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सफारी से यादगार साथ ले जाएंगे सैलानी

Wed, 20 Nov 2019 07:24 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 20 Nov 2019 07:24 PM IST
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Tourists will take tourists with safari
फोटो संख्या 27: इटावा सफारी के निदेशक वीके सिंह। फोटो संख्या 28: सैलानियों के लिए खोला जाने वाला याद? - फोटो : ETAWHA
सफारी आने वाले सैलानी अपने साथ यहां की यादगार भी ले जा सकेंगे। सफारी भ्रमण की याद दिलाने के लिए यादगार केंद्र भी खोला जा रहा है। इसका टेंडर मंगलवार को मंजूर हो गया। इस यादगार सेंटर में सैलानियों के लिए टीशर्ट, डायरी से लेकर पेंसिल तक बिक्री के लिए रखी जाएगी। छोटी कैंटीन का भी टेंडर हो गया है। ये भी पहले दिन से ही सैलानियों के लिए शुरू कर दी जाएगी।
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इटावा सफारी के निदेशक वीके सिंह ने बताया कि सफारी में लायन (शेर), लैपर्ड (तेंदुआ), बीयर (भालू), डियर (हिरण) और एंटीलोप (काला हिरण) सफरी हैं। इसमें बीयर, डियर और एंटीलोप सफारी 24 नवंबर को आम जनता के लिए घूमने के लिए खोल दी जाएंगी। प्रदेश सरकार के वन मंत्री दारा सिंह चौहान और अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया तीनों सफारी का दोपहर 12:30 बजे लोकार्पण और अस्पताल का लोकार्पण करेंगे।
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निदेशक ने बताया कि सैलानी सफारी के भ्रमण की निशानियां ले जा सकें, इसके लिए यादगार केंद्र (सोवनेयर शॉप) खोली जा रही है। इसका टेंडर हो चुका है। 24 से सैलानियों के लिए बिक्री शुरू हो जाएगी।
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उन्होंने बताया कि यादगार केंद्र में टीशर्ट, टोपी, कीरिंग, मग, जानवरों के चित्र व आकृतियां, गिफ्ट आइटम, बच्चों के लिए पेंशन, पेन, रबर आदि बेेची जाएंगी। सभी सामग्री पर सफारी का चिह्न बना होगा। निदेशक ने बताया कि 24 तारीख को ही सैलानियों के चाय, नाश्ता के लिए छोटी कैंटीन भी शुरू कर दी जाएगी। इसका टेंडर भी हो चुका है।
कैंटीन और यादगार केंद्र गेट से घुसने पर करीब 40 मीटर दूरी पर हैं। निदेशक ने बताया कि 65 काले हिरण, 42 हिरण, 14 सांभर और तीन भालू हैं। 24 से सैलानी इन जानवरों को देख सकेंगे।
निदेशक वीके सिंह ने बताया कि सफारी में एक 4डी थियेटर भी बनाया गया है। इसमें सैलानियों को वाइल्ड लाइफ पर फिल्में दिखाई जाएंगी। थियेटर में अभी 40 सीटों की व्यवस्था हैं।
आगे चलकर इसमें बढ़ोतरी भी की जा सकती है। प्रतिदिन छह शो चलाए जाएंगे। एक शो 30 मिनट का होगा। थियेटर में प्रवेश के लिए 6 से 12 वर्ष तक के बच्चों के लिए 100 रुपये और इससे अधिक उम्र के लोगों के लिए 150 रुपये निर्धारित किए गए हैं।
सफारी के गेट पर दोनों ओर टिकट खिड़कियां बन गई हैं। टिकट छपने के आर्डर भी दिए जा चुके हैं। पहले किस्त में एक से दो हजार टिकट छपवाए जा रहे हैं। निदेशक ने बताया कि सफारी सुबह सात बजे से शाम 5:30 बजे तक खुलेगी।
गेट पर टिकट लेकर ही अंदर प्रवेश कर सकेंगे। टिकट चार घंटे के लिए मान्य होगा। इस अवधि में सैलानी जानवर देखने के साथ थियेटर में फिल्म और अन्य स्थानों पर भ्रमण कर सकेंगे। गेट से प्रवेश के बाद सैलानियों की गाड़ियां पार्किंग में खड़ी करा दी जाएंगी, वहां से पैदल आगे जाएंगे। जानवर देखने के लिए पुल पार बसेें मिलेंगी।
19 सीटर दो बसें और सफारी की 12 सीटर दो गाड़ियां भ्रमण कराएंगी। बसें और गाड़ियां करीब पांच चक्कर लगाएंगे। इस तरह एक दिन में लगभग 310 सैलानी सफारी में जानवरों को देख सकेंगे। निदेशक ने बताया कि जरूरत पड़ने पर बसें बढ़ाई जाएंगी। आगे चलकर एसी बसें भी लगाई जाएंगी।
लायन सफारी खोलने के लिए नेशनल जू एथरिटी से 10 शेरों का कुनबा होने की शर्त है। इसमें एक नर, चार मादा
या दो नर और पांच मादा होना जरूरी है। अभी सफारी में आठ शेर हैं, जिसमें दो मादा हैं।
इनके नाम जेसिका, हीर, मनन, गीगो, पटौदी, शिम्बा, सुल्तान और बाहुबली हैं। जेसिका के साढ़े चार महीने के तीन शावक भी हैं। अभी उनके गिनती कुनबे में नहीं की जा सकती है। गुजरात से आए शेरों का फैसला होने के बाद मानक पूरा हो सकता है।
जनवरी में गुजरात से आए कितने शेर जाएंगे और कितने इटावा सफारी में रहेंगे इसका फैसला हो जाएगा। इसके अलावा गुजरात से चार और शेर भी आने हैं। हालांकि मानक में बदलाव के लिए डायरेक्टर ने नेशनल जू एथरिटी को पत्र लिखा है। निदेशक ने बताया कि लैपर्ड सफारी भी अभी नहीं खोली जा सकती है।

पिछले साल आई आंधी में तेंदुआ सफारी की रेलिंग कहीं कहीं क्षतिग्रस्त हो गई है। उसकी मरम्मन और पूरी रेलिंग का निरीक्षण करने के बाद ही उसे खोला जाएगा।
गुजरात से सात शेर माहेश्वरी, राधा, जेनिफर, मरियम, तेजस्विनी और तौकीर को लाया गया था। इसमें तौकीर की मौत हो चुकी है। इन शेरों को सफारी के माहौल में ढालने के लिए दो अलग-अलग बाड़ों में रखा गया था। तौकीर की मौत के बाद तन्हाई बढ़ा छह सप्ताह कर दिया गया था। अब से समय पूरा हो गया है। निदेशक ने बताया कि एक दो दिन में शेरों को एक जगह कर दिया जाएगा।

फोटो संख्या 27: इटावा सफारी के निदेशक वीके सिंह।  फोटो संख्या 28: सैलानियों के लिए खोला जाने वाला याद?

फोटो संख्या 27: इटावा सफारी के निदेशक वीके सिंह। फोटो संख्या 28: सैलानियों के लिए खोला जाने वाला याद?- फोटो : ETAWHA

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