फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Toilet in the name of five million scam!

शौचालय के नाम पर पचास लाख का घोटाला!

Thu, 28 Jan 2016 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इटावा।
अमर उजाला ब्यूरो इटावा। Updated Thu, 28 Jan 2016 12:41 AM IST
विज्ञापन
Toilet in the name of five million scam!
लोहिया ग्राम पंचायत ताखा में शौचालय के लिए आए पचास लाख रुपये में घोटाले  का मामला सामने आया है।  आरोप है कि आचार संहिता लगने से चंद रोज पहले पूर्व प्रधान और सचिव ने मिलकर भारी भरकम रकम निकाल ली।
विज्ञापन


निर्माण के नाम पर सभी नियमों को ताक पर रखकर किसी लाभार्थी को शौचालय की सीट पकड़ा दी गई तो किसी के घर पर केवल गड्ढा खोदकर डाल दिया गया।  वहीं तमाम लाभार्थी ऐसे हैं, जिनका पूरा का पूरा पैसा ही डकार लिया गया है।  ग्रामीणों ने घोटाले के विरोध में प्रदर्शन कर विरोध जताया और जांच की मांग की।
विज्ञापन


  इटावा जनपद के विकास खंड ताखा की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत ताखा को वर्ष 2015 में लोहिया समग्र विकास योजना में शामिल किया गया था। इसी पंचायत के निवासी पूर्व विधायक महेंद्र सिंह यादव ने बताया योजना के तहत लगभग चार सौ पचास शौचालयों के निर्माण के लिए पंचायत को लगभग पचास लाख रुपए पंचायत के खाते में भेजे गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


  नियमानुसार लाभार्थी को शौचालय का निर्माण कराना चाहिए था।  निर्माण के बाद लाभार्थी को बारह हजार रुपये का चेक देना चाहिए।  पूर्व ग्राम प्रधान  शाक्य एवं पंचायत सेक्रेटरी  ने दस पंद्रह लाभार्थियों को तो बारह बारह हजार की चेक दे दिया।  बाकी रकम क्षेत्र पंचायत के चुनाव की आचार संहिता लगने से चंद रोज पहले दोनों ने मिलकर निकाल ली।  बताया जाता है यह रकम निकालने के लिए कुछ चेक  तो फर्मों के नाम काट दिया गया ।

कई लाख रुपये की चेक प्रधान ने अपने नाम से कटवाकर भुगतान करा लिया। जिसके बाद रुपये हड़पने का खेल खेला गया। इसी पंचायत के पूर्व ब्लाक प्रमुख शिवप्रताप यादव ने खंड विकास अधिकारी ताखा से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।  उन्होंने बताया निर्माण के नाम पर पूर्व प्रधान ने किसी लाभार्थी के घर के सामने गड्ढा खोदकर डाल दिया है तो किसी को केवल शौचालय की सीट दी गई है।

कुछ पुराने शौचालयों को ही दिखाकर पैसा हड़प लिया गया है । पात्रों को बारह हजार रुपये की चेक दी जानी चाहिए थी लेकिन उन्हें चेक न देकर सामर्थ्यवानों को चेक दे दिया गया।

खंड विकास अधिकारी, ताखा ब्लॉक लोकेश मिश्रा ने बताया पंद्रह दिन पहले खंड विकास अधिकारी का कार्यभार संभाला है। मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच करेंगे। साथ ही यह भी पता किया जाएगा कि पूर्व प्रधान के कार्यकाल समाप्त होने के बाद वहां प्रशासक कौन तैनात किया गया था ।  उसे शौचालय संबंधी पूरा चार्ज मिला था या नहीं। जो दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

ताखा गांव के निवासी रामबाबू के नाम बारह हजार रुपये लाभार्थियों की बीपीएल सूची में 76 वे नंबर पर दर्ज है।  लाभार्थी का पैसा कई माह पहले निकल चुका है । लेकिन रामबाबू को चुनाव के समय केवल शौचालय की सीट  दी गई।

रामबाबू ने बताया वह कच्चे मकान में रहता है और शौचालय के लिए उसे उस सीट के अलावा कोई पैसा नहीं मिला है। अब वह उस सीट का क्या करे। बच्चे खुले में शौच जाते हैं । कुछ यही हाल रामसेवक का है ।

 वह सूची में 84 नंबर पर दर्ज है लेकिन शौचालय के नाम पर घर के सामने महीनों पहले गड्ढा खोदकर डाल दिया गया है। जबकि 45 नंबर पर दर्ज मंजेश कुमार को तो कुछ भी नहीं मिला उसका दस वर्ष का निशक्त पुत्र अंकित परिजनों का हाथ पकड़कर खेतों में शौच के लिए जाता है।


यह नाम तो बानगी मात्र है। पूरे ताखा गांव में न जाने ऐसे भी कितने लाभार्थी हैं जिन्हें पता ही नहीं है कि उनके नाम पर आया धन महीनों पहले ही हड़प कर लिया गया है।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed