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दूसरे दिन भी बेअसर रहा पॉलीथिन पर प्रतिबंध
अमर उजाला ब्यूरो इटावा।
Updated Sat, 23 Jan 2016 12:16 AM IST
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दूसरे दिन शुक्रवार को भी शहर में पॉलीथिन पर प्रतिबंध बेअसर दिखाई पड़ा। आम दिनों की तरह धड़ल्ले से पॉलीथिन का इस्तेमाल हुआ।
प्रतिबंध केवल थोक दुकानों पर ही दिखाई दिया। परचून की दुकान हो यादूध, दही और मिठाई के प्रतिष्ठान सभी जगह खाने पीने की वस्तुएं पॉलीथिन में ही रखकर बेची गईं। वहीं, कोई भी प्रशासनिक अधिकारी प्रतिबंध का कड़ाई से पालन करो के लिए बाजार में नजर नहीं आया।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट के आदेश पर प्रदेश सरकार ने 21 जनवरी से पॉलीथिन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा रखा है। शुक्रवार को पॉलीथिन पर प्रतिबंध का दूसरा दिन था लेकिन बाजार में कहीं भी ऐसा कुछ दिखाई नहीं दे रहा था जिससे ऐसा लगे कि पॉलीथिन प्रतिबंधित हो चुकी है।
परचून की दुकान हो यादूध, दही और मिठाई के प्रतिष्ठान सभी जगह खाने पीने की वस्तुएं पॉलीथिन में ही रखकर बेची गईं। यही नहीं कपड़ों और रेडीमेड के शोरूम पर भी बेझिझक पॉलीथिन का इस्तेमाल होता रहा। वहीं, दूसरी ओर हथठेलों पर भी हर दिन की तरह पॉलीथिन का इस्तेमाल होता नजर आया।
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पहले दिन लोग इस बात को लेकर डरे हुए थे कि प्रतिबंध के बाद हो सकता है बाजार में औचक चेकिंग अभियान चलाया जाए और जुर्माना लगे लेकिन किसी भी अधिकारी के चेकिंग पर न आने से व्यापारी अब मान रहे हैं कि प्रतिबंध बस कागजों तक ही सीमित रहेगा।
यही कारण है कि दूसरे दिन बाजार में पॉलीथिन के प्रतिबंध की परवाह किए बिना खुलेआम पॉलीथिन का इस्तेमाल हुआ। खास बात यह रही कि शुक्रवार को भी किसी जिम्मेदार अधिकारी ने यह जानने की जरूरत नहीं समझी कि शहर में प्रतिबंध का पालन हो रहा है या नहीं।
पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से शहर में पॉलीथिन कैरी बैग क ी थोक दुकानें बंद पड़ी हैं। प्रतिबंध के पहले दिन सुबह से शाम तक दुकानों पर ताला लटके रहने से फुटकर व्यापारी पॉलीथिन लेने को इधर उधर भटकते दिखाई दिए।
वहीं दूसरे दिन दुकानें तो बंद रही लेकिन कोई खरीददार इनके इर्द गिर्द नजर नहीं आया। सूत्र बताते हैं कि इन थोक के व्यापारियों ने अब चोरी छुपे पॉलथिन की बिक्री शुरू कर दी है। कुछ व्यापारियों ने दूसरे दिन ही यह कारोबार अपने घर से शुरू कर दिया तो वहीं कुछ थोक व्यापारियों ने गोदाम से ही दुकानदारों को पॉलीथिन उपलब्ध कराई।
नगरपालिका अधिशाषी अधिकारी नीलम चौधरी ने पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाने को लेकर शुक्रवार को कार्यालय में बैठक की। जिसमें पॉलीथिन प्रतिबंध को प्रभावी बनाने के कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
उन्होंने कहा कि पॉलीथिन प्रतिबंध को लेकर शहर में शनिवार से मुनादी कराई जाएगी। इसके बाद सोमवार से सबसे पहले माल जब्ती के साथ 500 रुपये व माल के अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा। दोबारा पॉलीथिन का इस्तेमाल या बिक्री करते पाए जाने पर व्यापारी पर जुर्माना के साथ उसका चालान भी किया जाएगा।
जिसमें उसे नियमों के उल्लंघन में सजा भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि चेकिंग अभियान सिटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में चलाया जाएगा। इसके साथ ही शहर में लगे होर्डिंग बैनर व झंडियों को हटाने की चेतावनी भी जारी कर दी गई है और समय रहते अगर इन्हें नहीं हटाया गया तो नगरपालिका स्वयं इन्हें हटवाकर जब्त कर लेगी।
