्रथम सेमेस्टर का छात्र है। मयंक एक वर्ष पहले ही सचिन के संपर्क में आया था, जिसके बाद दोनों अपनी काबलियत का गलत इस्तेमाल करते हुए लोगों को ठगना शुरू कर दिया। अब तक ये दोनों देश के यूपी, राजस्थान, गुजरात, बंगाल, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में अपना साइबर जाल बिछाकर एक सैकड़ा से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं। साइबर क्राइम सैल के जरिए पता चला है कि इनके ऊपर आगरा के सादाबाद, गाजियाबाद तथा साउथ में मामले दर्ज हैं।
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पुलिस ने इनके पास से दो महंगे मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनके जरिए ये अब तक सैकड़ों लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं। कोतवाली पुलिस की इस कार्रवाई पर एसएसपी आकाश तोमर ने पुलिस टीम का उत्साहवर्धन किया।
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जसवंतनगर क्षेत्र के गांव सिसहाट की रहने वाली स्नेहलता ने 21 जुलाई को कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर धोखाधड़ी कर ठगी करने का मामला दर्ज कराया था। इसमें उसने बताया था कि दो मोबाइल नंबर धारकों ने उसे 47 हजार रुपये कीमत का एक मोबाइल फोन छूट में 15 हजार रुपये में दिलाने का ऑनलाइन मैसेज भेजा था।
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उन लोगों ने एडवांस में पेटीएम के माध्यम से एक हजार रुपये भी जमा करा लिए थे। जब उसने रुपये जमा कर दिए तो उसके बाद उसे फोन की डिलीवरी नहीं दी गई। जब उसने संपर्क करने की कोशिश की तो पता चला उसका नंबल ब्लैक लिस्टेट कर दिया गया।
इस मामले में पुलिस ने 417, 420 465 व 66डी आईटी एक्ट में मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी थी। एसएसपी आकाश तोमर ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सीओ सिटी एसएन वैभव पांडेय के नेतृत्व में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बचन सिंह सिरोही व सर्विलांस टीम का गठन कर जांच सौंपी थी।
इसके बाद टीम ने इलेक्ट्रॉनिक एवं मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर बुधवार को शहर के बस स्टैंड के पास स्थित एक होटल में छापा मारकर यहां ठहरे जसवंतनगर के गांव भतौरा निवासी मयंक राव तिवारी व सचिन को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए युवकों से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए।
जिनकी जांच पड़ताल करने पर पता चला कि इन्हीं नम्बरों से मेसेज भेजकर युवती को ठगी का शिकार बनाया गया था। गिरोह का पर्दाफाश करने वाली टीम में कोतवाल बचन सिंह सिरोही, रेलवे रोड चौकी इंचार्ज चिंतन कौशिश व सर्विलांस टीम का योगदान रहा।
इनसेट
बीबीए और बीटेक के छात्र हैं पकड़े गए युवक
इटावा। व्हाट्स एप, फेसबुक व अन्य सोशल साइडों के जरिए भ्रामक विज्ञापन प्रसारित कर लोगों को ठगने वाले दोनों आरोपित इस गिरोह के मास्टरमाइंड बताए गए हैं। बताया गया कि पकड़ा गया सचिन आगरा से बीटेक तथा मयंक राव इटावा के ही एक कॉलेज से बीबीए प्रथम सेमेस्टर का छात्र है। मयंक एक वर्ष पहले ही सचिन के संपर्क में आया था, जिसके बाद दोनों अपनी काबलियत का गलत इस्तेमाल करते हुए लोगों को ठगना शुरू कर दिया। अब तक ये दोनों देश के यूपी, राजस्थान, गुजरात, बंगाल, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में अपना साइबर जाल बिछाकर एक सैकड़ा से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं। साइबर क्राइम सैल के जरिए पता चला है कि इनके ऊपर आगरा के सादाबाद, गाजियाबाद तथा साउथ में मामले दर्ज हैं।