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काव्य रचनाओं से दी शहीदों को श्रद्धांजलि
ब्यूरो, अमर उजाला इटावा
Updated Fri, 08 Jan 2016 12:31 AM IST
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सैफई महोत्सव के मंच पर आयोजित अखिल भारतीय कवि
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सम्मलेन में देश के नामी कवियों ने मंच पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। कवियों
ने अपनी रचनाओं से पठानकोट हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। पद्म श्री
गोपाल दास नीरज, हरिओम पवार, डा. विष्णु सक्सेना एवं सुनील जोगी जैसे
कवियों को श्रोताओं ने सुना।
पदमिनी शर्मा ने सरस्वती वंदना से कवि सम्मलेन की शुरुआत की। उन्होंने अपनी कविता गम की घटा को आंख का काजल बना दिया प्रस्तुत की। कवि गोपाल दास नीरज ने आत्मा के सौंदर्य का शब्द रूप है काव्य, मानव होना भाग्य है कवि होना सौभाग्य प्रस्तुत की।
कवि डा. सुनील जोगी ने सत्यमेव जयते से इस वतन को महकाना, भूलकर भी बीबी के कहने में न आ जाना, कवि डा. हरिओम पवार ने मैं भारत का संविधान हूं, लाल किले से बोल रहा, मेरा अंतर्मन घायल है मन की गांठें खोल रहा हूं। कवि डा. विष्णु सक्सेना ने जमीन जल रही है, फिर भी चल रहा हूं में, दिया हूं प्यार का हिम्मत से जल रहा हूं में।
कवि सर्वेश अस्थाना ने विभाग ने पुल पर इल्जाम लगाया कि सारा सीमेंट और लोहा इसी पुल ने खाया है, पुल अपने ऊपर लगाया ये इल्जाम सहन कर गया, और सबेरे ही नदी में कूदकर मर गया, कवि डा. कर्नल बीपी सिंह ने अपनी कविता देश मिट्टी हवा पानी से बना है, देश पुरखों की कहानी से बना है, खून से हस्ताक्षर कर दे गगन पर, देश उस पागल जवानी से बना है, प्रस्तुत की।
वीर रस के कवि महेंद्र अजनबी दिल्ली ने एक कवि अभी पुराने जमाने के नशे में झूम रहा था इसलिए पाकिस्तान के खिलाफ मिसाइलों के युग में तलवार लिए हुए घूम रहा था प्रस्तुत कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। कवि रमेश शर्मा राजस्थान ने अपनी कविता ‘चांद की बात करते हो धरती पर, अपना घर ही नहीं, रोज बनाते ताजमहल संगमरमर क्या कंकर ही नहीं’, ‘सूखी नदियां नाव लिए तुम बहते हो यू ही, क्या लिखते रहते हो यू ही’ प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कवि सुनील जोगी व तीन अन्य कवियों की किताब का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, सांसद धर्मेन्द्र यादव, सांसद तेजप्रताप यादव, प्रबंधक वेदव्रत गुप्ता ने संचालन कर रहे पूर्व सांसद उदय प्रताप यादव व सभी कवियों का माला पहनाकर व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव, लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव, पी सी एफ सभापति आदित्य यादव, डॉ टी प्रभाकर, जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव, के पी सिंह चौहान राज्यमंत्री, प्रदीप यादव गुन्नौर राज्यमंत्री, मंसूर खान, रविन्द्र श्री वास्तव गुड्डू, विशेष सचिव मुख्यमंत्री जगदेव सिंह, मौजूद रहे।
पदमिनी शर्मा ने सरस्वती वंदना से कवि सम्मलेन की शुरुआत की। उन्होंने अपनी कविता गम की घटा को आंख का काजल बना दिया प्रस्तुत की। कवि गोपाल दास नीरज ने आत्मा के सौंदर्य का शब्द रूप है काव्य, मानव होना भाग्य है कवि होना सौभाग्य प्रस्तुत की।
कवि डा. सुनील जोगी ने सत्यमेव जयते से इस वतन को महकाना, भूलकर भी बीबी के कहने में न आ जाना, कवि डा. हरिओम पवार ने मैं भारत का संविधान हूं, लाल किले से बोल रहा, मेरा अंतर्मन घायल है मन की गांठें खोल रहा हूं। कवि डा. विष्णु सक्सेना ने जमीन जल रही है, फिर भी चल रहा हूं में, दिया हूं प्यार का हिम्मत से जल रहा हूं में।
कवि सर्वेश अस्थाना ने विभाग ने पुल पर इल्जाम लगाया कि सारा सीमेंट और लोहा इसी पुल ने खाया है, पुल अपने ऊपर लगाया ये इल्जाम सहन कर गया, और सबेरे ही नदी में कूदकर मर गया, कवि डा. कर्नल बीपी सिंह ने अपनी कविता देश मिट्टी हवा पानी से बना है, देश पुरखों की कहानी से बना है, खून से हस्ताक्षर कर दे गगन पर, देश उस पागल जवानी से बना है, प्रस्तुत की।
वीर रस के कवि महेंद्र अजनबी दिल्ली ने एक कवि अभी पुराने जमाने के नशे में झूम रहा था इसलिए पाकिस्तान के खिलाफ मिसाइलों के युग में तलवार लिए हुए घूम रहा था प्रस्तुत कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। कवि रमेश शर्मा राजस्थान ने अपनी कविता ‘चांद की बात करते हो धरती पर, अपना घर ही नहीं, रोज बनाते ताजमहल संगमरमर क्या कंकर ही नहीं’, ‘सूखी नदियां नाव लिए तुम बहते हो यू ही, क्या लिखते रहते हो यू ही’ प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कवि सुनील जोगी व तीन अन्य कवियों की किताब का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, सांसद धर्मेन्द्र यादव, सांसद तेजप्रताप यादव, प्रबंधक वेदव्रत गुप्ता ने संचालन कर रहे पूर्व सांसद उदय प्रताप यादव व सभी कवियों का माला पहनाकर व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव, लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव, पी सी एफ सभापति आदित्य यादव, डॉ टी प्रभाकर, जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव, के पी सिंह चौहान राज्यमंत्री, प्रदीप यादव गुन्नौर राज्यमंत्री, मंसूर खान, रविन्द्र श्री वास्तव गुड्डू, विशेष सचिव मुख्यमंत्री जगदेव सिंह, मौजूद रहे।