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Etawah News: 33 साल बाद घटना वाली तारीख को आया फैसला

Fri, 23 Feb 2024 01:37 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 23 Feb 2024 01:37 AM IST
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The decision came after 33 years on the date of the incident
इटावा। 33 साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर नौ रुपेंद्र सिहं टैगोर ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई। उस पर 70 हजार का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट इस मामले में तीन दोषियों को वर्ष 2011 में ही सजा सुना दी थी। चौथे दोषी को अब सजा हुई है। यह फैसला उसी तारीख को आया जिस दिन घटना हुई थी।
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अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अजीत प्रताप सिंह तोमर ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र की पुरबिया टोला निवासी जमीला पत्नी नवाब खां ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि उसके पुत्र हसन के पास दो बसें थीं। एक बस में रामौतार दीक्षित की हिस्सेदारी थी। बसों के हिसाब-किताब को लेकर दोनों में अक्सर विवाद होता था। 22 फरवरी 1991 को हसन अपने घर पर था, तभी रामौतार दीक्षित का साला रामजी दुबे उनके घर आया और कहा कि बसों के हिसाब-किताब के लिए पक्का तालाब वाले घर पर बुलाया गया है।
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इस पर हसन सिपाही के पद तैनात पिता नवाब खां और मां के साथ चला गया। दोपहर करीब डेढ़ बजे तीनों रामौतार दीक्षित के पक्का तालाब वाले मकान पर पहुंचे। वहां हिसाब-किताब को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि रामौतार दीक्षित ने अपने साथियों के साथ मिलकर हसन व नवाब खां को गोली मार दी। इससे दोनों की मौत हो गई। बचाने का प्रयास करने पर आरोपियों ने जमीना पर भी हमला कर दिया। हालांकि जमीना को घायल करके आरोपी फरार हो गए थे।
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सूचना पर पुलिस ने छानबीन की। मौके से कारतूस के खोखे बरामद किए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रामौतार दीक्षित, रामजी दुबे, गुड्डन उर्फ सिद्वेश्वर व दिलीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके चारों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने सभी के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में पेश किए। 2011 में सुनवाई के दिन गुड्डन पुलिस हिरासत से फरार हो गया था, जबकि कोर्ट ने तीन आरोपियों को सजा सुना दी थी। पुलिस ने गुड्डन को कुछ साल बाद फिर गिरफ्तार किया। इसकी सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर नौ में हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने गुड्डन को भी दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने उस पर 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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