फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Tough road for BJP in Jaswantnagar

जसवंतनगर में भाजपा की राह कठिन

Fri, 14 Jan 2022 11:33 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jan 2022 11:33 PM IST
विज्ञापन
Tough road for BJP in Jaswantnagar
इटावा। जिले में विधानसभा चुनावों के लिए हो रहे प्रबंधन में सपा ने एक बार फिर अपना सिक्का जमा दिया है। प्रदेश में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के भाजपा छोड़ने का असर जिले की राजनीति पर भी दिखाई पड़ने लगा है।
विज्ञापन

यहां स्वामी प्रसाद मौर्य के करीबी और पिछले चुुनाव में सपा के लिए चुनौती खड़ी करने वाले मनीष यादव पतरे साइकिल पर सवार हो गए हैं। मनीष यादव पतरे के सपा में जाने से जसवंतनगर विधानसभा सीट पर भाजपा के मुकाबले की धार चुनाव मैदान में उतरने से पहले ही कुंद होने लगी है।
विज्ञापन

सपा संरक्षक और पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव परिवार के लिए अपराजेय बनी इस सीट पर सपा सफलता का नया इतिहास लिखने की तैयारी में है। जसवंतनगर विधानसभा मुलायम सिंह यादव परिवार के लिए अपराजेय रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुलायम सिंह यादव के पहलवानी के अखाड़े से राजनीति के माहिर खिलाड़ी बनने की आरंभिक गाथा का यह क्षेत्र ही साक्षी रहा है। वे 1967 में पहली बार जसवंतनगर से विधायक निर्वाचित हुए।
1969 में कांग्रेस के चौधरी विशंभर सिंह यादव और 1980 में बलराम सिंह यादव विधायक का चुनाव जीते थे। बाकी 1996 तक हुए कुल 10 चुनावों में आठ बार मुलायम सिंह यादव ही विधायक निर्वाचित हुए।
1996 में यह सीट उन्होंने अपने अनुज शिवपाल सिंह यादव को सौंप दी थी। शिवपाल सिंह यादव लगातार 5वीं बार विधायक निर्वाचित हुए हैं।
विधानसभा सीट पर मुलायम सिंह यादव ने जीत का जो सिलसिला शुरू किया, दूसरे दलों के लिए उसे तोड़ पाना अभी तक तो मुमकिन नहीं हो पाया है। भाजपा हो अथवा बसपा दोनों ही खूब जोर लगाया परंतु यहां सपा को हिला नहीं सके।
शिवपाल के पुत्र अंकुर की होगी एंट्री
जसवंतनगर विधानसभा सीट पर मुकाबले से पहले ही हुए दलबदल से प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के पुत्र आदित्य यादव अंकुर की विधायकी के चुनाव में एंट्री होने जा रही है।
शिवपाल यादव किसी गैर जिले से चुनाव लड़ेंगे। अपनी विरासत वह अपने पुत्र अंकुर यादव को सौंपने जा रहे हैं। इससे पहले जिला सहकारी बैंक के चुनाव में भी वे ऐसा कर चुके हैं।
जिला सहकारी बैंक के लगातार 33 साल तक अध्यक्ष रहने के बाद उन्होंने यह पद अपने पुत्र को सौंप दिया। अब आदित्य यादव अंकुर बैंक के अध्यक्ष हैं।
मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव और शिवपाल यादव का क्षेत्र इटावा अब चुनावी रंग में डूब चुका है। यहां पर तीसरे चरण में 20 फरवरी को वोट डाले जाएंगे।
सपा के पक्ष में आ रहे राजनीतिक समीकरण
मनीष यादव पतरे के भाजपा छोड़कर सपा में शामिल होने से राजनीतिक समीकरण सपा के लिए मुफीद होते जा रहे हैं। पतरे ने 2012 का चुनाव बसपा के टिकट पर शिवपाल सिंह यादव के खिलाफ लड़ा और 52,479 मत हासिल किए।
2017 के चुनाव में पतरे ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। उन्हें 74,218 मत हासिल हुए। पतरे ने जसवंतनगर विस में काफी काम किया था। उनके सभी समर्थक सपा में शामिल हो गए हैं।

अब नए सिरे से चुुनावी प्रबंधन करना आसान नहीं होगा। चुनाव सिर पर हैं, ऐसे में भाजपा को बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की टीम खड़ी करने के लिए काफी हाथ-पैर मारने पड़ेंगे।
2017 विधानसभा चुनाव का परिणाम
शिवपाल सिंह यादव, सपा- 1,26,834 -54.42 फीसदी मत
मनीष यादव पतरे, भाजपा- 74,218- 31.85 फीसदी मत
दुर्वेश कुमार शाक्य, बसपा 24509 -10.52 फीसदी मत
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed