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सपा के मुकुट पर चमका दर्शन का नगीना
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सैफई (इटावा)। मुलायम सिंह यादव और दर्शन सिंह की दोस्ती अब परिवार की दूसरी पीढ़ी में भी गहरी हो गई है। बुधवार को दर्शन सिंह के भतीजे मुकुल यादव को विधान परिषद का टिकट देकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पर मोहर लगा दी। अखिलेश के इस फैसले पर हेवरा में मिठाई बांटी गई।
मुकुल यादव अखिलेश के लिए करहल की सीट छोड़ने वाले सोबरन सिंह यादव के बेटे हैं। बाबू दर्शन सिंह यादव भी इटावा की राजनीति में बड़ा नाम हैं। उनकी मुलायम से गहरी दोस्ती थी, फिर राजनीतिक दूरियां बन गईं। कई बार दर्शन सिंह ने मुलायम सिंह के सामने चुनाव लड़ा। बाद में फिर दोनों दिग्गज गले मिल गए थे। मुलायम सिंह यादव ने दर्शन सिंह को राज्यसभा भेजकर सम्मान दिया था।
दर्शन सिंह के भाई सोबरन सिंह कहरल से कई बार विधायक रहे चुके हैं। इस बार उनकी सीट से सपा प्रमुख अखिलेश विधायक चुने गए हैं। पहले सोबरन सिंह को ही सपा से एमएलसी बनाने की चर्चा चली। सोबरन ने अपनी उम्र का हवाला देकर बेटे मुकुल को विधान परिषद में भेजने का अनुरोध किया।
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अखिलेश ने उनकी बात मानी और मुकुल को बुधवार को नामांकन करा दिया। नामांकन की खबर पर मुकुल के पैतृक गांव हैवरा बहादुरपुर में जश्न मनाया गया। दुकानदारों ने और स्थानीय लोगों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाई।
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मुकुल यादव अखिलेश के लिए करहल की सीट छोड़ने वाले सोबरन सिंह यादव के बेटे हैं। बाबू दर्शन सिंह यादव भी इटावा की राजनीति में बड़ा नाम हैं। उनकी मुलायम से गहरी दोस्ती थी, फिर राजनीतिक दूरियां बन गईं। कई बार दर्शन सिंह ने मुलायम सिंह के सामने चुनाव लड़ा। बाद में फिर दोनों दिग्गज गले मिल गए थे। मुलायम सिंह यादव ने दर्शन सिंह को राज्यसभा भेजकर सम्मान दिया था।
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दर्शन सिंह के भाई सोबरन सिंह कहरल से कई बार विधायक रहे चुके हैं। इस बार उनकी सीट से सपा प्रमुख अखिलेश विधायक चुने गए हैं। पहले सोबरन सिंह को ही सपा से एमएलसी बनाने की चर्चा चली। सोबरन ने अपनी उम्र का हवाला देकर बेटे मुकुल को विधान परिषद में भेजने का अनुरोध किया।
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अखिलेश ने उनकी बात मानी और मुकुल को बुधवार को नामांकन करा दिया। नामांकन की खबर पर मुकुल के पैतृक गांव हैवरा बहादुरपुर में जश्न मनाया गया। दुकानदारों ने और स्थानीय लोगों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाई।