{"_id":"6a1496d93799b9e4cf045388","slug":"term-of-gram-panchayats-ends-469-outgoing-pradhans-to-become-administrators-etawah-news-c-216-1-etw1002-143390-2026-05-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त, 469 निवर्तमान प्रधान बनेंगे प्रशासक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त, 469 निवर्तमान प्रधान बनेंगे प्रशासक
विज्ञापन
- देर शाम आदेश आने के बाद प्रधानों ने ली राहत की सांस
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों के कार्यकाल समाप्ति पर एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। वर्ष 2021 में गठित ग्राम पंचायतों का पांच वर्ष का कार्यकाल 26 मई को पूरा हो रहा है। नई पंचायतों के गठन तक निवर्तमान ग्राम प्रधान ही प्रशासक के रूप में कमान संभालेंगे।
जिले में 469 ग्राम पंचायत हैं। इन सभी में प्रधान हैं। सभी प्रधानों का कार्यकाल आज यानी 26 समाप्त हो रहा था। पंचायत चुनाव टलने के बाद प्रधानों में ग्राम पंचायतों के प्रशासक को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई थी। इस मामले में सोमवार को पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने इसे लेकर आदेश जारी किया है। इसमें जिलों के जिलाधिकारियों को निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक नामित करने का अधिकार दिया गया है। ये प्रशासक अपनी पंचायतों में सामान्य और रोजमर्रा के कार्यों का संचालन करेंगे। उनकी नियुक्ति नई पंचायतों की प्रथम बैठक तक या अधिकतम छह माह के लिए मान्य होगी। मनोनीत प्रशासक कोई बड़ा नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगे। डीपीआरओ रोहित कुमार ने बताया कि आदेश मिल गया है। उसके अनुसार, निवर्तमान प्रधान ही प्रशासन होंगे।
निर्णय का आधार और कार्यप्रणाली
यदि किसी ग्राम पंचायत में अत्यंत आवश्यक या विशेष परिस्थितियों में नीतिगत फैसला लेना अनिवार्य हो। तो प्रशासक को जिलाधिकारी से पहले मंजूरी लेनी होगी। यह प्रस्ताव जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत होगा। उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 की धारा-12 की उपधारा (3-क) के तहत यह विधिक अधिकार है। सरकार ने लोकहित में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है। इससे ग्रामीण कार्यों को बाधित होने से बचाया जा सकेगा। यह आदेश सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों और जिला पंचायत राज अधिकारियों को भेजा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों के कार्यकाल समाप्ति पर एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। वर्ष 2021 में गठित ग्राम पंचायतों का पांच वर्ष का कार्यकाल 26 मई को पूरा हो रहा है। नई पंचायतों के गठन तक निवर्तमान ग्राम प्रधान ही प्रशासक के रूप में कमान संभालेंगे।
जिले में 469 ग्राम पंचायत हैं। इन सभी में प्रधान हैं। सभी प्रधानों का कार्यकाल आज यानी 26 समाप्त हो रहा था। पंचायत चुनाव टलने के बाद प्रधानों में ग्राम पंचायतों के प्रशासक को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई थी। इस मामले में सोमवार को पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने इसे लेकर आदेश जारी किया है। इसमें जिलों के जिलाधिकारियों को निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक नामित करने का अधिकार दिया गया है। ये प्रशासक अपनी पंचायतों में सामान्य और रोजमर्रा के कार्यों का संचालन करेंगे। उनकी नियुक्ति नई पंचायतों की प्रथम बैठक तक या अधिकतम छह माह के लिए मान्य होगी। मनोनीत प्रशासक कोई बड़ा नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगे। डीपीआरओ रोहित कुमार ने बताया कि आदेश मिल गया है। उसके अनुसार, निवर्तमान प्रधान ही प्रशासन होंगे।
विज्ञापन
निर्णय का आधार और कार्यप्रणाली
यदि किसी ग्राम पंचायत में अत्यंत आवश्यक या विशेष परिस्थितियों में नीतिगत फैसला लेना अनिवार्य हो। तो प्रशासक को जिलाधिकारी से पहले मंजूरी लेनी होगी। यह प्रस्ताव जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत होगा। उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 की धारा-12 की उपधारा (3-क) के तहत यह विधिक अधिकार है। सरकार ने लोकहित में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है। इससे ग्रामीण कार्यों को बाधित होने से बचाया जा सकेगा। यह आदेश सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों और जिला पंचायत राज अधिकारियों को भेजा गया है।
विज्ञापन