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इलाज के साथ आयुर्वेद का प्रचार प्रसार जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो इटावा।
Updated Tue, 15 Dec 2015 11:14 PM IST
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महोत्सव कैंप में मंगलवार को आयुर्वेद सम्मेलन में लोगों को आयुर्वेद के संबंध में बताया गया। सम्मेलन का शुभारम्भ मुख्य अतिथि आयुष सलाहकार एवं दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री केपी सिंह चौहान, नीमा के प्रांतीय अध्यक्ष डा. अतुल प्रताप व डा शरद द्विवेदी ने भगवान धन्वन्तरि के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया।
चौहान ने कहा कि आयुर्वेद पद्घति से रोगियों को इलाज देने के साथ- साथ चिकित्सकों को इसके प्रचार- प्रसार के लिए भी आगे आना चाहिए। कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा से उपचार लेने पर रोगी को साइड इफैक्ट नहीं होते हैं। कहा कि इस क्षेत्र में आगे बढ़ने वाले को वह हर संभव मदद देंगे।
डाक्टर राजेश तिवारी ने लोगों को तमाम जड़ी बूटियों के बारे में बताया। डा. केके सक्सेना व डा. अंबरीश अग्रवाल ने आयुर्वेद और होम्योपैथी की समानता के बारे में जानकारी दी। डा. मनोज पांडेय, डा. श्रीकांत, डा. जेके तिवारी ने आयुर्वेद चिकित्सा के कई पहलुओं पर विचार रखे। भारतीय योग संस्थान के साधक अजय कुमार, ममता गुप्ता, रतन कुमारी, अखिलेश कुमार वर्मा ने योग प्रदर्शन किया। सम्मेलन को डा. राजेश तिवारी व डा. उमेश भटेले ने भी संबोधित किया।
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चौहान ने कहा कि आयुर्वेद पद्घति से रोगियों को इलाज देने के साथ- साथ चिकित्सकों को इसके प्रचार- प्रसार के लिए भी आगे आना चाहिए। कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा से उपचार लेने पर रोगी को साइड इफैक्ट नहीं होते हैं। कहा कि इस क्षेत्र में आगे बढ़ने वाले को वह हर संभव मदद देंगे।
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डाक्टर राजेश तिवारी ने लोगों को तमाम जड़ी बूटियों के बारे में बताया। डा. केके सक्सेना व डा. अंबरीश अग्रवाल ने आयुर्वेद और होम्योपैथी की समानता के बारे में जानकारी दी। डा. मनोज पांडेय, डा. श्रीकांत, डा. जेके तिवारी ने आयुर्वेद चिकित्सा के कई पहलुओं पर विचार रखे। भारतीय योग संस्थान के साधक अजय कुमार, ममता गुप्ता, रतन कुमारी, अखिलेश कुमार वर्मा ने योग प्रदर्शन किया। सम्मेलन को डा. राजेश तिवारी व डा. उमेश भटेले ने भी संबोधित किया।
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