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डिवाइडर से टकराई कार, डाक्टर की गई जान
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बकेवर (इटावा)। सिक्सलेन हाईवे पर अशोका ढाबा के पास कानपुर जा रही कार शुक्रवार को आवारा सांड़ से टकराने के बाद डिवाइडर से टकरा गई, जिससे कार चला रहे नोएडा के डॉक्टर की मौत हो गई, जबकि साथी महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं।
कार सवार कानपुर में अपने एनजीओ हेल्थ केयर से संबंधित सेमिनार के सिलसिले में जा रहे थेे। बकेवर थाना पुलिस ने एंबुलेंस से दोनों को अस्पताल भिजवाया। जहां डाक्टरों ने डॉ. निखिल शर्मा (27) को मृत घोषित कर दिया, जबकि महिला डॉ. मुक्ता का इलाज किया।
डा. निखिल शर्मा, 32 सीनियर सिटीजन हाउसिंग सोसाइटी सेक्टर नोएडा निवासी सुभाषचंद्र शर्मा के बेटे थे, जबकि गंभीर रूप से घायल महिला डाक्टर मुक्ता नाहर गुरुग्राम की रहने वाली हैं।
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सुभाष चंद शर्मा ने बताया कि डॉक्टर निखिल हेल्थ केयर के नाम से एनजीओ में कार्यरत थे। स्वास्थ्य संबंधी शिविरों सेमिनार के आयोजन होते रहते थे। इसी संबंध में कोई कानपुर में सेमिनार आयोजित करने के लिए कानपुर जा रहे थे।
सीट बेल्ट से बच सकती थी जान
अगर डॉक्टर सीट बेल्ट लगाए होते तो जान बच सकती थी। डॉक्टर निखिल शर्मा सीट बेल्ट नहीं लगाए थे। उनकी महिला सहयोगी डॉक्टर मुक्ता नाहर सीट बेल्ट लगाए हुए थी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने जब कार में दबे दोनों घायलों को निकाला। उस समय डॉ. निखिल शर्मा की सीट बेल्ट नहीं लगी हुई थी।
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कार सवार कानपुर में अपने एनजीओ हेल्थ केयर से संबंधित सेमिनार के सिलसिले में जा रहे थेे। बकेवर थाना पुलिस ने एंबुलेंस से दोनों को अस्पताल भिजवाया। जहां डाक्टरों ने डॉ. निखिल शर्मा (27) को मृत घोषित कर दिया, जबकि महिला डॉ. मुक्ता का इलाज किया।
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डा. निखिल शर्मा, 32 सीनियर सिटीजन हाउसिंग सोसाइटी सेक्टर नोएडा निवासी सुभाषचंद्र शर्मा के बेटे थे, जबकि गंभीर रूप से घायल महिला डाक्टर मुक्ता नाहर गुरुग्राम की रहने वाली हैं।
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सुभाष चंद शर्मा ने बताया कि डॉक्टर निखिल हेल्थ केयर के नाम से एनजीओ में कार्यरत थे। स्वास्थ्य संबंधी शिविरों सेमिनार के आयोजन होते रहते थे। इसी संबंध में कोई कानपुर में सेमिनार आयोजित करने के लिए कानपुर जा रहे थे।
सीट बेल्ट से बच सकती थी जान
अगर डॉक्टर सीट बेल्ट लगाए होते तो जान बच सकती थी। डॉक्टर निखिल शर्मा सीट बेल्ट नहीं लगाए थे। उनकी महिला सहयोगी डॉक्टर मुक्ता नाहर सीट बेल्ट लगाए हुए थी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने जब कार में दबे दोनों घायलों को निकाला। उस समय डॉ. निखिल शर्मा की सीट बेल्ट नहीं लगी हुई थी।