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जवान का शव पहुंचते ही रो पड़ा पूरा गांव
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फोटो संख्या 01 मृतक जवान का फाइल फोटो
- फोटो : ETAWHA
ब्लॉक क्षेत्र के सुनवर्षा गांव के रहने वाले एक बीएसएफ जवान की नई दिल्ली में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी, मंगलवार को शव जैसे ही पैतृक गांव लाया गया तो सभी की आंखें नम हो गईं।
मथुरा 178 बटालियन से आई गारद टीम ने सलामी देकर जवान का अंतिम संस्कार कराया। गांव सुनवर्षा निवासी किसान सर्वेश कुमार त्रिपाठी के ज्येष्ठ पुत्र धर्मेंद्र त्रिपाठी 178वीं बटालियन मथुरा में तैनात थे।
वर्तमान में उनकी तैनाती नई दिल्ली में लाल किले की सुरक्षा में की गई थी। शुक्रवार को ड्यूटी के बाद शाम को जब वे कैंप में लौटकर आए तो खाना खाने के कुछ देर बाद उन्हें बेचैनी हुई।
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जानकारी होते ही साथी जवान पास में स्थित निजी अस्पताल ले गए जहां कुछ देर बाद धर्मेंद्र ने दम तोड़ दिया। शनिवार की सुबह पहुंचे परिजनों ने संदिग्ध हालात में जवान की मौत होने के चलते शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए उच्चाधिकारियों से अनुरोध किया।
रविवार को पोस्टमार्टम के बाद सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर जवान का शव मथुरा भेजा गया जहां से राजकीय सम्मान के साथ में आई टुकड़ी ने पैतृक गांव पहुंचकर जवान को सलामी दी।
धर्मेंद्र के छोटे भाई नारायण त्रिपाठी ने दाह संस्कार किया। जवान के पिता सर्वेश त्रिपाठी किसान हैं तथा उनका छोटा पुत्र भी खेती में हाथ बंटाता है।
जवान धर्मेंद्र त्रिपाठी की नौकरी 2001 में लगी थी तथा 2002 में ट्रेनिंग के बाद स्थायी नियुक्ति मिल गई थी। धर्मेंद्र के दो बेटियां हैं, जिनमें बड़ी बेटी तनु 16 वर्ष ने 10वीं के पेपर दिए हैं तथा छोटी कृष्णा 13 वर्ष की है।
घर का बड़ा बेटा सरकारी सेवा में होने के चलते धर्मेंद्र ही पूरे घर का सहारा था। माता-पिता सहित पत्नी रुचि का रो-रोकर बुरा हाल था। पूरे गांव में धर्मेंद्र के मृदु व्यवहार की चर्चा हर कोई कर रहा है।
जवान की मौत पर ग्राम प्रधान रोहित त्रिपाठी, पूर्व प्रधान प्रतिनिधि सुनील अवस्थी, सपा प्रदेश सचिव अनीता दिवाकर, शिवम त्रिपाठी आदि ने शोक व्यक्त कर व पुष्पांजलि अर्पित की।
छोटे भाई नारायण त्रिपाठी ने बताया कि चिकित्सकों के प्रारंभिक इलाज के अनुसार तो भाई की मौत ब्रेन हैमरेज से हुई है।
फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण का सही पता चल सकेगा। वहीं मृतक के चचेरे भाई आकाश त्रिपाठी, भानु त्रिपाठी, रामु त्रिपाठी सहित बालसखा श्यामू त्रिपाठी व सोनू अवस्थी भी साथी की मौत से हतप्रभ हैं।
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मथुरा 178 बटालियन से आई गारद टीम ने सलामी देकर जवान का अंतिम संस्कार कराया। गांव सुनवर्षा निवासी किसान सर्वेश कुमार त्रिपाठी के ज्येष्ठ पुत्र धर्मेंद्र त्रिपाठी 178वीं बटालियन मथुरा में तैनात थे।
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वर्तमान में उनकी तैनाती नई दिल्ली में लाल किले की सुरक्षा में की गई थी। शुक्रवार को ड्यूटी के बाद शाम को जब वे कैंप में लौटकर आए तो खाना खाने के कुछ देर बाद उन्हें बेचैनी हुई।
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जानकारी होते ही साथी जवान पास में स्थित निजी अस्पताल ले गए जहां कुछ देर बाद धर्मेंद्र ने दम तोड़ दिया। शनिवार की सुबह पहुंचे परिजनों ने संदिग्ध हालात में जवान की मौत होने के चलते शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए उच्चाधिकारियों से अनुरोध किया।
रविवार को पोस्टमार्टम के बाद सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर जवान का शव मथुरा भेजा गया जहां से राजकीय सम्मान के साथ में आई टुकड़ी ने पैतृक गांव पहुंचकर जवान को सलामी दी।
धर्मेंद्र के छोटे भाई नारायण त्रिपाठी ने दाह संस्कार किया। जवान के पिता सर्वेश त्रिपाठी किसान हैं तथा उनका छोटा पुत्र भी खेती में हाथ बंटाता है।
जवान धर्मेंद्र त्रिपाठी की नौकरी 2001 में लगी थी तथा 2002 में ट्रेनिंग के बाद स्थायी नियुक्ति मिल गई थी। धर्मेंद्र के दो बेटियां हैं, जिनमें बड़ी बेटी तनु 16 वर्ष ने 10वीं के पेपर दिए हैं तथा छोटी कृष्णा 13 वर्ष की है।
घर का बड़ा बेटा सरकारी सेवा में होने के चलते धर्मेंद्र ही पूरे घर का सहारा था। माता-पिता सहित पत्नी रुचि का रो-रोकर बुरा हाल था। पूरे गांव में धर्मेंद्र के मृदु व्यवहार की चर्चा हर कोई कर रहा है।
जवान की मौत पर ग्राम प्रधान रोहित त्रिपाठी, पूर्व प्रधान प्रतिनिधि सुनील अवस्थी, सपा प्रदेश सचिव अनीता दिवाकर, शिवम त्रिपाठी आदि ने शोक व्यक्त कर व पुष्पांजलि अर्पित की।
छोटे भाई नारायण त्रिपाठी ने बताया कि चिकित्सकों के प्रारंभिक इलाज के अनुसार तो भाई की मौत ब्रेन हैमरेज से हुई है।
फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण का सही पता चल सकेगा। वहीं मृतक के चचेरे भाई आकाश त्रिपाठी, भानु त्रिपाठी, रामु त्रिपाठी सहित बालसखा श्यामू त्रिपाठी व सोनू अवस्थी भी साथी की मौत से हतप्रभ हैं।