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प्रतिबंध केवल थोक दुकानों पर ही दिखाई दिया। परचून की दुकान हो यादूध, दही और मिठाई के प्रतिष्ठान सभी जगह खाने पीने की वस्तुएं पॉलीथिन में ही रखकर बेची गईं। वहीं, कोई भी प्रशासनिक अधिकारी प्रतिबंध का कड़ाई से पालन करो के लिए बाजार में नजर नहीं आया।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट के आदेश पर प्रदेश सरकार ने 21 जनवरी से पॉलीथिन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा रखा है। शुक्रवार को पॉलीथिन पर प्रतिबंध का दूसरा दिन था लेकिन बाजार में कहीं भी ऐसा कुछ दिखाई नहीं दे रहा था जिससे ऐसा लगे कि पॉलीथिन प्रतिबंधित हो चुकी है।
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परचून की दुकान हो यादूध, दही और मिठाई के प्रतिष्ठान सभी जगह खाने पीने की वस्तुएं पॉलीथिन में ही रखकर बेची गईं। यही नहीं कपड़ों और रेडीमेड के शोरूम पर भी बेझिझक पॉलीथिन का इस्तेमाल होता रहा। वहीं, दूसरी ओर हथठेलों पर भी हर दिन की तरह पॉलीथिन का इस्तेमाल होता नजर आया।
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पहले दिन लोग इस बात को लेकर डरे हुए थे कि प्रतिबंध के बाद हो सकता है बाजार में औचक चेकिंग अभियान चलाया जाए और जुर्माना लगे लेकिन किसी भी अधिकारी के चेकिंग पर न आने से व्यापारी अब मान रहे हैं कि प्रतिबंध बस कागजों तक ही सीमित रहेगा।
यही कारण है कि दूसरे दिन बाजार में पॉलीथिन के प्रतिबंध की परवाह किए बिना खुलेआम पॉलीथिन का इस्तेमाल हुआ। खास बात यह रही कि शुक्रवार को भी किसी जिम्मेदार अधिकारी ने यह जानने की जरूरत नहीं समझी कि शहर में प्रतिबंध का पालन हो रहा है या नहीं।
पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से शहर में पॉलीथिन कैरी बैग क ी थोक दुकानें बंद पड़ी हैं। प्रतिबंध के पहले दिन सुबह से शाम तक दुकानों पर ताला लटके रहने से फुटकर व्यापारी पॉलीथिन लेने को इधर उधर भटकते दिखाई दिए।
वहीं दूसरे दिन दुकानें तो बंद रही लेकिन कोई खरीददार इनके इर्द गिर्द नजर नहीं आया। सूत्र बताते हैं कि इन थोक के व्यापारियों ने अब चोरी छुपे पॉलथिन की बिक्री शुरू कर दी है। कुछ व्यापारियों ने दूसरे दिन ही यह कारोबार अपने घर से शुरू कर दिया तो वहीं कुछ थोक व्यापारियों ने गोदाम से ही दुकानदारों को पॉलीथिन उपलब्ध कराई।
नगरपालिका अधिशाषी अधिकारी नीलम चौधरी ने पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाने को लेकर शुक्रवार को कार्यालय में बैठक की। जिसमें पॉलीथिन प्रतिबंध को प्रभावी बनाने के कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
उन्होंने कहा कि पॉलीथिन प्रतिबंध को लेकर शहर में शनिवार से मुनादी कराई जाएगी। इसके बाद सोमवार से सबसे पहले माल जब्ती के साथ 500 रुपये व माल के अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा। दोबारा पॉलीथिन का इस्तेमाल या बिक्री करते पाए जाने पर व्यापारी पर जुर्माना के साथ उसका चालान भी किया जाएगा।
जिसमें उसे नियमों के उल्लंघन में सजा भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि चेकिंग अभियान सिटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में चलाया जाएगा। इसके साथ ही शहर में लगे होर्डिंग बैनर व झंडियों को हटाने की चेतावनी भी जारी कर दी गई है और समय रहते अगर इन्हें नहीं हटाया गया तो नगरपालिका स्वयं इन्हें हटवाकर जब्त कर लेगी।