{"_id":"6ada478cab60a408e008b142","slug":"today-23880-voters-will-elect-graduate-and-teacher-mlcs-etawah-news-c-216-1-etw1004-151873-2026-10-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: आज 23,880 मतदाता चुनेंगे स्नातक और शिक्षक एमएलसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: आज 23,880 मतदाता चुनेंगे स्नातक और शिक्षक एमएलसी
Thu, 22 Oct 2026 10:57 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Thu, 22 Oct 2026 10:57 PM IST
विज्ञापन
फोटो 11::विकास भवन से रवाना होती पोलिंग पार्टियां। संवाद
इटावा। आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक विधान परिषद निर्वाचन के लिए शुक्रवार को जिले में मतदान होगा। कुल 23,880 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें स्नातक निर्वाचन के 19,951 और शिक्षक निर्वाचन के 3,929 मतदाता शामिल हैं। जिला प्रशासन ने मतदान को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
बृहस्पतिवार को विकास भवन से पोलिंग पार्टियों को आवश्यक निर्देश देने के बाद मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया गया। जिले में मतदान के लिए 14 मतदान केंद्रों पर कुल 30 बूथ बनाए गए हैं। मतदान सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक कराया जाएगा। बृहस्पतिवार सुबह से ही विकास भवन में मतदान कर्मचारियों और अधिकारियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। कर्मचारियों को बसों से संबंधित मतदान केंद्रों के लिए भेजा गया। मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
तीन पोलिंग पार्टियों को रिजर्व में भी रखा गया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका उपयोग हो सके। पोलिंग पार्टियों की रवानगी के दौरान जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल, पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव और मुख्य विकास अधिकारी संजय सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
हर बूथ पर माइक्रो आब्जर्वर और वीडियोग्राफर की तैनाती
मतदान प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखने के लिए प्रत्येक बूथ पर एक माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात रहेगा। यह माइक्रो ऑब्जर्वर पूरे दिन मतदान प्रक्रिया का अवलोकन करेगा। इसके साथ ही प्रत्येक बूथ पर एक वीडियोग्राफर की ड्यूटी लगाई गई है। वीडियोग्राफर मतदान के दौरान होने वाली गतिविधियों की वीडियो रिकॉर्डिंग करेगा। सभी संबंधित कर्मचारियों को निर्धारित समय पर अपने-अपने बूथ पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
पहचान पत्र के नियम
मतदान के लिए मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि ईपीआईसी उपलब्ध नहीं है, तो वैकल्पिक पहचान पत्रों में से किसी एक से पहचान प्रमाणित की जा सकती है। इनमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट और केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र शामिल हैं। सांसदों, विधायकों, पार्षदों के सरकारी पहचान पत्र, शैक्षणिक संस्थान का सेवा पहचान पत्र और विश्वविद्यालय की डिग्री भी मान्य होगी। दिव्यांगता प्रमाण पत्र और यूनिक डिसएबिलिटी आईडी कार्ड भी वैकल्पिक पहचान पत्रों में शामिल हैं।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को विकास भवन से पोलिंग पार्टियों को आवश्यक निर्देश देने के बाद मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया गया। जिले में मतदान के लिए 14 मतदान केंद्रों पर कुल 30 बूथ बनाए गए हैं। मतदान सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक कराया जाएगा। बृहस्पतिवार सुबह से ही विकास भवन में मतदान कर्मचारियों और अधिकारियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। कर्मचारियों को बसों से संबंधित मतदान केंद्रों के लिए भेजा गया। मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
विज्ञापन
तीन पोलिंग पार्टियों को रिजर्व में भी रखा गया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका उपयोग हो सके। पोलिंग पार्टियों की रवानगी के दौरान जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल, पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव और मुख्य विकास अधिकारी संजय सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
हर बूथ पर माइक्रो आब्जर्वर और वीडियोग्राफर की तैनाती
मतदान प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखने के लिए प्रत्येक बूथ पर एक माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात रहेगा। यह माइक्रो ऑब्जर्वर पूरे दिन मतदान प्रक्रिया का अवलोकन करेगा। इसके साथ ही प्रत्येक बूथ पर एक वीडियोग्राफर की ड्यूटी लगाई गई है। वीडियोग्राफर मतदान के दौरान होने वाली गतिविधियों की वीडियो रिकॉर्डिंग करेगा। सभी संबंधित कर्मचारियों को निर्धारित समय पर अपने-अपने बूथ पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
पहचान पत्र के नियम
मतदान के लिए मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि ईपीआईसी उपलब्ध नहीं है, तो वैकल्पिक पहचान पत्रों में से किसी एक से पहचान प्रमाणित की जा सकती है। इनमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट और केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र शामिल हैं। सांसदों, विधायकों, पार्षदों के सरकारी पहचान पत्र, शैक्षणिक संस्थान का सेवा पहचान पत्र और विश्वविद्यालय की डिग्री भी मान्य होगी। दिव्यांगता प्रमाण पत्र और यूनिक डिसएबिलिटी आईडी कार्ड भी वैकल्पिक पहचान पत्रों में शामिल हैं।

फोटो 11::विकास भवन से रवाना होती पोलिंग पार्टियां। संवाद