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गौरैया की चहचहाहट के बिना सूना रहेगा आंगन
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Mon, 21 Mar 2016 12:06 AM IST
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माउंट लिट्रा जी स्कू ल सांई सिटी उदयपुरा में गौरैया संरक्षण का संदेश देते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
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इटावा। विश्व गौरैया दिवस पर रविवार को माउंट लिट्रा जी स्कूल सांई सिटी उदयपुरा में कार्यक्रम का आयोजन किया गया । बच्चों ने गौरैया को स्वतंत्रता तथा उल्लास का प्रतीक मानते हुए विभिन्न पोस्टरों, चित्रकारी, भाषण तथा नाटक आदि के माध्यम से इस पक्षी को बचाने का संदेश दिया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि गौरैया की चहचहाहट तथा कलरव से गुंजार रहने वाले आज हमारा आंगन सूना है । हम सबका यह कर्तव्य है कि इस पक्षी को फिर से संरक्षित करें। उन्होंने कहा कि विलुप्त हो रही गौरैया को बचाने के लिए अपने-अपने मकानों में भी पक्षियाें के घोंसलों की व्यवस्था करनी चाहिए। इस अवसर पर सभी शिक्षकों तथा शिक्षिकाओं ने अपने-अपने घरों में एक एक स्वनिर्मित गौरैया का घोंसला बनाकर टांगने का संकल्प लिया।
प्राथमिक विद्यालय सूखाताल बढ़पुरा एवं समाज उत्थान समिति ने विश्व गौरैया दिवस मनाया।सहायक वन संरक्षक लायन सफारी एनआर सिंह ने गौरैया व किसानों के बीच लाभ एवं हानि के संबंधों की जानकारी दी। लायन सफारी के आरबी उत्तम ने विलुप्त हो रही गौरैया को बचाने पर जोर दिया। इस अवसर पर उपस्थित प्रधान, ग्रामीण व बच्चों को शपथ दिलाई कि ‘‘अपने घर की छतों पर एक कटोरे में पानी दूसरे कटोरे में अनाज रखेंगे’’।
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कार्यक्रम के आयोजक हरीशंकर पटेल ने गौरैया को हम फि र क्यों लायें, हम गौरैया को कैसे बचाएं, कैसे बनाएं नन्हीं गौरैया का घर आदि विषयों पर चर्चा करते हुए विश्व गौरैया दिवस 20 मार्च के महत्व को समझाते हुए आम जनमानस से मदद भी मांगी। इस मौके पर संयोजक प्रधानाध्यापक रमेश चंद्र राजपूत, शशांक पटेल, कंप्यूटर ऑपरेटर लायन सफारी, ग्राम प्रधान महेन्द्र कुमार, पूर्व प्रधान हेतराम राजपूत ने भी विचार व्यक्त किए।
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विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि गौरैया की चहचहाहट तथा कलरव से गुंजार रहने वाले आज हमारा आंगन सूना है । हम सबका यह कर्तव्य है कि इस पक्षी को फिर से संरक्षित करें। उन्होंने कहा कि विलुप्त हो रही गौरैया को बचाने के लिए अपने-अपने मकानों में भी पक्षियाें के घोंसलों की व्यवस्था करनी चाहिए। इस अवसर पर सभी शिक्षकों तथा शिक्षिकाओं ने अपने-अपने घरों में एक एक स्वनिर्मित गौरैया का घोंसला बनाकर टांगने का संकल्प लिया।
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प्राथमिक विद्यालय सूखाताल बढ़पुरा एवं समाज उत्थान समिति ने विश्व गौरैया दिवस मनाया।सहायक वन संरक्षक लायन सफारी एनआर सिंह ने गौरैया व किसानों के बीच लाभ एवं हानि के संबंधों की जानकारी दी। लायन सफारी के आरबी उत्तम ने विलुप्त हो रही गौरैया को बचाने पर जोर दिया। इस अवसर पर उपस्थित प्रधान, ग्रामीण व बच्चों को शपथ दिलाई कि ‘‘अपने घर की छतों पर एक कटोरे में पानी दूसरे कटोरे में अनाज रखेंगे’’।
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कार्यक्रम के आयोजक हरीशंकर पटेल ने गौरैया को हम फि र क्यों लायें, हम गौरैया को कैसे बचाएं, कैसे बनाएं नन्हीं गौरैया का घर आदि विषयों पर चर्चा करते हुए विश्व गौरैया दिवस 20 मार्च के महत्व को समझाते हुए आम जनमानस से मदद भी मांगी। इस मौके पर संयोजक प्रधानाध्यापक रमेश चंद्र राजपूत, शशांक पटेल, कंप्यूटर ऑपरेटर लायन सफारी, ग्राम प्रधान महेन्द्र कुमार, पूर्व प्रधान हेतराम राजपूत ने भी विचार व्यक्त किए।