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मुठभेड़ में दबोचे अभिरक्षा से भागे बंदी

Sun, 10 May 2015 11:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Sun, 10 May 2015 11:31 PM IST
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The encounter was finally picked captive fled custody

एक पखवारे पहले पुलिस अभिरक्षा से फरार दोनो बंदियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोच लिया है। बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग भी की थी। उनके  पास से 23 बोर पिस्टल, 315 बोर का तमंचा तथा भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं।

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दोनों पर डीआईजी कानपुर की ओर से 12-12 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पत्रकार वार्ता में प्रभारी एसएसपी सर्वानंद यादव ने बताया कि 23 अप्रैल को शातिर अपराधी विक्रम उर्फ बीटू यादव, नारायण उर्फ डोली को जिला कारागार से पेशी पर भेजा गया था। तभी दोनों पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गए थे।
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उनकी गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच के प्रभारी डीके सिसौदिया को टीम के साथ लगाया गया था। रविवार को क्राइम ब्रांच की टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि पुलिस अभिरक्षा से भागे दोनों बंदी विक्रमपुरा पुलिया के पास मौजूद हैं।
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इस पर क्राइम ब्रांच प्रभारी डीके सिसौदिया ने थानाध्यक्ष सिविल लाइन विनोद यादव की टीम को साथ लेकर मुखबिर के बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर ली। दोनों बंदियों को पुलिस ने आत्मसमर्पण के लिए कहा तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी।

श्री सिसौदिया ने अपनी सर्विस पिस्टल से जवाबी फायरिंग की और टीम के साथ घेराबंदी करते हुए दोनों को दबोच लिया। तलाशी में उनके पास से एक 32 बोर की पिस्टल, एक 315 बोर का तमंचा तथा भारी मात्रा में कारतूस वरामद किए हैं।

प्रभारी एसएसपी ने बताया कि पुलिस अभिरक्षा से भागे दोनों अपराधी मध्यप्रदेश के भिंड जिले में रह रहे थे। रविवार को दोनों अपने साथी रेनू यादव निवासी ऊसराहार के बुलावे पर इटावा आए थे।

उन्होंने बताया कि विक्रम पर हत्या के  प्रयास, लूट, पुलिस मुठभेड़ सहित 14 मामले दर्ज है। इसी प्रकार नारायण उर्फ  डोली पर भी चार मामले विचाराधीन हैं। दोनों को जेल भेज दिया गया है।


प्रधान से बदला लेने के लिए हुए थे फरार
नारायण उर्फ डोली ने बताया कि उसे अपराधी बनाने में प्रधान का भी अहम रोल है। रंजिश के चलते प्रधान ने पुलिस से साठगांठ कर फर्जी मामले दर्ज करवा दिए हैं। बताया कि वह प्रधान से बदला लेने के लिए फरार हुआ था, लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण वह गांव नहीं पहुंच पाया। पुलिस से बचने के लिए वह बीहड़ में रहा था। इसी बीच वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

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